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रक्षा बंधन पर निबंध (Raksha Bandhan Essay in Hindi)

रक्षा बंधन का शाब्दिक अर्थ रक्षा करने वाला बंधन मतलब धागा है। इस पर्व में बहनें अपने भाई के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और बदले में भाई जीवन भर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। रक्षा बंधन को राखी या सावन के महिने में पड़ने के वजह से श्रावणी व सलोनी भी कहा जाता है। यह श्रावण माह के पूर्णिमा में पड़ने वाला हिंदू तथा जैन धर्म का प्रमुख त्योहार है।

रक्षा बंधन पर छोटे-बड़े निबंध (Short and Long Essay on Raksha Bandhan in Hindi, Raksha Bandhan par Nibandh Hindi mein)

रक्षा बंधन पर निबंध – 1 (250 – 300 शब्द)- raksha bandhan par nibandh.

श्रावणी पूर्णिमा में, रेशम के धागे से बहन द्वारा भाई के कलाई पर बंधन बांधे जाने की रीत को रक्षा बंधन कहते हैं। पहले के समय में, रक्षा के वचन का यह पर्व विभिन्न रिश्तों के अंतर्गत निभाया जाता था पर समय बीतने के साथ यह भाई बहन के बीच का प्यार बन गया है।

रक्षा बंधन का इतिहास

एक बार की बात है, देवताओं और असुरों में युद्ध आरंभ हुआ। युद्ध में हार के परिणाम स्वरूप, देवताओं ने अपना राज-पाठ सब युद्ध में गवा दिया। अपना राज-पाठ पुनः प्राप्त करने की इच्छा से देवराज इंद्र देवगुरु बृहस्पति से मदद की गुहार करने लगे। तत्पश्चात देव गुरु बृहस्पति ने श्रावण मास के पूर्णिमा के प्रातः काल में निम्न मंत्र से रक्षा विधान संपन्न किया।

“येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामभिवध्नामि रक्षे मा चल मा चलः।”

इस पुजा से प्राप्त सूत्र को इंद्राणी ने इंद्र के हाथ पर बांध दिया। जिससे युद्ध में इंद्र को विजय प्राप्त हुआ और उन्हें अपना हारा हुआ राज पाठ दुबारा मिल गया। तब से रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाने लगा।

रक्षा बंधन पर सरकारी प्रबंध

भारत सरकार द्वारा रक्षा बंधन के अवसर पर डाक सेवा पर छूट दी जाती है। इस दिन के लिए खास तौर पर 10 रुपये वाले लिफाफे की बिक्री की जाती है। इस 50 ग्राम के लिफाफे में बहनें एक साथ 4-5 राखी भाई को भेज सकती हैं। जबकी सामान्य 20 ग्राम के लिफाफे में एक राखी ही भेजी जा सकती है। यह ऑफर डॉक विभाग द्वारा बहनों को भेट है अतः यह सुविधा रक्षाबंधन तक ही अपलब्ध रहता है। और दिल्ली में बस, ट्रेन तथा मेट्रो में राखी के अवसर पर महिलाओं से टिकट नहीं लिया जाता है।

उपयुक्त पौराणिक कथा से यह स्पष्ट है की रेशम के धागे को केवल बहन ही नहीं अपितु गुरु भी अपने यजमान की सलामति की कामना करते हुए उसे बांध सकते हैं।

इसे यूट्यूब पर देखें : रक्षा बंधन

रक्षाबंधन पर निबंध– 2 (400 शब्द)

वर्तमान समय में आपसी रंजिश दूर करने हेतु अनेक राजनेताओं द्वारा एक दूसरे को राखी बांधी जा रही है। साथ ही लोग पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़-पौधों को भी राखी के अवसर पर राखी बांधते हैं। प्राचीन समय में ब्राह्मणों व गुरुओं द्वारा अपने शिष्य और यजमान को राखी बांधी जाती थी। पर अब राखी का स्वरूप पहले की अपेक्षा परिवर्तित हो गया है।

रक्षा बंधन मनाने की परंपरागत विधि

इस पर्व पर बहनें सुबह स्नान करके पूजा की थाल सजाती हैं, पूजा की थाल में कुमकुम, राखी, रोली, अक्षत, दीपक तथा मिठाई रखी जाती है। तत्पश्चात घर के पूर्व दिशा में भाई को बैठा कर उसकी आरती उतारी जाती है, सिर पर अक्षत डाला जाता है, माथे पर कुमकुम का तिलक किया जाता है फिर कलाई पर राखी बांधी जाती है। अंत में मीठा खिलाया जाता है। भाई के छोटे होने पर बहनें भाई को उपहार देती हैं अपितु भाई बहनों को उपहार देते हैं।

आधुनिकरण में रक्षा बंधन के विधि का बदलता स्वरूप

पुराने समय में घर की छोटी बेटी द्वारा पिता को राखी बांधी जाती थी इसके साथ ही गुरुओं द्वारा अपने यजमान को भी रक्षा सूत्र बांधा जाता था पर अब बहनें ही भाई के कलाई पर यह बांधती हैं। इसके साथ ही समय की व्यस्तता के कारण राखी के पर्व की पूजा पद्धति में भी बदलाव आया है। अब लोग पहले के अपेक्षा इस पर्व में कम सक्रिय नज़र आते हैं। राखी के अवसर पर अब भाई के दूर रहने पर लोगों द्वारा कुरियर के माध्यम से राखी भेज दिया जाता है। इसके अतिरिक्त मोबाइल पर ही राखी की शुभकामनाएं दे दी जाती हैं।

प्यार के धागे का महंगे मोतियों में बदल जाना

रक्षा बंधन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण रेशम का धागा है, जिसे महिलाएं भावपूर्ण होकर भाई के कलाई पर बांधती हैं पर आज बाजार में अनेक प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं, जिसमें कुछ तो सोने-चांदी की भी हैं। रेशम के सामान्य धागे से बना यह प्यार का बंधन धीरे-धीरे दिखावें में तबदील हो रहा है।

रक्षा बंधन के महत्व को बचाए रखना आवश्यक है

स्वयं को नये जमाने का दिखाने के लिए, हम शुरु से हमारी सभ्यता को पुराना फैशन कह कर भूलाते आए हैं। हमने हमारी पूजा पद्धति बदली है। अतः अपने संस्कृति के रक्षा हेतु हमें हमारे पर्वों के रीति रिवाज में परिर्वतन नहीं करना चाहिए और राखी के पर्व की महत्व को समझते हुए हमें इस पर्व को बनाए गए पूजा पद्धति के अनुसार करना चाहिए।

हमारे पूर्वजों द्वारा बनाए गए पर्वों, त्योहारों व उपवास के विधि-विधान हमारी सभ्यता, संस्कृति के रक्षक है। इन सब से हमारी पहचान है अतः हमें इसे बदलने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

Raksha Bandhan par Nibandh – 3 (500 शब्द)

“बहना ने भाई के कलाई से प्यार बांधा है, प्यार के दो तार से संसार बांधा है” सुमन कल्याणपुर के इस लोकप्रिय गीत ने इन दो पंक्ति में राखी के महत्व का वर्णन किया है। आज महिलाओं द्वारा देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों को सीमा पर जाकर राखी बांधी जाती है क्योंकि वह बाह्य शक्ति से हमारी रक्षा करते हैं। राखी का त्योहार भाई बहन को भावनात्मक तौर पर जोड़ता है।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षा बंधन किस-किस स्थान पर मनाया जाता है

राखी का पर्व मुख्य रूप से भारत तथा नेपाल में मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त मलेशिया तथा अन्य देशों में (जहां भारतीय निवास करते हैं) मनाया जाता है।

रक्षा बंधन का महत्व

यह पर्व भाई-बहन को और समीप ले आता है तथा जिनसे हमारा कोई संबंध नहीं हम उन्हें भी इस पर्व के माध्यम से भाई-बहन बना सकते हैं। राखी के पर्व का महत्व, इतिहास के इस कहानी से लगाया जा सकता है।

चित्तौड़गढ़ की रानी कर्णावती ने जब देखा की उनकी सैनिक बहादुर शाह के सैन्य बल के आगे नहीं टिक पाएगी। ऐसे में रानी कर्णावती ने बहादुर शाह से मेवाड़ की रक्षा हेतु हुमायूँ को राखी भेजा। सम्राट हुमायूँ अन्य धर्म से संबंध रखने के बावजूद राखी के महत्व के वजह से बहादुर शाँह से युद्ध कर रानी कर्णावती को युद्ध में विजय दिलवाया।

राखी के महत्व से जुड़ी प्रसिद्ध पौराणिक कथा

राखी का इतिहास बहुत पुराना है। राखी के प्रचलित कहानियों में द्वापर की यह कहानी सर्वाधिक प्रचलित है, एक बार श्री कृष्ण के उंगली कट जाने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी के एक कोने को फाड़ कर कृष्ण के हाथ पर बांध दिया। कथानुसार द्रौपदी के सबसे मुश्किल समय में श्री कृष्ण ने उस साड़ी के एक टुकड़े का कर्ज, द्रौपदी का चीर हरण होने से बचा कर निभाया। वह साड़ी का टुकड़ा कृष्ण ने राखी समझ कर स्वीकार किया था।

स्कूल में राखी का त्योहार

राखी का पर्व अपने घर के अतिरिक्त स्कूलों में उतने ही प्यार से मनाया जाता है। यह विद्यालयों में राखी के अवकाश से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इसमें बालकों की पूरी कलाई बालिकाओं द्वारा रंग-बिरंगी राखी से भर दिया जाता है। कुछ बालकों की इसमें सहमति नहीं होती है परन्तु परिस्थिति के अनुसार उन्हें यह करना पड़ता है। सच में यह रोचक दृश्य होता है।

जैन धर्म में रक्षा बंधन क्यों और कैसे मनाते हैं ?

जैन धर्म मे रक्षा बंधन का दिन बहुत शुभ माना जाता है इस दिन एक मुनि ने 700 मुनियों के प्राण बचाए थे। इस वजह से जैन धर्म से संबंध रखने वाले लोग इस दिवस पर हाथ में सूत का डोर बांधते हैं।

राखी के पर्व पर भाई-बहन क्या-क्या कर सकते हैं

  • भाई-बहन जहां भी निवास कर रहे हो राखी के समय पर एक-दूसरे से मिल सकते हैं और अवश्य ही मिलना चाहिए।
  • राखी के त्योहार को और ख़ास बनाने हेतु भाई बहन कहीं बाहर घुमने जा सकते हैं।
  • अपने-अपने जीवन में एक-दूसरे के महत्व को बताने के लिए वह उनके पसंद का उपहार उन्हें दे सकते हैं।
  • किसी पुरुष द्वारा महिला के प्रति भाई का फर्ज निभाने पर राखी के अवसर पर महिला उसे विशेष महसूस कराने के लिए राखी बांध सकती हैं।

बहन भाई का रिश्ता खट्टा-मीठा होता है। जिसमें वह आपस में बहुत झगड़ते हैं पर एक-दूसरे से बात किए बिना नहीं रह सकते। राखी का पर्व उनके जीवन में एक-दूसरे के महत्व को बताने का कार्य करता है अतः हम सभी को यह उत्सव परंपरागत विधि से मनाना चाहिए।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi

FAQs: Frequently Asked Questions

उत्तर – रक्षा बंधन भाई बहनों के बीच निःस्वार्थ प्रेम का त्योहार है।

उत्तर – रक्षा बंधन की शुरुआत लगभग 6 हजार वर्ष पहले होने का अनुमान लगाया जाता है।

उत्तर – रक्षा बंधन श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

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रक्षा बंधन पर निबंध : स्टूडेंट्स के लिए रक्षा बंधन पर निबंध 100, 200 और 500 शब्दों में 

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  • Updated on  
  • अगस्त 23, 2023

रक्षा बंधन पर निबंध

रक्षा बंधन या राखी का शुभ त्यौहार लगभग आ गया है। यह श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के दौरान आता है और हमारे भाई-बहनों के साथ हमारे संबंधों का जश्न मनाता है। इस अवसर पर आइए जान लेते हैं 100, 200  और 500 शब्दों में रक्षा बंधन पर निबंध (Rakshabandhan par Nibandh). 

This Blog Includes:

Rakshabandhan par nibandh 100 शब्दों में  , rakshabandhan par nibandh 200 शब्दों में  , प्रस्तावना , रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है, रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है, निष्कर्ष , रक्षा बंधन पर 10 लाइन्स , रक्षा बंधन से जुड़े कुछ तथ्य.

“रक्षाबंधन” एक पर्व है जो भाई-बहन के प्यार को मनाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, जिससे भाई उसकी सुरक्षा का वादा करता है। यह पर्व उनके प्यार और संबंध को मजबूती देता है। इसके साथ ही भाई बहन एक दूसरे को उपहार भी देते हैं और खुशियों का त्योहार मनाते हैं। यह पर्व हमारे संबंधों को मजबूत बनाने का एक अच्छा मौका प्रदान करता है और परिवार के बंधनों को मजबूती देता है। 

200 शब्दों में रक्षाबंधन पर निबंध कुछ इस प्रकार है-

“रक्षाबंधन” भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो भाई-बहन के प्यार और संबंध को मनाता है। यह पर्व श्रावण मास के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, जिसका मतलब होता है कि भाई अपनी बहन की रक्षा करेगा।

राखी का यह परंपरागत आचरण भाई-बहन के प्यार और संबंध की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है। इस दिन बहन अपने भाई को विशेष उपहार देती है और भाई भी उसे प्यार और आशीर्वाद देता है।

रक्षाबंधन एक परिवार में खुशियों और एकता की भावना को बढ़ावा देता है। यह दिन भाई-बहन के बीच विशेष संबंध को मजबूती देता है और उनके प्यार को और भी गहराई देता है। इसके साथ ही, यह पर्व भाई-बहन के आपसी समर्थन और साथीपन की महत्वपूर्णता को भी प्रकट करता है।

समारोह और खास त्योहारी व्यंजन इस दिन को और भी यादगार बनाते हैं। रक्षाबंधन के माध्यम से हम अपने परिवार के महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ समय बिता सकते हैं और उनके साथ खुशियाँ मना सकते हैं।

समानता, समर्पण और प्यार की भावना से भरपूर यह पर्व हमें एक दूसरे के प्रति आदर्श संबंधों की महत्वपूर्णता को याद दिलाता है। इस त्योहार के माध्यम से हम भाई-बहन के बंधन को मजबूती देने के साथ-साथ परिवार के बंधनों की महत्वपूर्णता को भी समझते हैं।

Rakshabandhan par Nibandh 500 शब्दों में

500 शब्दों में रक्षाबंधन पर निबंध कुछ इस प्रकार है – 

“रक्षाबंधन” भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण और दिलचस्प त्योहार है जो भाई-बहन के प्यार और संबंधों को मनाने का अवसर प्रदान करता है। यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और भारत भर में खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

रक्षाबंधन का मतलब होता है “रक्षा की बंधन”। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर विशेष धागा या राखी बांधती है, जिससे भाई उसकी सुरक्षा का आश्वासन देता है। विरोधियों के खिलाफ यह बंधन एक विशेष आचरण होता है जो प्यार और सामंजस्य बंधन को प्रकट करता है।

रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को विशेष उपहार देती है, और भाई भी उसे आशीर्वाद और उपहारों के साथ प्रतिसादित करता है। यह दिन परिवार के सदस्यों के बीच खुशियों और मिलनसार भावनाओं को प्रकट करने का अवसर प्रदान करता है।

इस त्योहार का अर्थ न केवल भाई-बहन के प्यार की महत्वपूर्णता को प्रकट करने में है, बल्कि यह उनके बीच समर्थन, आपसी समझ और सामंजस्य बंधन की महत्वपूर्णता को भी दिखाता है।

रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के प्यार के प्रतीक के रूप में महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, यह एक परिवार के बंधन को मजबूत करने का एक अच्छा मौका प्रदान करता है। यह त्योहार समाज में सामाजिक एकता और परिवार के महत्व की भावना को प्रोत्साहित करता है।

रक्षाबंधन का त्योहार खासकर भारतीय संस्कृति में एकता और सद्भावना की प्रतीक होता है। यह दिन भाई-बहन के प्यार और सामंजस्य बंधन को मजबूत करने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को एक साथ आने का अवसर प्रदान करता है।

रक्षाबंधन के दिन घरों में एक उत्सव की भावना छाई रहती है। बहन राखी तैयारी में खास ध्यान देती है और भाई के लिए विशेष उपहार चुनती है। वे समर्थन और आशीर्वाद की कठिनाइयों का सामना करने का आदान-प्रदान करते हैं और सभी कठिनाइयों को सामने लाने का वचन देते हैं।

इसके अलावा, रक्षाबंधन के दिन समाज में सामाजिक दरारों को दूर करने का भी अवसर होता है। लोग इस दिन अपने दोस्तों, पड़ोसियों और परिवार के बाहरी सदस्यों के साथ एकत्रित होते हैं और उनके साथ समय बिताते हैं। यह एक खुशी का मौका होता है जब लोग अपने आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हैं।

यह त्योहार समाज में नारी के महत्व को भी प्रकट करता है। बहनें अपने भाइयों की रक्षा के लिए राखी बांधकर उन्हें सुरक्षित महसूस कराती हैं, जबकि भाई भी उनके प्यार और समर्थन का प्रतिसाद देते हैं। यह दिन समाज में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है और उन्हें समाज में उच्च स्थान पर रहने का मौका देता है।

समृद्धि और सफलता की कामना के साथ ही, रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और संबंध की महत्वपूर्णता को याद दिलाता है। यह एक विशेष तरीका है जिससे हम अपने प्यारे भाई-बहन के साथ समय बिता सकते हैं और उन्हें अपनी आसीर्वादों से नवाज सकते हैं।

समानता, सद्भावना और परिवार के महत्व की भावना से भरपूर यह पर्व हमें एक दूसरे के प्रति आदर्श संबंधों की महत्वपूर्णता को याद दिलाता है। रक्षाबंधन के माध्यम से हम भाई-बहन के बंधन को मजबूती देने के साथ-साथ परिवार के बंधनों की महत्वपूर्णता को भी समझते हैं।

समग्रता और सामाजिक सद्भावना के साथ, रक्षाबंधन एक परिवार के बंधनों को मजबूत करने का अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। इस त्योहार से हमें यह सीखने को मिलता है कि परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है और हमें उनके साथ खुशियाँ मनानी चाहिए।

रक्षा बंधन पर 10 लाइन्स कुछ इस प्रकार हैं –

  • “रक्षाबंधन” भारतीय परंपरागत त्योहारों में से एक है जो भाई-बहन के प्यार और संबंधों का प्रतीक है।
  • यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जिसमें बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है।
  • राखी के साथ ही बहन अपने भाई को आशीर्वाद देती है और भाई भी उसकी सुरक्षा का वादा करता है।
  • इस त्योहार का महत्व न केवल प्यार और समर्थन को प्रकट करने में है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच आदर्श संबंध की महत्वपूर्णता को भी दिखाता है।
  • रक्षाबंधन एक तरीका है जिससे हम अपने प्यारे भाई-बहन के साथ समय बिता सकते हैं और उन्हें अपनी आशीर्वादों से नवाज सकते हैं।
  • इस दिन बहनें खासकर अपने भाई की रक्षा के लिए तैयारी करती हैं और भाई भी उन्हें उपहारों और आशीर्वादों से प्रतिसादित करते हैं।
  • रक्षाबंधन दिन के रूप में परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समर्थन और प्यार की भावना को बढ़ावा देता है।
  • यह त्योहार समाज में सामाजिक दरारों को दूर करने का भी अवसर प्रदान करता है और लोगों को एक-दूसरे के प्रति समर्पित होने की महत्वपूर्णता को समझाता है।
  • इस पर्व के माध्यम से हम अपने भाई-बहन के प्यार और संबंध को मजबूती देते हैं और उन्हें आपसी समर्थन का संकेत भी देते हैं।
  • रक्षाबंधन हमें एकता, समर्पण और परिवार के महत्व की महत्वपूर्णता को समझने का मौका प्रदान करता है और हमें अपने प्यारे भाई-बहन के साथ खुशियों और समृद्धि के अनुभव की अनुमति देता है।

आइये रक्षा बंधन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जान लेते हैं –

  • रक्षा बंधन को देशभर में ” राखी पूर्णिमा “, या “राखी”, या “राखरी” के नाम से भी जाना जाता है। 

रक्षा बंधन पर निबंध

  • बहन अपने भाई की कलाई पर जो धागा बांधती है वह बहुत शुभ होता है। धागा रक्षा बंधन में ‘बंधन’ भाग को दर्शाता है। यह दो-भाग वाले बंधन को दर्शाता है और सुरक्षा या ‘रक्षा’ का प्रतीक है, जो छोटी बहन अपने भाई से चाहती है।
  • राखी का पवित्र धागा सिर्फ बहनें ही अपने भाइयों को नहीं बांधती हैं। भारत के कुछ क्षेत्रों, जैसे उत्तर प्रदेश, में राखी बहन अपनी भाभी को भी बांधती है। इन राखियों को लुंबा राखी कहा जाता है । साथ ही जिन बहनों की बहनें होती हैं वे एक-दूसरे को राखी बांधती हैं। यही बात केवल भाई-बहन जोड़े पर लागू होती है।
  • रक्षा बंधन के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य जो बहुत से लोगों को नहीं पता है वह यह है कि रक्षा बंधन श्रावण के आखिरी दिन पड़ता है, इसलिए भक्त समुद्र में नारियल प्रार्थना करके भगवान विष्णु के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं। चूंकि महाराष्ट्र एक तटीय क्षेत्र है, इसलिए रक्षा बंधन के दिन को वहां नारियल पूर्णिमा के दिन के रूप में भी जाना जाता है। उनके अपने रीति-रिवाज हैं, जिन्हें महाराष्ट्र के लोग अपने तरीके से निभाते हैं।
  • हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान इंद्र राक्षसों से लड़ने जा रहे थे, तो उनकी पत्नी इंद्राणी ने उनकी कलाई पर एक धागा बांधा था। साथ ही रिश्ते की अहमियत भी बदल गई और बहन ने अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।

Rakshabandhan par Nibandh

  • इस तथ्य के पीछे की पूरी कहानी बहुत कम लोग जानते हैं। इस कथा के अनुसार एक बार पतंग उड़ाते समय भगवान कृष्ण का हाथ कट गया। यह देखकर द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी से कपड़े का एक टुकड़ा फाड़कर कृष्ण को बांध दिया। बदले में, भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को किसी भी परिस्थिति में रक्षा करने का वादा किया। बाद में, भगवान कृष्ण ने चीर हरण के दौरान द्रौपदी की रक्षा की।
  • हरियाणा में, राज्य त्योहार से एक दिन पहले और त्योहार के दिन महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा करता है ताकि वे अपने भाई के घर जा सकें और त्योहार मना सकें। इतना ही नहीं, अठारह साल या उससे कम उम्र के पुरुष वयस्क को भी महिला के साथ मुफ्त यात्रा की अनुमति है।
  • ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने राक्षस राजा बलि को वरदान दिया था कि वह उनके महल में ही रहेगा, लेकिन देवी लक्ष्मी ऐसा नहीं करना चाहती थीं। उन्होंने बाली को राखी बांधी और बदले में उनसे भगवान विष्णु को जाने देने को कहा।
  • राखी का त्यौहार बहनों और भाइयों के बीच एक सार्वभौमिक बंधन का प्रतिनिधित्व करने की अपनी सुंदर प्रकृति के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका, श्रीलंका, नेपाल, मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात में मनाया जाता है।

रक्षा बंधन पर निबंध

  • यह मुख्य रूप से भारत और दुनिया भर में हिंदुओं और जैनियों द्वारा मनाया जाता है। फिर भी, यह मुस्लिम, सिख, बौद्ध और ईसाई सहित अन्य धर्मों द्वारा भी संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।
  • नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर ने 1905 में बंगाल विभाजन के दौरान हिंदुओं और मुस्लिम समुदाय के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए रक्षाबंधन त्योहार का इस्तेमाल किया।

रक्षा बंधन का त्योहार इस साल दोनों दिन यानी बुधवार, 30 अगस्त और गुरुवार, 31 अगस्त को मनाया जाएगा।

रक्षा बंधन भाई बहनों के बीच निःस्वार्थ प्रेम का त्योहार है। रक्षाबंधन एक परंपरागत भारतीय त्योहार है जिसमें बहन अपने भाई के कलाई पर रक्षा बंधती है और उनकी लम्बी आयु और सुरक्षा की कामना करती है।

रक्षा बंधन की शुरुआत लगभग 6 हजार वर्ष पहले होने का अनुमान लगाया जाता है।

रक्षा बंधन श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो भारतीय हिन्दू पंचांग के अनुसार आता है (जुलाई या अगस्त महीने में)।

रक्षाबंधन में बहन अपने भाई के कलाई पर राखी बांधती है, जो एक परिप्रेक्ष्य में आभूषण होता है। इसके बाद, वे एक दूसरे को मिठाइयों और उपहारों के साथ बधाई देते हैं।

राखी एक परिप्रेक्ष्य में बनी धागा होती है जिसे बहन अपने भाई की कलाई पर बांधती है। यह बंधन उनके प्यार और सम्मान का प्रतीक होता है।

रक्षाबंधन का महत्व बहन और भाई के प्यार और सख्त बंधन को साझा करने में होता है। यह एक परिवारिक त्योहार है जो परिवार के सदस्यों को एक साथ लाता है और उनके आपसी संबंधों को मजबूती देता है।

यह था Rakshabandhan par Nibandh (रक्षा बंधन पर निबंध) पर हमारा ब्लॉग। इसी तरह के अन्य निबंध से सम्बंधित ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बनें रहें।

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विशाखा सिंह

A voracious reader with degrees in literature and journalism. Always learning something new and adopting the personalities of the protagonist of the recently watched movies.

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रक्षाबंधन पर निबंध (Raksha Bandhan Essay in Hindi) - कक्षा 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के लिए रक्षा बंधन पर निबंध

Updated On: September 29, 2023 12:37 pm IST

रक्षाबंधन कब है (Rakshabandhan Kab Hai?)

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रक्षाबंधन पर निबंध

रक्षाबंधन पर निबंध (Essay on Raksha Bandhan): श्रावणी पूर्णिमा के दिन रेशम के धागे से बहन द्वारा भाई के कलाई पर बंधन बांधे जाने की रीत को 'रक्षा बंधन' कहते हैं। पहले के समय में, रक्षा के वचन का यह पर्व विभिन्न रिश्तों के अंतर्गत निभाया जाता था पर समय बीतने के साथ यह भाई बहन के बीच का प्यार बन गया है। जिसे बड़ी ही खुशी के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, जिससे भाई उसकी सुरक्षा का वचन देता है। यह पर्व उनके प्यार और संबंध को मजबूती देता है। इसके साथ ही भाई बहनों को उपहार भी देते हैं और खुशियों का त्योहार मनाते हैं। यह पर्व हमारे संबंधों को मजबूत बनाने का एक अच्छा मौका लेकर आता है और परिवार के बंधनों को मजबूत बनाता है।  ये भी पढ़ें -  महात्मा गांधी पर निबंध

रक्षाबंधन पर निबंध 200 शब्दों में (Raksha Bandhan Essay in Hindi in 200 words)

रक्षाबंधन पर निबंध 200 शब्दों में कुछ इस प्रकार है-

“रक्षाबंधन” भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो भाई-बहन के प्यार और संबंध को मनाता है। यह पर्व श्रावण मास के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, जिसका मतलब होता है कि भाई अपनी बहन की रक्षा करेगा। इसके साथ भाई अपनी बहन को उपहार भी देता है।

राखी का यह परंपरागत आचरण भाई-बहन के प्यार और संबंध की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है। रक्षाबंधन एक परिवार में खुशियों और एकता की भावना को बढ़ावा देता है। यह दिन भाई-बहन के बीच विशेष संबंध को मजबूती देता है और उनके प्यार को और भी गहराई देता है। इसके साथ ही, यह पर्व भाई-बहन के आपसी समर्थन और साथीपन की महत्वपूर्णता को भी प्रकट करता है। इस दिन प्रातः स्नानादि करके लड़कियाँ और महिलाएँ पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक, मिठाई, फूल और कुछ पैसे भी होते हैं। लड़के और पुरुष तैयार होकर टीका करवाने के लिये पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। पहले अभीष्ट देवता की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर फूलों को छिड़का जाता है, उसकी आरती उतारी जाती है और दाहिनी कलाई पर राखी बाँधी जाती है। भाई बहन को उपहार या धन देता है। इस प्रकार रक्षाबन्धन के अनुष्ठान को पूरा करने के बाद ही भोजन किया जाता है। प्रत्येक पर्व की तरह उपहारों और खाने-पीने के विशेष पकवानों का महत्त्व रक्षाबन्धन में भी होता है। आमतौर पर दोपहर का भोजन महत्त्वपूर्ण होता है और रक्षाबन्धन का अनुष्ठान पूरा होने तक बहनों द्वारा व्रत रखने की भी परम्परा है। यह पर्व भारतीय समाज में इतनी व्यापकता और गहराई से समाया हुआ है कि इसका सामाजिक महत्त्व तो है ही, धर्म, पुराण, इतिहास, साहित्य और फ़िल्में भी इससे अछूते नहीं हैं। यह बहुत ही खास त्योहार होता है। इस त्योहार को बहुत खुशी से मनाते है और सभी रश्में पूरी करते है।

समारोह और खास त्योहारी व्यंजन इस दिन को और भी ज्यादा यादगार बनाते हैं। रक्षाबंधन के माध्यम से हम अपने परिवार के महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ समय बिता सकते हैं और उनके साथ खुशियाँ मना सकते हैं। समानता, समर्पण और प्यार की भावना से भरपूर यह पर्व हमें एक दूसरे के प्रति आदर्श संबंधों की महत्वपूर्णता को याद दिलाता है। इस त्योहार के माध्यम से हम भाई-बहन के बंधन को मजबूती देने के साथ-साथ परिवार के बंधनों की महत्वपूर्णता को भी समझते हैं। भाषण पर हिंदी में लेख पढ़ें- 

रक्षाबंधन पर निबंध 500+ शब्दों में (Raksha Bandhan Essay in Hindi in 500+ Words)

हमारा देश अनेक रिश्तों के बंधनों में बंधा हुआ देश है, जिसमें से एक पवित्र रिश्ता भाई और बहन का भी है, जो प्रेम की एक ऐसी अटूट डोर से बंधा हुआ है जिसे चाह कर भी कभी तोड़ा नहीं जा सकता। रक्षाबंधन के दिन राखी का विशेष महत्त्व होता है। वैसे तो राखी कच्चे धागे से बनी होती है, पर जब ये रक्षाबंधन पर्व के दिन भाई की दाहिनी कलाई में बंधती है, तो वह बहन का रक्षासूत्र बन जाती है। जिसमें बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु की कामना करती हैं और भाई भी जीवनभर अपनी बहनों की रक्षा करने का वचन देते हैं। श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाये जाने वाले रक्षाबंधन के पर्व को राखी (Rakhi) का त्योहार भी कहते हैं।

रक्षाबंधन कब मनाया जाता है (When is Raksha Bandhan celebrated?)

रक्षाबन्धन भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डोर में बांधता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है वहीं अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि अगस्त के महीने में आती है। इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बन्धन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं। यह एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) भी कहते हैं। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व होता है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बाँधी जाती है। रक्षाबंधन के दिन बाजार मे कई सारे उपहार बिकते है, उपहार और नए कपड़े खरीदने के लिए बाज़ार मे लोगों की सुबह से शाम तक भीड़ होती है और घर मे मेहमानों का आना जाना रहता है।

रक्षाबंधन पर निबंध (Raksha Bandhan Essay in Hindi) - भाई-बहन के प्यार का प्रतीक

रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के बीच पवित्र प्रेम के प्रतीक को सदियों से दर्शाता हुआ चला आ रहा है। रक्षाबंधन का अर्थ होता है रक्षा का बंधन। जब एक भाई रक्षासूत्र के समान राखी अपनी कलाई में बांध लेता है, तो वह इस पवित्र प्रेम बंधन से बंध जाता है और अपने प्राणों की चिंता किये बिना भी हर हाल में अपनी बहन की रक्षा करता है। रक्षाबंधन भाई और बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक के साथ-साथ भाई-बहन के रिश्ते की अटूट डोर का भी प्रतीक है। रक्षाबंधन का त्योहार भावनाओं और संवेदनाओ का त्योहार है, जिसमें हर भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन उसे देता है। हर भाई-बहन को रक्षाबंधन के दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है जिसे बड़ें ही खुशियों के साथ मनाते है।

रक्षाबंधन की तैयारियाँ (Preparations for Rakshabandhan)

इस दिन बहने प्रात: काल में स्नानादि करके, कई प्रकार के पकवान बनाती है, इसके बाद पूजा की थाली सजाई जाती है। पूजा की थाली में राखी के साथ कुमकुम रोली, हल्दी, चावल, दीपक, अगरबती, मिठाई रखी जाती है। भाई को बिठाने के लिये उपयुक्त स्थान का चयन किया जाता है।

सबसे पहले अपने ईष्ट देव की पूजा की जाती है। भाई को चयनित स्थान पर बिठाया जाता है, इसके बाद कुमकुम हल्दी से भाई का टीका करके चावल का टीका लगाया जाता है और अक्षत सिर पर छिडके जाते है, आरती उतारी जाती है और भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। सब अनूष्ठान पूरा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती है। भारत के अन्य त्यौहारों की तरह इस त्यौहार पर भी उपहार और पकवान अपना विशेष महत्व रखते है।

रक्षाबंधन का महत्त्व (Importance of Raksha Bandhan)

रक्षा बंधन का पर्व विशेष रुप से भावनाओं और संवेदनाओं का पर्व है, यह एक ऐसा बंधन है जो दो जनों को स्नेह की धागे से बांधता है। रक्षा बंधन को भाई - बहन तक ही सीमित रखना सही नहीं होगा बल्कि ऐसा कोई भी बंधन जो किसी को भी बांध सकता है। भाई - बहन के रिश्तों की सीमाओं से आगे बढ़ते हुए यह बंधन आज गुरु का शिष्य को राखी बांधना, एक भाई का दूसरे भाई को, बहनों का आपस में राखी बांधना और दो मित्रों का एक-दूसरे को राखी बांधना, माता-पिता का संतान को राखी बांधना हो सकता है। आज के परिपेक्ष्य में राखी केवल बहन का रिश्ता स्वीकारना नहीं है अपितु राखी का अर्थ है, जो यह श्रद्धा व विश्वास का धागा बांधता है वह राखी बंधवाने वाले व्यक्ति के दायित्वों को स्वीकार करता है उस रिश्ते को पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश करता है।

रक्षाबंधन का पौराणिक प्रसंग (Mythological of Raksha-Bandhan)

राखी का त्योहार कब शुरू हुआ यह कोई नहीं जानता। लेकिन भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है कि देव और दानवों में जब युद्ध शुरू हुआ तब दानव हावी होते नज़र आने लगे। एक बार दैत्‍य वृत्रासुर ने इंद्र का सिंहासन हासिल करने के लिए स्‍वर्ग पर चढ़ाई कर दी, वृत्रासुर बहुत ताकतवर था और उसे हराना आसान नहीं था। युद्ध में देवराज इंद्र की रक्षा के लिए उनकी बहन इंद्राणी ने अपने तपोबल से एक रक्षासूत्र तैयार किया और इंद्र की कलाई पर बांध दिया। युद्ध में देवराज इंद्र की रक्षा के लिए उनकी बहन इंद्राणी ने अपने तपोबल से एक रक्षासूत्र तैयार किया और इंद्र की कलाई पर बांध दिया।संयोग से वह श्रावण पूर्णिमा का दिन था। लोगों का विश्वास है कि इन्द्र इस लड़ाई में इसी धागे की मन्त्र शक्ति से ही विजयी हुए थे। उसी दिन से श्रावण पूर्णिमा के दिन यह धागा बाँधने की प्रथा चली आ रही है। यह धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने में पूरी तरह समर्थ माना जाता है। इतिहास में श्री कृष्ण और द्रौपदी की कहानी भी प्रसिद्ध है, जिसमें जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया तब उनकी तर्जनी में चोट आ गई। द्रौपदी ने उस समय अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उँगली पर पट्टी बाँध दी, और इस उपकार के बदले श्री कृष्ण ने द्रौपदी को किसी भी संकट में द्रौपदी की सहायता करने का वचन दिया था और उसी के चलते कृष्ण ने इस उपकार का बदला बाद में चीरहरण के समय उनकी साड़ी को बढ़ाकर चुकाया। कहते हैं परस्पर एक दूसरे की रक्षा और सहयोग की भावना रक्षाबन्धन के पर्व में यहीं से प्रारम्भ हुई।

रक्षाबंधन का ऐतिहासिक प्रसंग (Historical context of Raksha-Bandhan)

रक्षाबंधन का साहित्यिक प्रसंग (literary context of raksha-bandhan), रक्षाबंधन का सामाजिक प्रसंग (social context of raksha bandhan).

ऐसा माना जाता है कि राखी के रंगबिरंगे धागे भाई-बहन के प्यार के बन्धन को मज़बूत करते है। यह एक ऐसा पावन पर्व है जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को पूरा आदर और सम्मान देता है। रक्षाबन्धन आत्मीयता और स्नेह के बन्धन से रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने का पर्व है। रक्षाबन्धन आत्मीयता और स्नेह के बन्धन से रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने का पर्व है। यही कारण है कि इस अवसर पर न केवल बहन भाई को ही अपितु अन्य सम्बन्धों में भी रक्षा (या राखी) बाँधने का प्रचलन है। गुरु शिष्य को रक्षासूत्र बाँधता है तो शिष्य गुरु को। भारत में प्राचीन काल में जब स्नातक अपनी शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात गुरुकुल से विदा लेता था तो वह आचार्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उसे रक्षासूत्र बाँधता था। जबकि आचार्य अपने विद्यार्थी को इस कामना के साथ रक्षासूत्र बाँधता था कि उसने जो ज्ञान प्राप्त किया है वह अपने भावी जीवन में उसका समुचित ढंग से प्रयोग करे ताकि वह अपने ज्ञान के साथ-साथ आचार्य की गरिमा की रक्षा करने में भी सफल हो। इसी परम्परा के अनुरूप आज भी किसी धार्मिक विधि विधान से पूर्व पुरोहित यजमान को रक्षासूत्र बाँधता है और यजमान पुरोहित को। इस प्रकार दोनों एक दूसरे के सम्मान की रक्षा करने के लिये परस्पर एक दूसरे को अपने बन्धन में बाँधते हैं। रक्षाबन्धन पर्व सामाजिक और पारिवारिक एकबद्धता या एकसूत्रता का सांस्कृतिक उपाय रहा है।

स्वतंत्रता संग्राम में रक्षाबंधन की भूमिका (Role of Raksha-Bandhan in Freedom Struggle)

स्वतंत्रता संग्राम काल में रक्षाबंधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, जो भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता को संरक्षित करता था।

राष्ट्रीय एकता को समर्थन: स्वतंत्रता संग्राम के समय, रक्षा बंधन ने लोगों को राष्ट्रीय एकता और समरसता की भावना के साथ एकजुट किया। भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में भारतीयों ने एकत्र होकर विदेशी शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष किया। रक्षा बंधन के अवसर पर भाई-बहन एक-दूसरे के साथ आदर्श एकता का प्रतीक बन जाते थे। राष्ट्रीय भाव को उत्साहित करना: रक्षा बंधन स्वतंत्रता संग्राम के समय राष्ट्रीय भाव को उत्साहित करता था। भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए जान की बाजी लगाई थी, और रक्षा बंधन के अवसर पर उन्हें समर्थन मिलता था और उनके लिए दुआएं बनती थी।

आत्मनिर्भरता की प्रेरणा: स्वतंत्रता संग्राम के समय रक्षा बंधन ने भारतीयों को आत्मनिर्भरता की प्रेरणा दी। देश को स्वतंत्र बनाने के लिए, भारतीयों को अपने आप को सशक्त बनाने और देश के लिए स्वयं को समर्पित करने की जरूरत थी। रक्षा बंधन ने इस आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित किया और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को शक्तिशाली बनाया। संबंधों को मजबूत करना: रक्षा बंधन के त्योहार ने भारतीयों के संबंधों को मजबूत किया। भाई-बहन के प्रेम और सम्मान को बढ़ावा देने से उनके बीच एक गहरा बंधन बनता था, जो आपसी समरसता को बढ़ावा देता था।

रक्षाबंधन पर सरकारी प्रबंध (Government arrangements on Raksha Bandhan)

भारत सरकार द्वारा रक्षा बंधन के अवसर पर डाक सेवा पर छूट दी जाती है। इस दिन के लिए खास तौर पर 10 रुपये वाले लिफाफे की बिक्री की जाती है। इस 50 ग्राम के लिफाफे में बहनें एक साथ 4-5 राखी भाई को भेज सकती हैं। जबकी सामान्य 20 ग्राम के लिफाफे में एक राखी ही भेजी जा सकती है। यह ऑफर डॉक विभाग द्वारा बहनों को भेट है अतः यह सुविधा रक्षाबंधन तक ही अपलब्ध रहता है। और दिल्ली में बस, ट्रेन तथा मेट्रो में राखी के अवसर पर महिलाओं से टिकट नहीं लिया जाता है। इसके अलावा और भी प्रदेशों में राखी के दिन महिलाओं के लिए बस की सुविधा फ्री की जाती है।

राखी और आधुनिक तकनीकी माध्यम (Rakhi and modern technical means)

आज के आधुनिक तकनीकी युग एवं सूचना सम्प्रेषण युग का प्रभाव राखी जैसे त्योहार पर भी पड़ा है। बहुत सारे भारतीय आजकल विदेश में रहते हैं एवं उनके परिवार वाले (भाई एवं बहन) अभी भी भारत या अन्य देशों में हैं। इण्टरनेट के आने के बाद कई सारी ई-कॉमर्स साइट खुल गयी हैं, जो ऑनलाइन आर्डर लेकर राखी दिये गये पते पर पहुँचाती है। इससे देश-विदेश रहने वाले भाई-बहनों के लिए भी यह त्योहार मनाना आसान हो गया है। इस तरह आज के आधुनिक विकास के कारण दूर-दराज़ में रहने वाले भाई-बहन जो राखी पर मिल नहीं सकते, आधुनिक तरीकों से एक दूसरे को देख और सुन कर इस पर्व को सहर्ष मनाते हैं।

उपसंहार (Epilogue)

रक्षाबंधन पर निबंध 10 लाइनों में (raksha bandhan essay in hindi in 10 lines).

  • रक्षा बंधन का त्योहार सावन के महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
  • रक्षा बंधन का त्योहार भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है, जिससे कई प्राचीन कहानियां जुड़ी हुई हैं।
  • राखी के साथ ही बहन अपने भाई को आशीर्वाद देती है और भाई भी उसकी सुरक्षा का वादा करता है।
  • इस त्योहार का महत्व न केवल प्यार और समर्थन को प्रकट करने में है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच आदर्श संबंध की महत्वपूर्णता को भी दिखाता है।
  • इस दिन बहनें खासकर अपने भाई की रक्षा के लिए तैयारी करती हैं और भाई भी उन्हें उपहार और आशीर्वाद देते हैं।
  • रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहनों के प्रेम के साथ साथ एक-दूसरे के प्रति अपने कर्तव्यों का एहसास भी कराता है।
  •  रक्षा बंधन पर बहने अपने भाई के लिए उपवास राखित है और उन्हें राखी बंधने के बाद अपना व्रत तोड़ती है।
  • जो बहनें अपने भाइयों के साथ नहीं रहती, वह अपने भाई को राखी डाक, ईमेल और ऑनलाइन भेजती हैं।
  • रक्षाबंधन पर सारे बाजार सज जाते हैं और दुकानों पर रंग बिरंगी मिठाइयां भी सजी होती है, हर तरफ प्यार का माहौल होता है।
  • हिंदू धर्म ग्रन्थों में रक्षा बंधन के पर्व का महत्व बताया गया है और इंद्रा देव और राजा बली की कहानी भी प्रचलित है।

अतः रक्षाबंधन आपसी प्यार सम्मान और एकजुटता को दर्शाने वाला त्यौहार है जिसके मनाने के तर्क तो बहुत है परंतु सब का उद्देश्य आपसी प्यार ही है। भाई बहन को मिलकर इस त्यौहार को बड़े प्यार से और अपनेपन के साथ पुराने सभी गिले-शिकवे भुलाते हुए मनाना चाहिए। समग्रता और सामाजिक सद्भावना के साथ, रक्षाबंधन एक परिवार के बंधनों को मजबूत करने का अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। इस त्योहार से हमें यह सीखने को मिलता है कि परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है और हमें उनके साथ खुशियाँ मनानी चाहिए। ऐसे ही और निबंध के लिए CollegeDekho के साथ जुड़ें रहें। निबंध संबधित आर्टिकल्स पढ़ें-

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रक्षा बंधन का शाब्दिक अर्थ रक्षा करने वाला बंधन है। इस पर्व में बहनें अपने भाई के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और बदले में भाई जीवन भर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। रक्षा बंधन को राखी या सावन के महिने में पड़ने के वजह से श्रावणी व सलोनी भी कहा जाता है।

इतिहास के पन्नों को देखें तो इस त्योहार की शुरुआत की उत्पत्ति लगभग 6 हजार साल पहले बताई गई है। इसके कई साक्ष्य भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। रक्षाबंधन की शुरुआत का सबसे पहला साक्ष्य रानी कर्णावती व सम्राट हुमायूँ हैं।

राखी बांधने के बाद बहनें अपने भाइयों को रोली (लाल तिलक), अक्षत और दीपक लगाती हैं। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा बांधती हैं, ऐसा माना जाता है कि इससे भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है। बदले में, भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और जीवन भर उनकी रक्षा करने का वादा करते हैं।

क्षा बंधन मनाने के पीछे की कहानी यह है कि जब यमुना ने यम को राखी बांधी, तो मृत्यु के देवता ने उसे अमरता प्रदान की। ऐसा कहा जाता है कि वह इस भाव से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने घोषणा की कि जो भी भाई राखी बांधेगा और अपनी बहन की रक्षा करने की पेशकश करेगा, वह भी अमर हो जाएगा।

रक्षाबंधन का पर्व प्रेम और पवित्रता का पर्व है। यह पर्व भाई और बहनों के लिए एक दूसरे की लंबी उम्र और सुखद जीवन की कामना करने का दिन होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं भाई उन्हें कोई तोहफा देने के साथ-साथ जीवन भर के सुख-दुख में उनका साथ देने का वादा करते हैं। इस पर्व की वजह से भाई-बहनों के रिश्तों में और मजबूती आती है।

रक्षाबंधन  30 और 31 अगस्त दोनों ही दिन मनाया जायेगा लेकिन भद्रा के साए की वजह से शुभ मुहूर्त का खास ख्याल रखना होगा। 30 अगस्त को लगभग पूरे दिन ही भद्रा का साया रहेगा और 31 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सिर्फ सुबह कुछ देर तक ही है। 

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रक्षाबंधन पर निबंध – (Raksha Bandhan Essay in Hindi) 100, 200, 300, 500, शब्दों मे 10 lines Short and long Essay

essay on raksha bandhan in hindi 150 words

Raksha Bandhan Essay in Hindi – रक्षा बंधन एक हिंदू त्योहार है जो आपसी प्रेम, देखभाल और सुरक्षा के भाई-बहन के बंधन का जश्न मनाता है। यह सावन महीने में मनाया जाता है Raksha Bandhan Essay और मानसून के आगमन को चिह्नित करता है, जो आमतौर पर अगस्त के ग्रेगोरियन महीने के अनुरूप होता है। परंपरागत रूप से, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर उनके प्यार और स्नेह के प्रतीक के रूप में “रक्षा” बांधती हैं। वहीं भाइयों ने अपनी बहनों की हर हाल में रक्षा करने का संकल्प लिया। 

Raksha Bandhan Essay – रस्में समाप्त होने के बाद, भाई अपनी बहन को भाव वापस करने के लिए उपहार देता है। कुछ समुदायों में भाई की अपनी बहन के ससुराल जाने की परंपरा है, अगर वह शादीशुदा है, और रक्षा बंधन मनाने के लिए उसे अपने माता-पिता के घर वापस ले जाती है। रक्षा बंधन के त्योहार में अन्य हिंदू त्योहारों की तरह धूमधाम और शो का अभाव है, लेकिन, यह एक प्रमुख पारिवारिक कार्यक्रम है और उत्साह के साथ मनाया जाता है, हालांकि निजी तौर पर।

निबंध सरल हिन्दी भाषा में लिखे गए हैं ताकि आप इसे आसानी से याद कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तुत कर सकें।

रक्षा बंधन निबंध के माध्यम से आपको त्योहार के बारे में सभी उपयोगी जानकारी मिल जाएगी, अर्थात रक्षा बंधन कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है, रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है, रक्षा बंधन का महत्व आदि।

आप इन निबंधों से एकत्रित जानकारी का उपयोग अपने स्कूल या कॉलेज में निबंध लेखन, वाद-विवाद या भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कर सकते हैं।

रक्षाबंधन निबंध पर 10 पंक्तियाँ (10 Lines on Raksha Bandhan Essay in Hindi)

  • 1) रक्षा बंधन भारत के विभिन्न हिस्सों में मनाया जाने वाला एक हिंदू त्योहार है।
  • 2) रक्षा बंधन अगस्त के महीने में श्रावण के अंतिम दिन मनाया जाता है।
  • 3) रक्षा बंधन भाइयों और बहनों के बीच बंधन, देखभाल और स्नेह का प्रतीक है।
  • 4) रक्षा बंधन के दिन बहनें कुमकुम, दीया, चावल, मिठाई और राखी से पूजा की थाली तैयार करती हैं।
  • 5) बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके माथे पर ‘रोली चावल’ लगाती है।
  • 6) रक्षा बंधन के त्योहार पर बहन अपने भाई की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना करती है।
  • 7) रक्षा बंधन पर भाई अपनी बहन की जीवन भर रक्षा करने का संकल्प लेता है।
  • 8) मिठाइयों और उपहारों का आदान-प्रदान भी रक्षा बंधन के त्योहार की महत्वपूर्ण प्रथाएं हैं।
  • 9) दिन के समय स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर भी रक्षाबंधन मनाया जाता है।
  • 10) इस अवसर को मनाने के लिए लोग विशेष रूप से महिलाएं जातीय कपड़े पहनती हैं।

रक्षा बंधन पर 100 शब्दों का निबंध (Shot Essay On Raksha Bandhan 100 Words in Hindi)

रक्षाबंधन भाई और बहन के बंधन का उत्सव है। यह भारत में व्यापक रूप से मनाया जाता है, हालांकि अक्सर धार्मिक सीमाएं कम हो जाती हैं, और हम इस त्योहार के अंतर-धार्मिक उत्सव को भी देखते हैं। त्योहार आमतौर पर हिंदू कैलेंडर के सावन महीने के आखिरी दिन मनाया जाता है। यह आमतौर पर अगस्त में पड़ता है।

इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा बांधती हैं और धागा रक्षा का प्रतीक होता है। भाइयों ने बहनों की रक्षा का वचन लिया और उन्हें उपहार दिए। मिष्ठान और व्यंजन भी बनाए जाते हैं। हवा में खुशी और आराम और खुशी की लहर है।

रक्षा बंधन पर 200 शब्दों का निबंध (200 Words Essay On Raksha Bandhan in Hindi)

Raksha Bandhan Essay – जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भाई-बहन हमारे दिल में एक खास जगह रखते हैं। हालाँकि, एक भाई और बहन का विशेष बंधन बहुत ही अनूठा होता है। एक-दूसरे के प्रति उनकी जो परवाह है, उसकी कोई सीमा नहीं है। वे जो प्यार साझा करते हैं वह तुलना से परे है। रक्षाबंधन सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। रक्षा का अर्थ है सुरक्षा, और बंधन का अर्थ है बंधन। इसलिए, यह त्योहार भाइयों और बहनों के बीच सुरक्षा, देखभाल और लंबे समय के बंधन का प्रतीक है।

त्योहार अगस्त में पड़ता है। त्योहार से पहले ही बाजार और दुकानें मिठाइयों, उपहारों और राखियों से सज जाती हैं। यहां भारी भीड़ है क्योंकि हर महिला अपने भाइयों के लिए सबसे खूबसूरत राखी चाहती है। जबकि पुरुष उन उपहारों की तलाश करते हैं जो उनकी बहनें चाहती हैं।

रक्षा बंधन के दिन

इस दिन हर कोई अपने नए कपड़ों में तैयार होता है और मिठाई और नमकीन पहले से ही खरीद लिया जाता है। बहनें भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा, राखी बांधती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को आशीर्वाद देते हैं और उनकी रक्षा करने और आजीवन उनकी देखभाल करने का वचन देते हैं। वे अपनी बहनों को नई ड्रेस, चॉकलेट या पैसे के रूप में उपहार भी देते हैं।

अंत में, रक्षा बंधन सबसे सुखद और सार्थक त्योहारों में से एक है। यह भाइयों और बहनों के बीच के बंधन को मजबूत करता है। इस दिन, जिन लड़कियों के भाई नहीं होते, वे पुलिस अधिकारियों, सेना के जवानों या यहां तक ​​कि हमारे प्रधान मंत्री को उनके आशीर्वाद और सुरक्षा के बदले में राखी बांधती हैं, जो त्योहार के सार और भावना को जीवित रखता है।

रक्षा बंधन पर 300 शब्दों का निबंध (300 Words Essay On Raksha Bandhan in Hindi)

रक्षा बंधन प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। यह त्योहार देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह भाई-बहन के बंधन को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। यह सभी उम्र के भाइयों और बहनों द्वारा मनाया जाता है।

रक्षा बंधन कब मनाया जाता है?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षा बंधन श्रावण मास में आता है जिसे सावन महीने के रूप में भी जाना जाता है। यह श्रावण मास के अंतिम दिन मनाया जाता है जो ज्यादातर अगस्त के महीने में पड़ता है। सावन का पूरा महीना हिंदू धर्म के अनुसार शुभ माना जाता है।

रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है?

रक्षा बंधन दिन के समय मनाया जाता है। भाई-बहन इस पवित्र दिन को मनाने के लिए सुंदर पोशाक पहनते हैं। बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं और मिठाइयों का आदान-प्रदान करती हैं। इस रस्म को निभाते हुए बहनें अपने भाइयों की सलामती की दुआ करती हैं। भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और प्रतिज्ञा करते हैं कि वे उनके साथ खड़े रहेंगे और हर स्थिति में उनकी देखभाल करेंगे। दोनों भाई-बहन राखी बांधने से पहले व्रत रखते हैं। पूजा करने के बाद ही वे भोजन करते हैं।

अनुष्ठान ज्यादातर एक परिवार के ब्रंच के बाद होता है। इस प्रकार रक्षा बंधन अब केवल भाई-बहन के बंधन को मनाने का दिन नहीं है, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बंधने का एक अच्छा अवसर भी है। यह सिर्फ सगे भाइयों और बहनों के बीच ही नहीं बल्कि चचेरे भाई-बहनों के बीच भी मनाया जाता है। लोग ज्यादातर अपने पुश्तैनी घर में इकट्ठा होते हैं जहां सभी चचेरे भाई और उनके परिवार इकट्ठा हो सकते हैं और दिन मना सकते हैं। आज के व्यस्त जीवन में जब लोगों को अपनों से मिलने में मुश्किल होती है, तो इस तरह के अवसर उनके साथ बंधने का अच्छा मौका देते हैं।

रक्षा बंधन को लेकर महिलाएं विशेष रूप से काफी उत्साहित हैं क्योंकि यह उनके लिए सुंदर कपड़े और सामान खरीदने और सजाने का समय है। दूसरी ओर, पुरुष अपनी बहनों और चचेरे भाइयों से मिलने के लिए उत्सुक रहते हैं। यह वास्तव में सर्वश्रेष्ठ हिंदू त्योहारों में से एक है।

रक्षा बंधन पर 500 शब्दों का निबंध (Long Essay On Raksha Bandhan5 00 Words in Hindi)

Raksha Bandhan Essay – रक्षा बंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई और बहन के बंधन को सेलिब्रेट करता है। यह पर्व हिन्दू धर्म में मनाया जाता है। यह उनके सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। साथ ही बहन-भाई इसका साल भर बेसब्री से इंतजार करते हैं। भारत में लोग इसे भरपूर जोश और उत्साह के साथ मनाते हैं।

इसी तरह, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप बच्चे हैं या वयस्क। सभी उम्र के भाई-बहन रक्षा बंधन मनाते हैं। इसके अलावा, यह उनके बीच के बंधन को भी मजबूत करता है। ‘रक्षा’ का अर्थ है सुरक्षा और ‘बंधन’ का अर्थ है बंधन। इस प्रकार, यह इस त्योहार का अर्थ बताता है।

रक्षा बंधन हिंदू कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। यह सावन के महीने में आता है और लोग इसे महीने के आखिरी दिन मनाते हैं। यह शुभ पर्व आमतौर पर अगस्त के आसपास ही आता है।

रक्षा बंधन का महत्व

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भाई-बहन हमारे दिल में एक खास जगह रखते हैं। हालाँकि, एक भाई और बहन का विशेष बंधन बहुत ही अनूठा होता है। एक-दूसरे के प्रति उनकी जो परवाह है, उसकी कोई सीमा नहीं है। वे जो प्यार साझा करते हैं वह तुलना से परे है।

ये आपस में कितना भी लड़ लें, ये हमेशा इनके साथ खड़े रहते हैं। छोटी-छोटी बातों पर भाई-बहन आपस में लड़ पड़ते हैं। दूसरे शब्दों में, वे एक बंधन साझा करते हैं जो चिढ़ाने और प्यार से भरा होता है।

भाई-बहन हमें बढ़ने में मदद करते हैं। हमारे जीवन के हर चरण में, उनके बीच का बंधन मजबूत होता जाता है। वे हर सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। बड़े भाई अपनी बहनों के लिए बहुत प्रोटेक्टिव होते हैं। इसी तरह बड़ी बहनें अपने छोटे भाइयों का बहुत ख्याल रखती हैं। छोटे अपने बड़े भाई-बहनों की ओर देखते हैं।

रक्षा बंधन इस बंधन को मनाने के बारे में है। यह दोनों के बीच साझा किए गए अनूठे और विशेष रिश्ते का प्रतीक है। इस खूबसूरत बंधन पर अच्छा समय बिताने और ध्यान केंद्रित करने के लिए इस दिन को सही मान्यता दी गई है। यह उनके प्यार, एकजुटता और एक दूसरे में विश्वास के प्रतीक के रूप में कार्य करता है।

रक्षा बंधन का अवसर

रक्षा बंधन बहनों के लिए लाड़ प्यार का समय है। इस शुभ अवसर पर बहनें अपने भाई की कलाई पर पवित्र धागा यानी राखी बांधती हैं। यह अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना के इरादे से किया जाता है।

दूसरी ओर, भाई बदले में अपनी बहनों को आशीर्वाद देते हैं और उनकी रक्षा करने और जीवन भर उनकी देखभाल करने का संकल्प लेते हैं। इस दिन बहनों को ढेर सारा प्यार और दुलार मिलता है। यह चॉकलेट, उपहार, पैसे, कपड़े और बहुत कुछ के रूप में है।

परिवार के सदस्य इस अवसर के लिए सजते-संवरते हैं, आमतौर पर एथनिक वियर में। हम बाजारों को रंगीन राखियों और उपहारों से भरते हुए देखते हैं। हर साल, फैशनेबल और ट्रेंडी राखी बाजार का चक्कर लगाती हैं। महिलाएं अपने भाइयों के लिए सही राखी की खरीदारी करती हैं और पुरुष अपनी बहनों के लिए उपहार खरीदने जाते हैं।

अंत में, रक्षा बंधन सबसे सुखद त्योहारों में से एक है। यह भाई और बहन को अपने बंधन को मजबूत करने के लिए देता है। आजकल जिन बहनों के भाई नहीं होते वे भी अपनी बहनों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाती हैं। त्योहार का सार फिर भी वही रहता है।

रक्षा बंधन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q.1 रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है.

A.1 रक्षा बंधन भाई-बहन के प्यार के बंधन को मनाने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा, यह इस बंधन की विशिष्टता को दर्शाता है और उन्हें एक दूसरे के लिए अपने प्यार और विश्वास का जश्न मनाने का दिन देता है।

Q.2 लोग रक्षा बंधन कैसे मनाते हैं?

A.2 रक्षा बंधन भाई की कलाई पर राखी नामक पवित्र धागा बांधकर मनाया जाता है। बदले में भाई अपनी बहनों को उपहारों से नहलाते हैं और जीवन भर उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।

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रक्षाबंधन पर निबंध हिंदी में - Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध (raksha bandhan essay in hindi): रक्षाबंधन भाइयों और बहनों के बंधन का त्योहार है। इस लेख में हम आपके लिए स्कूल और कॉलेज छात्रों के लिए हिंदी में आसान और सरल रक्षाबंधन निबंध लेकर आए हैं।.

Pragya Sagar

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essay on raksha bandhan in hindi 150 words

Raksha Bandhan- रक्षाबंधन पर निबंध (150, 300, 500 शब्दों में)

Raksha Bandhan- रक्षाबंधन हर भाई औऱ बहन के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व हैं जो एक बहन के लिए भाई औऱ भाई के लिए बहन की अहमियत को दर्शाता हैं और इस दिन कच्चे धागों के साथ पक्के रिश्तों को जोड़ा जाता हैं जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।

रक्षाबंधन को भाई-बहन का त्यौहार माना जाता हैं क्योंकि इस दिन सभी बहने अपने भाईयो को राखी बांधती हैं और भाई उसकी रक्षा और सुरक्षा का दायित्व लेता हैं इसलिए यह त्यौहार हर साल बहुत ही खुशी से मनाया जाता हैं।

raksha bandhan essay nibandh Hindi

रक्षाबंधन समाज मे फैली बहुत सारी कुर्तियों को समय-समय पर नष्ट करने के लिए भी प्रेरित करता हैं आज हम आपको रक्षाबंधन के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करने वाले है जैसे रक्षाबंधन क्या है, कैसे मनाया जाता है और रक्षाबंधन पर निबंध इत्यादी।

आज हम आपको Raksha Bandhan- रक्षाबंधन पर छोटा, मीडियम औऱ लंबा हर तरह की लम्बाई के निबंध प्रदान करने वाले हैं उम्मीद है आपको हमारे द्वारा लिखे गए निबंध पसंद आयगे सबसे पहले कुछ जरूरी चीजें जान लेते है।

रक्षाबंधन क्या है और क्यों मनाया जाता है

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) हिंदू समाज में मनाया जाने वाला भाई बहन का मुख्य त्यौहार है औऱ रक्षाबंधन के त्यौहार को राखी के नाम से भी जाना जाता है राखी के धागों में भाई-बहन के स्नेह की भावना भरी होती है यह त्योहार प्राचीन समय से चलता आ रहा है।

इस दिन भाई बहन के प्यार का कुछ अलग ही एहसास होता है क्योंकि रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर पूरी जिंदगी इस रिश्ते को इतने ही प्यार और साहस से निभाने का वचन याद दिलाती है और भाई की दीर्घायु की कामना करती हैं।

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) का इतिहास –

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) मनाने की प्रथा सन 1535 में शुरू हुई जब बहादुर शाह ने रानी कर्णावती का अपमान किया था तब कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूं को राखी भेजकर अपनी मदद करने के लिए पुकारा था तब से ही रक्षाबंधन भाई द्वारा बहन की रक्षा करने का पर्व बन गया।

इसी तरह रक्षाबंधन बंधन को मनाने की प्रथा से जुड़े और भी बहुत से तर्क पुराणों में दिए गए मुख्य रूप से यह त्यौहार हिंदू व जैन धर्म के लोगो द्वारा मनाया जाता है। जैन धर्म में भी रक्षाबंधन का बहुत महत्व है क्योंकि इस दिन ही जैन धर्म के 1 मुनि ने 700 मुनियों के प्राण बचाए थे इसलिए जैन धर्म से जुड़े लोग इस दिन हाथ में सूत की डोरी बांधते हैं।

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) मनाने की प्रथा समाज को प्यार और अपनेपन का संदेश देती है इसलिए लोग इसे सदियों से मनाते आ रहे हैं रक्षाबंधन हर वर्ष हिंदू श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाने लगा श्रावण मास या सावन में आने के कारण इस त्योहार को बहुत से लोग श्रावणी और सलोनी भी कहते हैं।

रक्षाबंधन पर निबंध Raksha Bandhan Essay Hindi Word 250

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) भारतीय समाज में मनाया जाने वाला प्राचीन त्योहार है यह त्यौहार भाई-बहन के बीच स्नेह और पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। रक्षाबंधन धार्मिक पौराणिक और ऐतिहासिक भावनाओं से जुड़ा ऐसा पर्व है जिससे बहुत से तर्क जुड़े हैं।

वैसे तो भाई बहन का रिश्ता बहुत अतुल्य होता है वह आपस में चाहे जितना लड़ ले, परंतु रक्षाबंधन के दिन वह मिल ही जाते हैं। यह त्योहार ही भाई-बहन के प्रति आपसी स्नेह, एकजुटता और विश्वास का प्रतीक है।

रक्षाबंधन मनाने का कारण

वैसे तो रक्षाबंधन से बहुत से तर्क जुड़े हैं और उन तर्को में से एक प्रसिद्ध तर्क यह भी है कि एक युद्ध के दौरान श्री कृष्ण की उंगली पर चोट लग गई थी तो श्री कृष्ण की चोट पर द्रोपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा बांध दिया था तब श्री कृष्ण ने हर संकट से द्रोपदी की रक्षा करने का वचन दिया था।

रक्षाबंधन भाई बहन का पर्व

रक्षाबंधन, रक्षा करने का वादा देने का दिन होता है रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने की परंपरा है औऱ जैन धर्म में भी रक्षाबंधन का बहुत उत्साह देखा गया है। यह आवश्यक नहीं कि बहने, अपने सगे भाई को ही यह रक्षा सूत्र अर्थात राखी बांधे। वह इच्छा अनुसार किसी को राखी बांधकर इस पवित्र रिश्ते की शुरुआत कर सकती हैं।

भाइयों और बहनों के लिए रक्षाबंधन एक विशेष महत्व रखता है। यह त्यौहार तो देवी देवताओं द्वारा भी मनाया जाता है जिसके कई तर्क हमें दिए गए हैं हमें इस पवित्र त्यौहार को अच्छी भावना के साथ खुशी-खुशी मनाना चाहिए।

रक्षाबंधन पर निबंध Raksha Bandhan Essay Hindi Word 500

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) से बहुत से तर्क जोड़े गए हैं कोई देवी-देवताओं से जुड़े हुए तो कोई राजा महाराजाओ से जुड़े हुए रक्षाबंधन बहुत से तर्को से जुड़ा हुआ है।

कहा जाता है कि राजा सिकंदर की पत्नी ने उसके एक हिंदू शत्रु पूरू को युद्ध के समय रक्षा सूत्र अर्थात राखी बांधकर अपना मुंह बोला भाई बना लिया और उस राखी के बदले उससे अपना सुहाग मांग कर युद्ध में उसे ना मारने का वचन ले लिया था।

तभी से यह रक्षा सूत्र अर्थात राखी बांधने की प्रथा शुरू हुई और भी बहुत से तर्क इस त्यौहार से जुड़े हैं जैसे रानी कर्णावती द्वारा हुमायूं को रक्षा सूत्र भेजने का तर्क, द्रोपदी द्वारा श्रीकृष्ण को रक्षा सूत्र बांधने का तर्क व लक्ष्मी देवी द्वारा राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधने का तर्क यह एक त्यौहार बहुत से तर्को से जुड़ा है।

रक्षाबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

1. रक्षा और बंधन 2 शब्दों का मेल है।

2. यह शब्द रक्षाबंधन जिसमें रक्षा का अर्थ है सुरक्षा और बंधन का अर्थ है बाध्य।

3. इस दिन भाई अपनी बहनों की हर हाल में रक्षा करने का वादा करते हैं।

4. रक्षाबंधन भाई बहन द्वारा मनाया जाने वाला पर्व है जिसमें बहने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उसके मंगल जीवन की कामना करती हैं ।

5. पहले के समय में जब राजा महाराजा हुआ करते थे तब युद्ध का बहुत भय रहता था तब यह रक्षा सूत्र राजा महाराजाओं की युद्ध में रक्षा करने का प्रतीक हुआ करता था। आज के समय में युद्ध तो नहीं परंतु बहने भाई की अच्छे स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करती है।

6. यह त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है कुछ पंक्तियाँ भाई बहन के इस पर्व के लिए-

भाई छोटा हो या बड़ा, राखी जरूर बंधवाता है। जितना चाहे हो व्यस्त जीवन में,पर रक्षाबंधन के दिन  बहन को मिलने जरूर आता है। भाई बहन को मिलवाने हर वर्ष रक्षाबंधन का त्यौहार भी आता है।

रक्षाबंधन से जुड़ी भाई-बहन की भावना-

पूरे साल चाहे भाई-बहन अपने व्यस्त जीवन में लगे रहे परंतु रक्षाबंधन के दिन वह एक दूसरे से जरूर मिलने की कामना करते हैं रक्षाबंधन मनाने का एक उद्देश्य भाई बहनों को मिलवाना भी होता है जो कई कारणवश पूरे साल एक दूसरे से नहीं मिल पाते परंतु यह रक्षाबंधन का त्योहार उन्हें मिलवा देता है।

आज के समय में रक्षाबंधन का अपना एक अलग ही महत्व बन चुका है पहले की अपेक्षा आज कल की पीढ़ी में अपनेपन और सम्मान की भावना खत्म होती जा रही है जिसमें रक्षाबंधन का त्योहार सम्मान देने और सम्मान लेने का प्रतीक है।

जहां एक ओर बहने भाई को सम्मान देते हुए एक रक्षा सूत्र बांधती हैं तो वहीं दूसरी ओर भाई भी बहनों को ताउम्र सम्मान देने और लोगों से भी दिलवाने का वादा करते हैं क्योंकि पहले के युग में स्त्रियां सुरक्षित थी परंतु आज तो स्त्रियों की सुरक्षा घर में ही संभव नहीं है तो बाहर तो बहुत ही मुश्किल है।

रक्षाबंधन से मिलने वाली सीख

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) का त्यौहार अपने घर की बहन, बेटी और बहू की रक्षा करते रहना का प्रतीक दर्शाता है और दूसरों में भी यह भावना उत्पन्न करने का प्रोत्साहन देता है रक्षाबंधन ना सिर्फ अपनी अपितु दूसरे की बहन ,बेटी व बहू को भी सम्मान की नजरों से देखने का ज्ञान देता है।

अतः रक्षाबंधन आपसी प्यार सम्मान और एकजुटता को दर्शाने वाला त्यौहार है जिसके मनाने के तर्क तो बहुत है परंतु सब का उद्देश्य आपसी प्यार ही है। भाई बहन को मिलकर इस त्यौहार को बड़े प्यार से और अपनेपन के साथ पुराने सभी गिले-शिकवे भुलाते हुए मनाना चाहिए।

रक्षाबंधन पर निबंध Raksha Bandhan Essay Hindi Word 700

भारत में विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं साथ ही भारत में हिंदू समाज में मनाए जाने वाले त्योहार आपसी प्रेम को जागरूक करने वाले होते हैं जिसमें से रक्षाबंधन भी एक प्रमुख त्योहार है।

रक्षाबंधन का अर्थ-

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) राखी के नाम से भी जाना जाता है यह त्योहार सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में रहने वाले भारतीय भी बहुत उत्साह और प्रेम के साथ मनाते हैं फिर चाहे दूसरे देश में होने के कारण अपनी बहनों से ना भी मिल पाए परंतु उन्हें बहुत दिल से याद करके और आजकल की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके उनसे जुड़े रहने की कोशिश करते हैं।

रक्षाबंधन से जुड़ी मान्यताएं

रक्षाबंधन मनाने के पीछे बहुत से तर्क है कई तर्क देवी देवताओं से जुड़े हैं, कई तर्क राजा-रानियों से जुड़े हैं इसमें से एक तर्क यह भी है कि पुराने समय में जब राजा महाराजा युद्ध पर जाते थे तो युद्ध पर जाने से पहले उनके घर की स्त्रियां उन्हें तिलक करके उनकी आरती उतार के और हाथ पर एक रेशम का धागा बांधकर उन्हें विजय होकर सकुशल वापस लौटने की प्रार्थना करती थी।

वही से ही राखी बांधने या रक्षाबंधन मनाने की प्रथा भी शुरू हुई जो भाई बहनों द्वारा मनाई जाती है रक्षाबंधन सावन महीने की पूर्णिमा को हर वर्ष मनाया जाता है यह त्योहार श्रावणी नाम से भी जाना जाता है।

रक्षाबंधन मनाने की तैयारियां

1. रक्षाबंधन पर बाजारों में भी चहल-पहल देखी जाती है क्योंकि बहने अपने भाइयों के लिए अलग-अलग तरीके की सुंदर-सुंदर राखियां खरीदना चाहती हैं और भाई अपनी बहनों के लिए विभिन्न प्रकार के उपहार खरीदना चाहते हैं।

2. यह त्यौहार सभी भाई बहनों के लिए एक नया उत्साह और ऊर्जा पैदा करने वाले त्योहारों में से एक है।

रक्षाबंधन बनाने की विधि

1.  रक्षाबंधन पर बहने भाई के दाहिने हाथ पर राखी बांधती हैं और तिलक लगाती हैं।

2. बहने भाई की दीर्घायु आयु की कामना करती है।

3. भाई-बहन की हर हालत में रक्षा करने का संकल्प करते हैं।

4. संकल्प के साथ-साथ भाई उन्हें दक्षिणा के रूप में पैसे या उपहार देते हैं।

5. रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम को और मजबूत करने का एक प्रतीक भी समझा जाता है।

6.  पूरे वर्ष चाहे बहने अपने भाई से ना भी मिले पर रक्षाबंधन पर भाई से मिलने का उत्साह कुछ अलग ही होता है।

रक्षाबंधन के लाभ-

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) सिर्फ राखी बांधने मात्र का नहीं रह गया है बल्कि हमें इस रक्षाबंधन से बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है क्योंकि जिस तरह से हमारे समाज में भ्रूण हत्या का गैर कानूनी काम चल रहा है आने वाले समय में यह सोचने की जरूरत है कि भाई आखिर बहनों से राखी कैसे बंधवाएंगे।

जब इस संसार में बहने आएंगी ही नहीं तो भाई किस से राखी बंधवाएंगे? रक्षाबंधन हमें यह सीख भी देता है कि हमें इस गैरकानूनी कार्य को रोकना चाहिए इस पर प्रतिबंध लगाने की बहुत जरूरत है नहीं तो आने वाले समय में रक्षाबंधन नाम के त्योहार का कोई अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा।

रक्षाबंधन हमारे हिंदू समाज में मनाए जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है यह ना सिर्फ हिंदुओं में बल्कि जैन धर्म में भी बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। आज के समय में लोग रक्षाबंधन पर पर्यावरण सुरक्षा और समाज में और कई प्रकार के होने वाले गलत कामों से समाज की रक्षा करने का भी संकल्प लेते हैं जो हमारे समाज के लिए बहुत जरूरी है।

इसलिए हमें यह त्यौहार बड़े प्यार, सच्ची भावना और उत्साह के साथ मनाना चाहिए क्योंकि यह छोटे-छोटे पल ही आपसी प्यार को बढ़ावा देते हैं और पुराने गिले-शिकवे को दूर करने के मौके भी देते हैं।

    आया आया सावन आया, लाया है राखी का त्यौहार। भूलो सारे गिले शिकवे, और मिलो सब प्रेम के साथ।

रक्षाबंधन पर निबंध Raksha Bandhan Essay Hindi Word 1000

रक्षाबंधन हिंदुओं का मुख्य पर्व है रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है। रक्षाबंधन मनाने की प्रथा सन 1535 में शुरू हुई जब बहादुर शाह ने रानी कर्णावती पर आक्रमण किया था। तब कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूं को राखी भेज कर अपनी मदद के लिए पुकारा था तब से ही रक्षाबंधन भाई द्वारा बहन की रक्षा करने का वादा करने का पर्व बन गया।

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) को मनाने के तर्क कई पुराणों में भी दिए गए हैं जिसमें से एक तर्क यह भी है कि एक समय की बात है जब राजा बलि ने एक विशाल यज्ञ करके स्वर्ग पर अपना राज करना चाहता था तो देवराज इंद्र ने स्वयं को बचाने के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना की तो विष्णु भगवान भी ब्राह्मण बन राजा बलि से भिक्षा लेने चले गए।

भगवान विष्णु के भिक्षा मांगने पर राजा बलि ने तीन पग जमीन उन्हें दान में दे दी तब भगवान विष्णु ने तीन पग में आकाश, पाताल और धरती को नाप कर राजा बलि को रसातल भेज दिया। राजा बलि भी बहुत चतुर था उसने अपने भक्ति के बल पर विष्णु जी से हर समय अपने सामने रहने का वचन ले लिया।

विष्णु जी का दिया वचन सुनकर लक्ष्मी जी चिंतित हो गई तो नारद जी के सलाह देने पर लक्ष्मी जी बलि के पास गई और एक रक्षा सूत्र बांधकर उसे अपना भाई बना लिया औऱ रक्षा सूत्र बांधने के बदले बलि से विष्णु जी को मांग कर अपने साथ वापस ले आई।

उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी इसलिए रक्षाबंधन हर वर्ष हिंदू श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाने लगा। सावन मास या सावन में आने के कारण इस त्यौहार को बहुत से लोग श्रावणी और सलोनी भी कहते हैं।

रक्षाबंधन का विभिन्न धर्मों में महत्व

मुख्य रूप से यह त्यौहार हिंदू और जैन धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाता है जैन धर्म में भी रक्षाबंधन का बहुत महत्व है क्योंकि इस दिन ही जैन धर्म के 1 मुनि ने 700 मुनियों के प्राण बचाए थे इसलिए जैन धर्म से जुड़े लोग इस दिन हाथ में सूत की डोरी बांधते हैं।

सदियों से हमारे समाज में बहुत सी परंपराएं चलती आई है जो परंपराएं समाज को गलत संदेश देती है उन्हें यह समाज अपने से अलग भी करता आया है जैसे बाल विवाह ,सती प्रथा आदि। परंतु रक्षाबंधन मनाने की प्रथा समाज को प्यार और अपनेपन का संदेश देती है इसलिए लोग इसे सदियों से मनाते आ रहे हैं।

रक्षाबंधन से जुड़ी पुरानी धारणाएं-

Raksha Bandhan(रक्षाबंधन) से कुछ पुरानी धारणा भी जुड़ी हुई है जैसे अगर किसी परिवार में रक्षाबंधन के दिन किसी पुरुष की मृत्यु हो जाए तो वह परिवार यह त्योहार मनाना बंद कर देता है और पुनः यह त्यौहार तभी शुरू करते हैं जब रक्षाबंधन के दिन उस परिवार को पुत्र धन की प्राप्ति हो तो।

जब रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने की प्रथा शुरू हुई तो छोटी बेटी द्वारा पिता को राखी बांधी जाती थी परंतु अब बहनें ही भाई की कलाई पर राखी बांधती है। रक्षाबंधन त्योहार मनाने की प्रथा, भारत में ही नहीं यह त्योहार नेपाल और मॉरीशस में भी बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है।

रक्षाबंधन से मिलने वाली शिक्षा

अतः रक्षाबंधन का त्योहार हमारी संस्कृति को दर्शाता है हर भारतीय में यह त्योहार मनाने का एक अलग ही उत्साह देखा जाता है परंतु कई भाइयों को इस दिन उदास भी देखा जाता है क्योंकि उनके माता-पिता दुनिया में उनकी बहन को आने ही नहीं देते हैं।

यह त्यौहार हमें एक बहुत बड़ी सीख देता है कि हमें लड़कियों को गर्भ में ही नहीं मारना चाहिए क्योंकि बेटियों का महत्व हमें रक्षाबंधन पर पता लगता है और मनुष्य तो क्या यह त्यौहार तो, देवी देवताओं के समय से हमें कुछ न कुछ सिखाता चला आ रहा है। तो हमें इस पवित्र त्यौहार को सच्चे दिल और अच्छी भावनाओं के साथ मनाना चाहिए रक्षाबंधन से जुड़ी कुछ पंक्तियां-

भाई बहन का रिश्ता प्यारा, कितने रंग दिखाता है। इस रिश्ते को मजबूत करने, हर वर्ष रक्षाबंधन आता है। स्नेह और अपनेपन का, प्रतीक है यह त्योहार। कभी न टूटे कभी न छूटे, बना रहे सभी भाई बहनों का प्यार।

रक्षाबंधन भाई बहन के प्यार का बंधन

– रक्षाबंधन हिंदू समाज में मनाए जाने वाला भाई बहन का मुख्य त्यौहार है।

– रक्षाबंधन के त्यौहार को राखी के नाम से भी जाना जाता है।

– राखी के धागों में भाई-बहन के स्नेह की भावना भरी होती है।

– यह त्योहार प्राचीन समय से चलता आ रहा है।

– प्राचीन समय में इस दिन लोग जनेऊ बदलते थे और यज्ञ करते थे।

– वैसे तो भाई बहन का प्यार किसी एक दिन का मोहताज नहीं होता परंतु इस दिन भाई बहन के प्यार का कुछ अलग ही एहसास होता है।

– रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर पूरी जिंदगी इस रिश्ते को इतने ही प्यार और साहस से निभाने का वचन याद दिलाती है और भाई की दीर्घायु की कामना करती है।

– इस त्यौहार पर बहनें अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई लेकर जाती है।

– बहन द्वारा भाई को राखी बांधे जाने के बाद बहन को दक्षिणा स्वरूप भाई रुपए और उपहार देते हैं।

– यह राखी और उपहार का आदान-प्रदान भाई बहन के रिश्ते में एक नई उमंग पैदा करता है।

– इस उत्साह के कारण साल भर फिर से राखी आने का इंतजार रहता है।

भाई बहन के प्यारे रक्षाबंधन पर कविता –

भाई बहन का रिश्ता प्यारा, कितने रंग दिखाता है।

भाई छोटा हो या बड़ा,हमेशा बड़ा ही कहलाता है। खुद चाहे जितना लड़ ले बहन से पर ,किसी के कुछ कहते ही बहन को सबसे पहले गले लगाता है।

अलग-अलग नामों से बहन को ,भाई ही चिढाता है। भाई बहन का रिश्ता प्यारा कितने रंग दिखाता है ।

बहन की चोटी खींच खींच कर ,उसको बहुत सताता है। पर जरूरत पड़ने पर ,बहन के सिर को प्यार से भी सहलाता है।

भाई बहन का रिश्ता प्यारा कितने रंग दिखाता है। अंदर से होता है चीनी सा मीठा,पर बाहर से खुद को करेला दिखाता है ।

चाहे जैसा भी हो भाई पर बहन के लिए सुपर हीरो भी बन जाता है। भाई बहन का रिश्ता प्यारा कितने रंग दिखाता है ।

मां मुझे करती ज्यादा प्यार, यह बोलकर बहन को बचपन में बहुत रुलाता है। फिर उसको चुप कराने को चॉकलेट भी लेकर आता है।

भाई बहन का रिश्ता प्यारा कितने रंग दिखाता है। भाई बहन का रिश्ता प्यारा । भाई बहन का रिश्ता प्यारा ।

तो दोस्तों हमने आपको Raksha Bandhan- रक्षाबंधन के बारे में अलग-अलग लंबाई के निबंध लिखे हैं अगर आपको हमारे यह निबंध पसंद आते हैं तो आप अपनी आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में इनका इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही आपको भी इसके बारे में लोगों को अवगत करना चाहिए।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया Raksha Bandhan- रक्षाबंधन निबंध काफी पसंद आए होंगे तो अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आता है तो उसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और आप कोई सवाल है तो हमे कमेंट करें

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Raksha Bandhan Essay in Hindi

Raksha Bandhan Essay in Hindi: रक्षाबंधन पर निबंध

क्या आप भी “Raksha Bandhan Essay in Hindi” की तलाश कर रहे हैं? यदि हां, तो आप इंटरनेट की दुनिया की सबसे बेस्ट वेबसाइट essayduniya.com पर टपके हो. यदि आप Raksha Bandhan Essay in Hindi, Raksha Bandhan Par Nibandh, Essay on Raksha Bandhan in Hindi यही सब सर्च कर रहे हैं तो आपका इंतजार यही पूरा होता है.

Raksha Bandhan Essay in Hindi

यहां हम आपको “Raksha Bandhan Essay in Hindi” उपलब्ध करा रहे हैं. इस निबंध/ स्पीच को अपने स्कूल या कॉलेज के लिए या अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही यदि आपको किसी प्रतियोगिता के लिए भी Essay on Raksha Bandhan in Hindi तैयार करना है तो आपको यह आर्टिकल पूरा बिल्कुल ध्यान से पढ़ना चाहिए. 

Raksha Bandhan Essay in Hindi 100 Words ( रक्षाबंधन पर निबंध 100 शब्दों में)

रक्षाबंधन हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है। इसे राखी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन 30 अगस्त 2023 के दिन आ रहा है। यह हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को आता है। इस त्यौहार के लिए बच्चे सबसे ज्यादा उत्साहित रहते हैं। रक्षाबंधन के दिन कई प्रकार के पकवान और मिठाइयां बनाई जाती है। इस दिन बहने अपने भाईयों की आरती उतारकर राखी बांधती हैं, एवम मिठाई खिलाती हैं। भाई भी अपनी बहनों को इस दिन उपहार देते हैं। यह भाई बहनों के बीच में प्रेम और स्नेह का त्यौहार है। 

रक्षा बंधन पर 10 लाइन निबंध गणेश चतुर्थी पर निबंध शिक्षक दिवस पर निबंध जन्माष्टमी पर निबंध हिंदी में जल ही जीवन है पर निबंध विज्ञान के चमत्कार निबंध स्वतंत्रता दिवस पर निबंध

Raksha Bandhan Essay i Hindi 150 Words ( रक्षाबंधन पर निबंध 150 शब्दों में)

रक्षाबंधन जिसे राखी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्यौहार हर साल अगस्त के महीने में श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्यौहार हिंदुओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। जिसे मुख्य रूप से भारत में मनाया जाता है। रक्षाबंधन का अर्थ है-रक्षा का बंधन है। यह त्यौहार मुख्य रूप से भारत में मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई भी बदले में अपनी बहनों को उपहार देते हैं। यह त्यौहार भाई-बहनों के रिश्तों को समर्पित है। इस दिन लोगों के घरों में पकवान और मिठाइयां बनाई जाती हैं, एवम सबके बुआ और मामा एक दूसरे के घर जाकर राखी का त्यौहार मनाते हैं। यह त्यौहार बहन और भाई के प्रेम, स्नेह के रिश्ते का प्रतीक है। मुझे रखी का त्यौहार सभी त्यौहारों में से बहुत पसंद है, जिसका मैं पूरे साल इंतजार करती हूं।

Raksha Bandhan Essay in Hindi 20 0 Words ( रक्षाबंधन पर निबंध 200 शब्दों में)

रक्षाबंधन का पर्व हर साल अगस्त के महीने में आता है। यह हिंदुओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इसे देश भर में लोग अपनी परंपराओं के अनुसार मानते हैं। कई जगहों पर इस दिन बहनें अपने भाईयों के लिए व्रत भी रखती हैं। यह त्यौहार भारत के अलावा भी कई जगहों पर मनाया जाता है। हर साल रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को आता है। इस दिन सभी लोग नए वस्त्र पहनकर तैयार होते हैं और घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। यह त्यौहार पौराणिक समय से ही मनाया जाता रहा है।

पुराने समय में जब राजा और राजकुमार युद्ध पर जाया करते थे, तब बहनें उन्हें रक्षासूत्र बांधकर भेजती थीं। रक्षाबंधन का त्यौहार में भाई बहन के अलावा, बुआ अपने भतीजों को भांजी अपने मामाओं को भी राखी बांधती हैं। यूं तो यह त्यौहार मुख्य रूप से भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित है। लेकिन आज प्रकृति संरक्षण हेतु पेड़ों को भी रखी बांधने की परम्परा शुरू हो गई है। जिसमें हम पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का वचन देते हैं, वहीं पेड़ भी हमें शुद्ध वायु देकर हमें जीवन प्रदान करते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य एक दूसरे को भगवा रंग की राखी बाँधते हैं। 

Raksha Bandhan Essay in Hindi 2 50 Words ( रक्षाबंधन पर निबंध 250 शब्दों में)

रक्षाबंधन का अर्थ है, रक्षा + बंधन, यानी की रक्षा का बंधन। इसे राखी भी कहा जाता है। यह त्यौहार प्रमुख रूप से भारत में हिंदुओं, जैन और अन्य समुदायों द्वारा भी मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी रखी बांधती है। बहने इस दिन का पूरे साल इंतजार करती हैं। इस दिन वे सुबह जल्दी स्नान करके अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगाती हैं, और आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाती हैं। भाई अपनी बहनों को उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं और कई सारे उपहार भी देते हैं। इस दिन घरों में सजावट की जाती है, सभी लोग नए वस्त्र पहनकर तैयार होते हैं, और पकवान मिष्ठान आदि खाते हैं। इस दिन कई लोग अपनी नानी के तो कई लोग अपनी दादी के घर जाते हैं। जहां वे मामा, मौसी, बुआ के साथ मिलकर राखी का त्यौहार मनाते हैं। 

खुद को एक नए जमाने का व्यक्ति दिखाने के लिए हम लोगों ने काफी सारी पुरानी सभ्यताओं में बदलाव करना शुरू कर दिया है। हम शिक्षित होने की आड़ लेकर अपनी पूजा पद्धति को बदलते जा रहे हैं। हमें कभी भी अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए हमें हमेशा अपनी संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सही ढंग से मनाना चाहिए। राखी का त्यौहार भी आजकल नए तरीके से मनाया जा रहा है। इस त्यौहार की कई रस्मों में परिवर्तन कर दिया गया है। लेकिन हमें दोबारा से अपने त्यौहारों का महत्व समझ उन्हें पुनः वास्तविक रस्मों के साथ मनाना चाहिए।

हमारी संस्कृति में जितने भी पर्व आते हैं। उनका एक विशेष महत्व होता है इसके अलावा हमारे पूर्वजों ने जो भी पर्व बनाए हैं। वह सब किसी खास मकसद के साथ बनाए गए हैं। राखी का यह पर्व मुख्य रूप से भाई-बहन के लिए बनाया गया है। यह त्यौहार एक भाई के प्रति उसके बहन का प्यार एवं एक भाई का उसकी बहन के प्रति रक्षा के वचन को दर्शाता है। यह त्यौहार केवल आपसी खुशी के लिए नहीं है, बल्कि इसका महत्व आपसी खुशी से कई ज्यादा है। एक व्यक्ति या महिला जिसे भी अपना रक्षक समझती है, वह उसे राखी अपनी रक्षा की जिम्मेदारी उसे दे सकती है।

Raksha Bandhan Essay in Hindi 30 0 Words ( रक्षाबंधन पर निबंध 300 शब्दों में)

भाई-बहनों के रिश्तों को समर्पित यह राखी का त्यौहार हर साल अगस्त के महीने में आता हैं। यह त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन पड़ता है। यह त्यौहार पौराणिक समय से मनाया जाता रहा है। इस दिन बहनों द्वारा अपने भाईयों के लिए व्रत रखने की भी मान्यता है, जो कई जगह पर मानी जाती है। अन्य त्यौहारों की तरह ही राखी का त्यौहार भी लोगों द्वारा अलग-अलग तरीके और अंदाज में मनाया जाता है। इस दिन बहनें सुबह उठकर जल्दी स्नान कर नए वस्त्र धारण कर तैयार होती हैं, और फिर राखी की थाल तैयार करती हैं। इस थाली में कुमकुम, अक्षत (चावल), नारियल, रुमाल, राखी और मिठाई रखी जाती है।

बहनें अपने भाईयों के लिए कई प्रकार की राखी लाती हैं, जैसे फैंसी राखी, सोने या चांदी की राखी। सबसे पहले बहने अपने भाईयों के सिर पर रूमाल रखती हैं, और उन्हें टीका लगती हैं। इसके बाद वे नारियल पर टिका लगाकर भाई को देती हैं। फिर भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसे मिठाई खिलाती हैं। भाई अपनी बहन के पांव छूकर उसे उपहार देता है। कई घरों में लड्डु गोपाल को राखी बांधने की परंपरा होती है। जिसमें सबसे पहले लड्डु गोपाल को राखी बांधने के बाद ही भाईयों को राखी बांधी जाती है। रक्षाबंधन पर भाई के अलावा, लड़कियां अपने पिता, अपनी भाभी, मामी, अपने मामा या चाचा, बुआ अपने भतीजे, भांजी अपने मामाओं को भी राखी बांधती हैं।

यह त्यौहार अब रिशेतदारों और परिवार जनों को राखी बांधने तक ही सीमित नहीं है। इस दिन प्रकृति संरक्षक द्वारा पेड़-पौधों को राखी बांधी जाती हैं, क्योंकि वे हमें शुद्ध वायु देकर और पर्यावरण में संतुलन रखकर हमारे जीवन की रक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य भी एक-दूसरे को राखी बाँधते हैं, जो भगवा रंग की होती है। यह त्यौहार प्रेम और सौहार्द का त्यौहार है, रक्षा का वचन देने और रक्षा करने वाले के लिए प्रेम प्रकट करने का त्यौहार है, जो पहले हमारे पूर्वजों द्वारा मनाया जाता था, आज हमारे द्वारा मनाया जा रहा है, और आगे भी मनाया जाता रहेगा।

Raksha Bandhan Essay in Hindi 50 0 Words ( रक्षाबंधन पर निबंध 500 शब्दों में)

राखी का यह त्यौहार आपसी प्रेम के लिए समर्पित है। वर्तमान के समय में आपसी रंजिश को दूर करने के लिए देश के कई बड़े राजनेताओं द्वारा एक दूजे को राखी बांधी जा रही है। राखी का यह त्यौहार नफरत को मिटाकर एकता का प्रतीक बनता है। यह त्यौहार प्रेम का त्यौहार है। एक इंसान जिस भी चीज से प्यार करता है, उसे राखी बांधता है। जैसा कि आजकल कई लोगों द्वारा पर्यावरण की रक्षा के लिए आस-पास मौजूद पेड़-पौधों को राखी बांधते हैं, अपने वाहनों को राखी बांधते हैं, कारखाने में उपयोग की जाने वाली मशीनों को राखी बांधते हैं। यह परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है, पहले गुरुकुल में गुरुओं द्वारा अपने शिष्यों को राखी बांधी जाती थी।

रक्षा बंधन मनाने की विधि

राखी का त्यौहार सावन के पवित्र माह में मनाया जाता है। इसे मानने की विधि सबसे अलग होती है। यहां एक पावन त्यौहार है, जिसे पूरी पवित्रता के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें सुबह जल्दी उठकर स्नान करके पूजा की थाली सजाती हैं। पूजा की थाली में कुमकुम, राखी, रोली दीपक, अक्षत मिठाई रखकर उस थाली को भगवान के आगे रखती हैं। उस राखी की थाल से सबसे पहले भगवान की आरती उतारी जाती है, एवं उन्हें एक राखी समर्पित की जाती है। उसके बाद बहने अपने भाईयों की आरती उतारती है। उनके सिर पर रुमाल रखती हैं, माथे पर तिलक कर अक्षत डाल उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं। इसके बाद अंत में भाई अपनी बहन को उपहार देता है। दोनों भाई-बहन एक दूजे को मिठाई खिलाकर त्यौहार की बधाई देते है।

रक्षा बंधन कैसे मनाते है?

प्राचीन काल में रक्षाबंधन काफी अलग तरीके से मनाया जाता था। हमारे वेद पुराणों में राखी का महत्व कुछ अलग ही बताया गया है। राखी का धागा सबसे ज्यादा शक्तिशाली माना गया है, क्योंकि एक बार कोई महिला अगर इस धागे को किसी भाई के हाथ पर बांधती हैं, तो वह भाई हमेशा उस बहन की रक्षा करता है। इसे बहन के प्रति भाई के समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है। लेकिन आज यह त्यौहार काफी अलग तरीके से मनाया जाता है। इस दिन सभी बहने नई नई फैंसी-फैंसी तरह की राखियां लाकर अपने भाईयों को बांधती हैं। कुछ बहनें अपने भाईयों को सोने व चांदी से निर्मित राखियां भी बांधती हैं, एवं राखी के बदले अपने भाई से अच्छे उपहार की भी मांग करती हैं।

रक्षाबंधन का महत्व

Raksha bandhan essay in hindi 1000 words ( रक्षाबंधन पर निबंध 1000 शब्दों में).

रक्षाबंधन या राखी का त्यौहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। भारत में यहां त्यौहार मुख्य रूप से हिंदू धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाता है। इसके अलावा जैन धर्म के लोग भी इस त्यौहार को मनाया जाता हैं। भारत में यह त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन का माहौल देखने लायक होता है, और हो भी क्यों ना आखिर या त्यौहार भाई और बहनों के लिए जो है। हिंदू संस्कृति में यह एकमात्र ऐसा दिन है, जो खासकर भाई बहनों के लिए बना हुआ है। इस दिन भाई और बहन आपसी प्रेम को दर्शाते हैं। भारत देश के अलावा विश्व के कई बड़े देशों में भी राखी का त्यौहार मनाना शुरू कर दिया गया है। इंसानों द्वारा इस त्यौहार को रक्षा का प्रतीक त्यौहार मानकर मनाना शुरू किया गया है। एक व्यक्ति जिस भी चीज पर निर्भर होता है, एवं जिसे वह अपना रक्षक समझता है, उसे वह राखी बांधता है।

यूं तो भारत में भाई बहनों का आपसी प्रेम दर्शाने के लिए किसी खास दिन की आवश्यकता नहीं होती और ना ही भाई बहन का प्रेम और कर्तव्य की भूमिका किसी एक दिन पर मोहताज है। लेकिन किन्हीं खास धार्मिक मान्यताओं और महत्त्व के कारण यह रक्षाबंधन का त्यौहार इतना खास है। सदियों से चला आ रहा यह त्यौहार आज भी सारे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। श्रावण मास की पूर्णिमा याने की जुलाई अगस्त के माह में यह त्यौहार मनाया जाता है। भारत की प्राचीन कथाओं में कई बार राखी का वर्णन किया गया है। यह एक ऐसी रसम होती है, जिसमें एक लड़की/महिला किसी व्यक्ति को अपना भाई मानकर उसे अपनी रक्षा का जिम्मा देती है। इस दिन भाई भी अपनी बहनों को जीवन भर रक्षा का वचन देता है।

रक्षा बंधन का इतिहास

राखी का सबसे पहले उल्लेख राजा बलि की कथा से मिलता है। एक बार की बात है, राजा बलि ने एक यज्ञ पूरा कर स्वर्ग पर अधिकार जमाने की कोशिश की, इस बात से चिंतित होकर देवराज इंद्र ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। तब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर जाकर वामन अवतार लिया और यज्ञ समाप्त होते ही राजा बलि के पास जाकर भिक्षा मांगी। उन्होंने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और राजा से यह वचन लिया कि तीन पग में जितनी भूमि आएगी वह उनकी होगी। राजा बलि ने उन्हें वचन दिया, तब भगवान ने एक पग में धरती और दूसरे पग में आकाश पाताल नाप दिया, जब तीसरा पग रखने के लिए कहीं जगह ना मिली तो राजा बलि ने भगवान से कहा कि आप मेरे सर पर पर रख दें। इस बात से चिंतित लक्ष्मी जी ने राजा बलि की भक्ति को देख उसके प्राण को बचाने का सोचा। तब नारद जी ने लक्ष्मी जी से कहा कि आप जाकर राजा बलि को राखी बांधकर उसे अपना भाई बना लें। माता लक्ष्मी ने ऐसा ही किया उन्होंने राजा बलि को राखी बांधकर अपना भाई बना लिया। भगवान ने राजा बलि को रसातल भेज दिया और माता बदले में भगवान को वापस लेकर आ गई।

इतिहास में राखी की दूसरी कथा का वर्णन महारानी कर्मावती से जुड़ा हुआ है। एक बार की बात है, मेवाड़ की महारानी कर्मावती ने मुगल राजा हिमायू को राखी भेजकर अपनी रक्षा की प्रार्थना की थी हुमायूं ने मुसलमान होते हुए भी राखी के बंधन की लाज रखी। हुमायूं ने महारानी कर्मावती की राखी को स्वीकार किया। महाभारत काल के दौरान भी राखी का पर्व मनाया जाता था। जब श्री कृष्ण भगवान ने शिशुपाल का वध किया था तो उनकी तर्जनी उंगली में चोट आ गई थी तब द्रोपती ने भगवान कृष्ण का बहता हुआ लहू रोकने के लिए अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ उनकी उंगली पर पर बांधा था। भगवान श्री कृष्ण ने उसे राखी के रूप में स्वीकार कर द्रोपती को रक्षा का वचन दिया था। उस दिन भी श्रावण मास की पूर्णिमा ही थी। जब द्रोपदी का चीर हरण किया जा रहा था तब, कृष्ण भगवान ने द्रौपदी की रक्षा कर अपना कर्ज चुकाया और इस त्यौहार को एक रक्षा का प्रतीक बनाया।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है?

भाई-बहन के आपसी संबंध और प्रेम भावना को दर्शाने के लिए रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन भाईयों को बहनों के लिए उनके कर्तव्य का एहसास होता है। बहने इस दिन अपने भाई की लम्बी आयु, खुशहाली और तरक्की की कामना करती हैं और अपने भाई के लिए अपने प्रेम को प्रकट करती हैं। यह त्योहार भाई और बहनों दोनों को ही उनके बीच के प्रेम और उनके प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाता है इसलिए ही रक्षाबंधन का इतना महत्त्व हैं। एक समाज में महिलाओं और लड़कियों की क्या महत्वता है, इसका एहसास भी उन्हें आज के त्यौहार के माध्यम से पता चलता है। इसके महत्व के कारण ही इसे पौराणिक काल से लेकर आज तक मनाया जाता रहा है और आगे भी इसी प्रकार मनाया जाता रहेगा। 

हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले सभी त्यौहार हिंदू संस्कृति के प्रतीक माने जाते हैं। यह त्यौहार सभी हिंदुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। सारे विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां पर बहनों के लिए एक खास त्यौहार मनाया जाता है। दूसरी और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो बेटियों को गर्भ में ही मार देते हैं। रक्षाबंधन के दिन लाखों भाईयों की कलाई सूनी रह जाती है, क्योंकि उनके माता-पिता उनकी बहन को गर्भ में ही मार देते हैं और बहन के प्यार को छीन लेते हैं। यह हम सभी भारतीयों के लिए काफी शर्म की बात है हमारे धर्म में कन्या पूजन सदियों से चला आ रहा है। हमारे वेद शास्त्रों में कन्या को एक देवी का रूप माना जाता है, फिर भी भ्रूण हत्या के मामले सामने आ रहे हैं। यह त्यौहार केवल भाई-बहनों का नहीं बल्कि सारे समाज का होता है। इस दिन समाज के सभी लोगों को एक दूजे की रक्षा का प्रण लेना चाहिए। सभी लोगों को समझ में मौजूद सभी बहन बेटियों की रक्षा का प्रण लेना चाहिए।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi

हमारे सभी प्रिय विद्यार्थियों को इस “Raksha Bandhan Essay in Hindi” जरूर मदद हुई होगी यदि आपको यह Essay on Raksha Bandhan in Hindi अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह Raksha Bandhan Essay in Hindi कैसा लगा? हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा और आपको अगला Essay या Speech कौन से टॉपिक पर चाहिए. इस बारे में भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं ताकि हम आपके अनुसार ही अगले टॉपिक पर आपके लिए निबंध ला सकें.

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Essay on Raksha Bandhan in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध

February 24, 2018 by essaykiduniya

यहां आपको सभी कक्षाओं के छात्रों के लिए हिंदी भाषा में रक्षा बंधन पर निबंध मिलेगा। Here you will get Paragraph and Short Essay on Raksha Bandhan in Hindi Language for students of all Classes in 150, 350 and 450 words.

Essay on Raksha Bandhan in Hindi

Essay on Raksha Bandhan in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध (150 Words) 

भारत में सभी त्योहार बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं। रक्षा बंधन भाई बहन का त्योहार है और उनके प्रेम का प्रतीक है। यह हर साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बाँध कर उनकी लंबी उमर की दुआ करती हैं और भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन देते हैं। सभी लोग राखी के त्योहार को बड़ी खुशी के साथ बनाते हैं। इस दिन भाई अपनी बहन को तोहफे भी देते हैं। इस दिन बाँधी जाने वाली राखे रेशम के धागे, चाँदी और सोने की होती है। लोग घरों के बाहर राम सीता, राधे श्याम की पर्ची भी लगाते हैं। घर में तरह तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। इस दिन सरकार महिलाओं के लिए यातायात की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराते हैं। शादीशुदा महिला अपने मायके जाकर अपने भाईयों को राखी बाँधती है।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध (350 Words) 

भूमिका – भारत में हर वर्ष अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। ये त्योहार हमारी सभ्यता एवं संस्कृति के रक्षक हैं। ये प्रेम और एकता का सन्देश देते हैं। इनसे जीवन में उल्लास एवं शक्ति का विकास होता है। ‘रक्षाबन्धन’ भी भारत का एक ऐसा त्योहार है। यह हमारा सांस्कृतिक त्योहार है। यह श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है – ‘रक्षाबन्धन’ का अर्थ है रक्षा का बन्धन। कहते हैं कि देवताओं और राक्षसों के मध्य हो रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक यज्ञ हुआ। इन्द्राणी ने देवताओं को बुलवाकर यज्ञ करवाया। इन्द्र के हाथ में उसने रक्षा का सूत्र बाँधा। इन्द्र की विजय हुई और राक्षस पराजित हुए। तभी से यह ‘रक्षाबन्धन’ का त्योहार आरम्भ हुआ। बाद में आचार्य लोग अपने शिष्यों एवं भक्तों के हाथों में रक्षा का सूत्र बाँधने लगे। भारत में मुग़लकाल से भी यह त्योहार जुड़ा हुआ है। कहते है कि मेवाड़ के वीर महाराणा संग्राम सिंह की मृत्यु के बाद बहादुरशाह ने अपनी सेना सहित चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया। राणा संग्राम सिंह की दो पलियों कर्मवती और जवाहर बाई ने सेना सहित शत्रुओं से लोहा लिया। कर्मवती ने ऐसे समय में हुमायूं के पास राखी भेज कर उसे अपना भाई बनाया और सहायता के लिए प्रार्थना की। भाई बहिन के पवित्र रिश्ते की लाज रखने हुमायूं अपने दल बल सहित आया। तभी से इस त्योहार का महत्व और भी बढ़ गया है।

कैसे मनाया जाता है – ‘रक्षाबन्धन’ से आठ दस दिन पहले बाजारों में सुन्दर और रंग बिरंगी राखियाँ आ जाती हैं। बहनें अपने दूर बैठे भाइयों के पास राखियाँ भेज देती हैं। रक्षा बन्धन के दिन भाई नहा धोकर जल्दी तैयार हो जाते हैं। बहनें आरती सजा कर उनकी आरती उतारती हैं और उनकी कलाई पर राखी बाँधती हैं। बहनें भाइयों के मुँह में मिठाई देती हैं और अपनी शुभ कामनाएँ देती हैं। भाई भी उन्हें रुपये कपड़े आदि भेट में देकर उनका सम्मान करते हैं।

उपसंहार – भारत के अन्य त्योहारों की तरह इस त्योहार का अपना महत्व है। यह भी प्रेम और एकता का प्रतीक है। हमें अन्य त्योहारों की तरह इस त्योहार को खुब धूम-धाम से मनाना चाहिए। राष्ट्र में स्नेह की धारा बहाने का यह सबसे सुन्दर साधन है।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध (450 Words) 

“रक्षा बंधन” हिन्दुओं का बड़ा पवित्र त्यौहार है। यह श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसका अर्थ है रक्षा के लिए बांधना। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर धागा बान्धती हैं। दूसरे शब्दों में वे अपने भाइयों से वचन लेती हैं कि वे सदैव उनकी रक्षा करेंगे।

प्राचीनकाल में रक्षा बंधन के रूप में मौली का धागा ही पर्याप्त था। लेकिन आजकल नई-नई किसम की चमकीली, भड़कीली एवं मनमोहक राखियां बाज़ार में बिकने लग गई हैं। इन राखियों को देखकर लड़कियों में कीमती से कीमती राखी खरीद कर भाई की कलाई में बान्धने की होड़ लग जाती है। ऐसा लगता है कि बहन के प्यार का अनुमान राखी की कीमत से जाना जाएगा। आजकल तो राखी का त्यौहार जहां बहन-भाई के प्यार को प्रकट करता है, वहां यह व्यापार का भी अच्छा साधन बन गया है । इस त्यौहार से लगभग एक सप्ताह पूर्व बाज़ारों में दुकानों पर राखियां ही राखियां दिखाई देती हैं। राखियां बनाने वाले भी नित्य नई किसम की राखियां बनाकर अपने व्यापार में वृद्धि करते हैं।

इस उत्सव पर बहनें बड़े चाव से राखियां खरीदती हैं। बहुत-सी विवाहिता लड़कियां तो अपने भाइयों को राखी बान्धने के लिए लम्बी यात्रा करके अपने मायके जाती हैं। लेकिन कुछ बहनें डाक द्वारा ही राखी भेज कर सन्तोष कर लेती हैं। बच्चे, बूढ़े, जवान सभी इस त्यौहार को बड़े चाव से मनाते हैं। वे भाइयों की कलाई में राखी बान्ध कर उनके मस्तक पर तिलक करती हैं और मिठाई तथा फल भेंट करती हैं। भाई आशीर्वाद के रूप में बहनों को कुछ रुपए देते हैं।

इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों की तो शोभा ही निराली होती है। अपने हाथों पर कई-कई राखियां बान्धे घूमते हुए बड़े प्यारे लगते हैं। ये उत्सव उन बहनों को अवश्य खलता है जिनके भाई नहीं होते। ऐसी लड़कियां अपने रिश्ते के भाइयों को या ओस-पड़ोस में मुंह-बोले भाइयों को राखी बान्ध कर सन्तोष कर लेती हैं।

इस त्यौहार का बड़ा महत्व है। इतिहास बताता है कि राजस्थान की रानी कर्मवती ने एक मुस्लिम राजा हुमायूं को राखी भेज कर रक्षा करने के लिए प्रार्थना की थी। हुमायूं ने अपने मन्त्रियों के विरोध की भी चिन्ता न करके राखी भेजने वाली अपनी बहन कर्मवती की रक्षा करने का निश्चय किया। लेकिन दुःख की बात यह है कि हम आज इस राखी में छिपी भावना को भूल चुके हैं। आज यह दिखावे का त्यौहार अधिक है लेकिन सच्चे दिल से इस त्यौहार को मनाना चाहिए और हर स्थिति में अपनी बहनों की रक्षा करने का प्रण लेना चाहिए।

हम आशा करते हैं कि आप इस निबंध  ( Essay on Raksha Bandhan in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध ) को पसंद करेंगे।

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रक्षाबंधन पर निबंध – Raksha Bandhan Essay in Hindi

by Editor updated December 18, 2018, 2:39 PM 1 Comment

रक्षाबंधन पर हिन्दी निबंध  | RakshaBandhan Hindi essay

स्कूल और कॉलेज में रक्षाबंधन पर अक्सर निबंध पूछा जाता है। यहाँ हम आपके लिए 300, 400,600 और 1000 Words में रक्षाबंधन पर निबंध लेकर आए हैं। 

रक्षाबंधन पर निबंध (150 शब्द) 

भाई-बहन के बीच पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। रक्षाबंधन का पर्व हर वर्ष श्रावण (सावन) के महीने में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन खास मुहूर्त के समय बहन अपने भाई को टीका करती है और उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है जिसे राखी कहते हैं तो वहीं भाई भी अपनी बहन को उपहार देता है और बहन की रक्षा करने का वचन देता है।

इस दिन पूरा परिवार एक ही छत के नीचे इकट्ठा होता है और बड़ी धूम-धाम के साथ एक-दूसरे के साथ इस त्योहार को मनाते हैं।  भारत देश में ही नहीं विश्व के हर देश में जहां भी भारतीय निवास करते हैं वहाँ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है।

रक्षाबंधन का दिन भाई और बहन के लिए विशेष होता है। इस दिन दोनों अपने पवित्र रिश्ते को और मजबूत करने की कसम खाते हैं और एक दूसरे के लिए मंगल कामना करते हैं।

रक्षाबंधन का त्योहार (400 शब्द) 

भाई-बहन के बीच अटूट और पवित्र प्रेम को समर्पित रक्षाबंधन का त्योहार हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार हर साल श्रावण के महीने में आता है। रक्षाबंधन के त्योहार के पूर्व ही बाज़ार में तरह-तरह की सुंदर राखियों की बिक्री शुरू हो जाती है। बहनें अपने भाइयों के लिए तरह-तरह की राखियाँ खरीदतीं हैं।

रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त पर बहन अपने भाई के माथे पर टीका करती है, उसकी आरती करती है और भाई की कलाई पर राखी बांधती है। बदले में भाई अपनी बहन को उपहार देता है।

ऐसा कहा जाता है बहन जो राखी अपने भाई की कलाई पर बांधती है वो रक्षा सूत्र का काम करती है और भाई की हर संकट से रक्षा करती है। राखी को बांधकर बहन अपने भाई से यह वचन भी लेती है की वो हमेशा उसकी रक्षा करेगा।

रक्षाबंधन के दिन पूरा परिवार एक होता है और एक साथ मिलकर इस त्योहार को हर्ष-उल्लास के साथ मनाते हैं। इस दिन स्कूलों में भी छुट्टी होती है।

रक्षाबंधन को मनाने के पीछे कई धार्मिक कथाएँ जुड़ीं हुई है जिनमें राजा बली और माता लक्ष्मी की कथा विशेष रूप से याद आती है।

जब भगवान श्री विष्णु वामन अवतार धारण कर राजा बली से तीनों लोकों का आधिपत्य दान में ले लेते हैं तब बली भगवान विष्णु से याचना करते हैं की – हे प्रभु मेरा सबकुछ मैंने दान कर दिया है अब मुझ पर एक कृपा करें की आप भी मेरे साथ पाताल आकर निवास करें। श्री विष्णु राजा बली की याचना स्वीकार कर लेते हैं और पाताल में निवास करने लगते हैं।

इस बात से माता लक्ष्मी परेशान हो जातीं है। माता लक्ष्मी राजा बली के पास जातीं हैं और उन्हें रक्षा सूत्र बांधतीं है। राजा बली माता लक्ष्मी से कुछ मांगने के लिए कहता है तब माँ लक्ष्मी अपने मूल स्वरूप में आकर श्री विष्णु को अपने साथ ले जाने के लिए कहतीं हैं। राजा बली माता लक्ष्मी की मांग को स्वीकार कर लेता है और श्री विष्णु को पाताल से ले जाने की अनुमति देता है।

ऐसा कहा जाता है तभी से राखी के इस त्योहार को मनाया जाता है। रक्षाबंधन सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु नेपाल और जहां भी हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं वहाँ बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। भाई बहन के बीच पवित्र प्रेम को दर्शाता यह राखी का त्योहार हमारी महान संस्कृति और विरासत को दर्शाता है।

रक्षाबंधन निबंध (600 शब्द)

हिन्दू धर्म में मनाए जाने वाले त्योहारों में से रक्षाबंधन का त्योहार मुख्य है। यह त्योहार भाई-बहन के बीच पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक है और भाई-बहन को समर्पित है। इस दिन स्कूलों में छुट्टी होती है इसलिए बच्चों में काफी उत्साह होता है। रक्षाबंधन को राखी का त्योहार भी कहा जाता है।

रक्षाबंधन के पूर्व ही बाज़ार तरह-तरह की राखियों से सज जाते हैं। बहनें अपने भाइयों के लिए राखी की खरीदी करतीं हैं, इस दिन लोग नए कपड़े व मिठाइयाँ खरीदते हैं।

रक्षाबंधन के दिन एक खास मुहूर्त के समय ही बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तिलक करती है और उसकी आरती करती है। भाई भी अपनी बहन को उपहार देता है। बहन के द्वारा बांधा गया रक्षा सूत्र भाई को हर संकट से बचाता है। इस दिन भाई भी अपनी बहन को रक्षा करने का वचन लेता है।

इस दिन काफी चहल-पहल होती है क्यूंकी सभी एक-दूसरे के घर जाकर बधाई देते हैं और राखी बंधवाते हैं।

हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन को मनाने के पीछे कई कथाएँ जुड़ीं हुईं हैं, इससे ये पता चलता है की इस त्योहार की कितना धार्मिक महत्व है।

माता लक्ष्मी और राजा बली की कथा

वामन अवतार लेकर जब श्री विष्णु तीनों लोकों को नाप लेते हैं तब राजा बली हाथ जोड़कर प्रार्थना करता है की हे प्रभु, मैंने अपना सब कुछ दान कर दिया है अब मुझ पर एक कृपा करे वो ये की आप भी मेरे साथ पाताल में निवास करें। श्री विष्णु बली की इस प्रार्थना की स्वीकार कर लेते हैं और पाताल में निवास करने लगते हैं।

माता लक्ष्मी इस बात से व्यथित होकर राजा बली के पास भेष बदलकर जातीं हैं और बली की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधतीं हैं। राजा बली माता लक्ष्मी से कुछ मांगने के लिए कहता है तब माता लक्ष्मी अपने मूल रूप मे आकर राजा बली से भगवान श्री विष्णु को पाताल से ले जाने की अनुमति मांगतीं है।

राजा बली भी माता लक्ष्मी को इसकी अनुमति दे देता है। ऐसा कहा जाता है जब माता लक्ष्मी ने राजा बली को रक्षा सूत्र बांधा था उस समय श्रावण का महिना था। उसी समय से बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है।

श्री कृष्ण और द्रौपदी की कथा

पांडवों के राजसूय यज्ञ में सम्मिलित जब शिशुपाल 100 से ज्यादा अपशब्द भगवान श्री कृष्ण को कहता है तब श्री कृष्ण अपने सुदर्शन चक्र से उसका वध कर देते हैं। उस समय श्री कृष्ण की उंगली चक्र से थोड़ी कट गयी थी। जब द्रौपदी ने यह देखा तो तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली पर बांध दिया, भगवान कृष्ण ने उस समय द्रौपदी से कहा था की वो एक दिन इसका ऋण अवश्य चुकाएंगे।

इसके बाद जब भरी सभा में दुशासन द्रौपदी का चीर हरण कर रहा था तब श्री कृष्ण ने चीर को बढ़ाकर द्रौपदी की लाज रखी थी।

ऐसा कहा जाता है जब द्रौपदी ने श्री कृष्ण की कलाई में साड़ी का पल्लू बांधा था उस समय श्रावण पूर्णिमा थी। तभी से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है।

रक्षाबंधन से जुड़ी एक कथा में वृत्तासुर से युद्ध के समय इंद्र की पत्नी सची अपने पति इंद्र की रक्षा के लिए एक विशेष रक्षा सूत्र बांधती है। उस युद्ध में इंद्रा की विजय होती है।

ऐसी ही ना जाने की कितनी ही कथाएँ रक्षाबंधन के पर्व से जुड़ीं हैं जो ये दर्शाती हैं की बहन के इस रक्षा सूत्र में कितनी शक्ति है और इसका कितना महत्व है एक भाई के लिए।

रक्षाबंधन का पर्व सिर्फ भारत देश में ही नहीं बल्कि दुनिया में जहां-जहां हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं वहाँ मनाया जाता है। हर वर्ष मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को उजागर करता है।

रक्षाबंधन का त्योहार निबंध (1000 शब्द) 

रक्षाबंधन यानि रक्षा का बंधन – एक ऐसा रक्षा सूत्र जो भाई को हर संकट से बचाता है। रक्षाबंधन हिन्दू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। यह त्योहार भाई-बहन के बीच स्नेह और पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। भारत ही नहीं, विश्व के कई देशों में यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी यानि की रक्षा सूत्र बांधती है और भाई भी अपनी बहन को ये वचन देता है की वो हमेशा उसकी रक्षा करेगा।

कैसे मनाया जाता है रक्षाबंधन

रक्षाबंधन के कुछ दिन पूर्व ही सभी बाज़ार रंग-बिरंगी राखियों से सज जाते हैं। बहनें अपने भाइयों के लिए तरह-तरह की डिज़ाइन की राखियाँ खरीदतीं हैं, कुछ बहनें चांदी की राखी भी खरीदतीं है। तरह-तरह की मिठाइयाँ बाज़ार में आ जातीं है।

घर के सभी सदस्य बाज़ार जाकर अपने लिए नए-नए कपड़े खरीदते हैं, मिठाइयाँ खरीदते हैं। स्कूलों में छुट्टी होती है तो बच्चों में खास उत्साह देखने को मिलता है।

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का खास मुहूर्त होता है। उस खास मुहूर्त के समय बहन-भाई अच्छे से तैयार होते हैं। सबसे पहले बहन भाई की आरती करती है, तिलक करती है और दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधती है। बदले में भाई भी अपनी बहन को विशेष उपहार देता है और मन ही मन उसकी रक्षा करने का वचन भी लेता है।

इसके बाद परिवार के सभी लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं और अपने परिजनों के घर जाकर बधाई देते हैं और साथ में खुशियाँ बांटते हैं। रक्षाबंधन के पूरे दिन चहल पहल का माहौल रहता है।

जिन भाइयों के बहन नहीं होती या जिन बहनों का भाई नहीं होता वो भी किसी ना किसी को अपना भाई या बहन मानकर राखी के त्योहार को मनाते हैं।

रक्षाबंधन से जुड़ी धार्मिक कथाएँ

रक्षाबंधन को क्यूँ मनाया जाता है इसके पीछे कई दृष्टांत सुनने को मिलते हैं। ये सभी दृष्टांत रक्षाबंधन के रक्षा सूत्र के महत्व की दर्शाते हैं। इन कथाओं में कोई भी सगा भाई-बहन नहीं हैं लेकिन रक्षा सूत्र को बांधने के बाद किस प्रकार वो रक्षा सूत्र रक्षण करता है वो इन कथाओं में देखने को मिलता है।

राजा बली और माता लक्ष्मी का रक्षाबंधन

राजा बली बहुत बड़ा दानी था किन्तु उसने तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर रखा था। श्री हरी विष्णु ने वामन का अवतार धारण कर राजा बली से तीनों लोक दान में ले लिए। अब बली ने श्री विष्णु से याचना की – हे प्रभु मुझ पर एक कृपा करें, आप भी मेरे साथ पाताल चलकर निवास करें।

श्री विष्णु बली से प्रसन्न होकर उसकी विनंती स्वीकार कर लेते हैं और पाताल में आकर निवास करने लगते हैं।

इस बात से व्यथित होकर माता लक्ष्मी श्री विष्णु को वापस लाने के लिए भेष बदलकर बली के पास जातीं हैं और बली के हाथ में रक्षा सूत्र बांधतीं हैं। राजा बली माता लक्ष्मी से कुछ मांगने के लिए कहते हैं, तब माँ लक्ष्मी अपने मूल रूप में आतीं हैं और राजा बली से श्री विष्णु को पाताल से ले जाने की अनुमति मांगतीं हैं।

अपने दानी स्वभाव के लिए प्रख्यात बली माँ लक्ष्मी की बात मान लेते हैं और श्री विष्णु को ले जाने की अनुमति दे देते हैं। ऐसा कहा जाता है इस घटना के समय सावन का मास था।

श्री कृष्ण और द्रौपदी का रक्षाबंधन

इंद्रप्रस्थ में जब पांडव राजसूय यज्ञ करा रहे थे उस समय शिशुपाल ने श्री कृष्ण को कई अपशब्द कहे थे और जब शिशुपाल अपने अपशब्दों की सीमा को लांघ गया तो श्री कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से उसका वध कर दिया।

सुदर्शन चक्र के कारण श्री कृष्ण की एक उंगली से रक्त बहने लगा था। जब द्रौपदी ने ये देखा तो उसने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर श्री कृष्ण के हाथ पर बांध दिया। भगवान श्री कृष्ण ने उस समय द्रौपदी को यह वचन दिया था की वो एक दिन इसका ऋण अवश्य चुकाएंगे।

भरी सभा में जब द्रौपदी का चीर हरण हो रहा था तब श्री कृष्ण ने द्रौपदी के चीर को बढ़ाकर उसकी लाज रखी थी। ऐसा कहा जाता है जब द्रौपदी ने श्री कृष्ण के हाथ में साड़ी का पल्लू बांधा था उस समय सावन का महिना था।

महाभारत के युद्ध की समय की घटना

महाभारत के युद्ध के समय जब युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से पूछा की वो किस प्रकार से युद्ध में आने वाले हर संकट का सामना करेंगे, तब श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को एक मार्ग बताया- उन्होने युधिष्ठिर से कहा की तुम अपने सभी सैनिकों की कलाई पर एक रक्षा सूत्र बांध दो। वो रक्षा सूत्र उनके प्राणो की रक्षा करेगा।

युधिष्ठिर ने ऐसा ही किया और सभी  सैनिकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध दिया। ऐसा कहा जाता है यह घटना भी सावन के महीने में घटित हुई थी और महाभारत के युद्ध में पांडवों की विजय में उस रक्षा सूत्र का खास योगदान था।

देवराज इन्द्र और पत्नी सची की कथा

वृत्तासुर से युद्ध करने के पूर्व देवराज इंद्र की पत्नी ने अपने पति की रक्षा के लिए विशेष मंत्रोच्चार से एक रक्षा सूत्र तैयार किया था और वो सूत्र उन्होने अपने पति इन्द्र की कलाई पर बांधा था। इसके बाद वृत्तासुर के साथ युद्ध में इन्द्र की विजय हुई थी। ऐसा कहा जाता है उस समय भी श्रावण का महिना था।

हुमायूँ और रानी कर्णावती का रक्षाबंधन

चित्तौड़गढ़ की रानी कर्णावती ने मुगल शासक बहादुर शाह से अपनी और प्रजा की रक्षा के लिए हुमायूँ को रक्षा सूत्र भेजा था। उस समय हुमायु ने उस रक्षा सूत्र की खातिर रानी कर्णावती की रक्षा की थी।

रक्षाबंधन विशेष रूप से भाई और बहन के बीच आपसी प्रेम को उजागर करता है। हर वर्ष आने वाला यह त्योहार हर भाई को उसकी बहन के प्रति कर्तव्य को याद दिलाता है। बहन के लिए भी ये दिन काफी खास होता है। रक्षाबंधन का त्योहार हमारे देश की संस्कृति, सभ्यता और परम्पराओं को दर्शाता है और ये बताता है की हमारे यहाँ रिश्तों का कितना महत्व है।

  • रक्षाबंधन से जुड़ीं कथाएँ व इतिहास 

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रक्षाबंधन पर निबंध 2023 | Essay on Raksha Bhandan in hindi

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हिंदू धर्म में हर साल श्रावण के अगस्त महीने में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के रिश्ते और प्यार का प्रतीक मानते हुए सभी हिंदू धर्म के लोग बहुत धूमधाम के साथ यह त्यौहार बनाते है।

रक्षाबंधन का त्योहार परिवार में एकता और सम्मान का बढ़ावा देता है। इस दिन सभी परिवार एक साथ मिलकर प्रसन्नता पूर्वक इस त्यौहार को मानते हैं।

आइए आज इस आर्टिकल में आपके साथ रक्षा बंधन पर निबंध साझा करते हैं और बताते हैं कि आख़िर रक्षा बंधन कब और क्यों मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है? इसका महत्त्व कहानी।

रक्षाबंधन पर निबंध-Essay-on-Raksha-Bandhan-in-hindi

विषय–सूची

रक्षाबंधन पर निबंध 150, 200, 500, 1000 शब्दों में (Essay on Raksha Bhandan in hindi)

प्रस्तावना –.

भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन त्यौहार का बहुत महत्व माना जाता है, और यह त्योहार भारत में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।

रक्षाबंधन के दिन सभी बहने अपने भाई की पूजा कर और तिलक लगाकर कलाई पर राखी (धागा) बांधती है, और अपने भाई को मिठाई खिलाती है। और इसके बदले में भाई अपनी बहन को कोई उपहार देते हुए  अपनी बहन को सभी बुराइयों से बचाने का वादा करता है।

यह त्यौहार भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए मनाया जाता है। हालांकि बुजुर्गों द्वारा बताया जाता है, कि प्राचीन काल में पत्नी अपने पति को राखी बांधती थी। और प्राचीन काल में यह त्यौहार पति-पत्नी के बीच मनाया जाता था।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है?

रक्षाबंधन का यह त्यौहार भाई-बहन के प्रेम को ही नहीं बल्कि उनकी आपसी समझ और समर्थन को भी प्रकट करता है। भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

यह त्यौहार भाई-बहन के संबंध के साथ-साथ परिवार के संबंध को भी मजबूत बनाता है। और परिवार महत्व की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। भारतीय संस्कृति में यह त्यौहार एकता और सद्भावना का प्रतीक माना गया है।

रक्षाबंधन कब मनाया जाता है?

रक्षाबंधन का यह त्यौहार भारत में हर साल श्रावण महीने के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस त्यौहार को राखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह त्यौहार भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक माना गया है।

इस वर्ष श्रावण महीने की पूर्णिमा 30-31 अगस्त को पढ़ रहा है, इसलिए रक्षाबंधन का त्यौहार व पूर्णिमा 30 अगस्त रात्रि को शुरू होगा और सुबह 31 अगस्त तक रहेगा।

रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है?

इस त्यौहार के शुभ अवसर पर हर तरफ खुशहाली और शोर छाया रहता है। बहने अपने भाई के लिए अपने मनपसंद की राखी और मिठाइयां खरीदती हैं। और एक थाली में कुमकुम, अक्षत, राखी (धागा), दीपक, मिठाई लेकर भाई को पूर्व दिशा में बैठाकर बहने भाई को तिलक लगाकर सर पर अक्षत छिड़क कर आरती उतारती हैं, और फिर राखी बांधकर अंत में भाई को मिठाई खिलाती हैं।

अगर भाई छोटा है, तो बहन अपने भाई को उपहार देती हैं, अपितु भाई बहनों को उपहार देते हैं।

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उनकी लंबी उम्र और सुरक्षित रहने की कामना करती हैं। और भाई उसके बदले में अपनी बहन को उपहार के साथ-साथ आशीर्वाद और सभी बुराइयों से रक्षा करने का वादा करता है।

रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर समाज के लोग के साथ-साथ घर के लोग एक साथ एकत्रित होकर समय बिताते हैं। यह त्यौहार परिवार व समाज के संबंध को भी मजबूत करता है।

रक्षाबंधन का इतिहास –

ऐसा बताया जाता है कि पहले इस त्यौहार पर पत्नीया अपने पति को राखी बांधती थी। सर्वप्रथम इस त्यौहार का शुरुआत दुष्ट राजा बलि से अपनी रक्षा के लिए इंद्र की पत्नी शची ने अपने पति को श्रावण मास के पूर्णिमा के दिन राखी बांधा था। और देवराज इंद्र दुष्ट राजा बलि को परास्त कर विजय प्राप्त करके आए थे। तभी से इस त्यौहार पर पत्नी अपने पति को राखी बांधती थी।

 परंतु बाद में यह प्रथा बदलकर भाई बहनों का त्योहार माना जाने लगा और बहन अपने भाई को राखी बांधने लगी। ब्रिटिश राज के दौरान इस त्यौहार का सहारा लेकर प्राचीन काल में बंगाल विभाजन को रोकने और मित्रता बढ़ाने के लिए रवींद्रनाथ टैगोर ने एकता को बढ़ावा दिया था।

किन-किन स्थानों पर रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है?

मुख्य रूप से रक्षाबंधन का त्योहार भारत और नेपाल में मनाया जाता है। मलेशिया और जहां – जहां भारत के नागरिक निवास करते हैं वहां-वहां यह त्यौहार मनाया जाता है।

रक्षाबंधन त्यौहार का महत्व-

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने की बहुत पुरानी परंपरा है। इस त्यौहार के दिन बहने केवल अपने सगे भाई को ही नहीं बल्कि सभी सगे संबंधियों को राखी बांध सकती हैं। और वे उनके भाई बन जाते हैं। रक्षाबंधन त्यौहार का वर्णन भविष्य पुराण और इतिहास में भी मिलता है।

रक्षाबंधन के इस पावन त्यौहार पर हम किसी को भी अपना बहन या भाई बना सकते हैं। भारतीय संस्कृति में इस त्यौहार का बहुत महत्व होता है।

रक्षाबंधन के त्योहार पर दूर रहने पर भी भाई-बहन एक दूसरे के पास जाकर राखी बंधवाते और बांधते हैं। और एक दूसरे के मनपसंद का उपहार भी देते हैं।

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रक्षाबंधन पर सरकारी प्रबंध-

रक्षाबंधन त्यौहार पर भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा आकर्षक लिफाफो का ₹10 में बिक्री किया जाता है। जिससे बहने अपने भाई को डाक द्वारा एक लिफाफे में तीन चार राखी केवल ₹5 में भेज सकती हैं।

सभी बहनों के लिए डाक विभाग द्वारा इस त्यौहार पर 50 ग्राम वजन तक का राखी लिफाफा पांच रुपए में भेज सकती हैं। जबकि वैसे एक राखी 20 ग्राम के लिफाफे में सिर्फ भेजी जा सकती है। यह सेवा सिर्फ रक्षाबंधन त्यौहार के लिए ही उपलब्ध है।

रक्षाबंधन के इस अवसर पर सरकार द्वारा सभी लड़कियों व महिलाओं को निशुल्क यात्रा प्रावधान करती है। इस दिन बहने कहीं भी बिना खर्च किए अपने भाई को राखी बांधने जा सकते हैं। सभी बहनों के लिए यह सुविधा रक्षाबंधन तक ही उपलब्ध है।

उपसंहार –

हमारी संस्कृति की पहचान यह त्योहार माना जाता है। इस त्यौहार पर हर भारतवासी को गर्व होता है, कि बहने हमारे जीवन में कितना महत्व रखती हैं। रक्षाबंधन त्योहार सभी भाई बहनों के लिए एक विशेष महत्व होता है।

इस विशेष पर्व पर दूर रहने पर भी भाई-बहन एक दूसरे के लिए समय निकालकर उनसे मिलने जाते हैं। जिससे यह रक्षाबंधन की महत्वता को दर्शाता है। इस पवित्र त्यौहार को सभी लोग खुशी-खुशी और बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। रक्षाबंधन त्योहार के महत्व को समझते हुए हम सभी को इस पावन त्यौहार के आदर्श की रक्षा करते हुए हम सभी को नैतिक भाव से खुशी होकर मनाते हुए इस त्योहार को और बढ़ावा देना चाहिए।

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Essay on Raksha Bandhan

essay on raksha bandhan

Here we have shared the Essay on Raksha Bandhan in detail so you can use it in your exam or assignment of 150, 250, 400, 500, or 1000 words.

You can use this Essay on Raksha Bandhan in any assignment or project whether you are in school (class 10th or 12th), college, or preparing for answer writing in competitive exams. 

Topics covered in this article.

Essay on Raksha Bandhan in 150-200 words

Essay on raksha bandhan in 250-450 words, essay on raksha bandhan in 500-1000 words.

Raksha Bandhan is a popular Hindu festival celebrated in India and other parts of the world. The term “Raksha Bandhan” translates to “bond of protection.” It is a joyous occasion that strengthens the bond between brothers and sisters. The festival is typically observed on the full moon day in the month of Shravana.

On Raksha Bandhan, sisters tie a sacred thread called a “rakhi” around their brothers’ wrists as a symbol of love and protection. In return, brothers give gifts and promise to protect and support their sisters throughout their lives. The festival represents the mutual affection and care between siblings.

Raksha Bandhan also extends beyond biological siblings. It can be celebrated between cousins, friends, and even neighbors, emphasizing the importance of unity and harmony in society.

The festival holds cultural and traditional significance, bringing families together and fostering love and respect among siblings. It is a day of celebration, where people exchange greetings, share sweets, and enjoy festive meals.

In essence, Raksha Bandhan serves as a reminder of the deep and unconditional love between brothers and sisters, strengthening their bond and spreading joy and happiness in their lives.

Raksha Bandhan, also known as Rakhi, is a significant Hindu festival celebrated in India and among the Hindu diaspora worldwide. The festival holds great cultural and emotional importance as it symbolizes the bond of love and protection between brothers and sisters.

The festival takes place on the full moon day in the Hindu month of Shravana, which usually falls in August. On this day, sisters tie a sacred thread, known as a “rakhi,” around their brothers’ wrists. The rakhi represents the sister’s love, prayers, and good wishes for her brother’s well-being and protection. In return, brothers offer gifts to their sisters as a token of their love and promise to protect and support them throughout their lives.

The ritual of tying the rakhi is a beautiful and sentimental moment. Sisters carefully choose the rakhi, often adorned with colorful threads, beads, and decorative elements, to symbolize their affection. The act of tying the rakhi signifies the sister’s trust in her brother’s commitment to safeguard her from any harm or danger.

Raksha Bandhan extends beyond biological siblings. It is also celebrated between cousins, friends, and even neighbors. This inclusivity reflects the essence of unity and harmony in society, emphasizing the importance of caring and protecting one another.

The festival of Raksha Bandhan is not limited to the tying of the rakhi. It involves various rituals and customs. Families gather for special prayers and blessings, and a traditional puja (worship) is performed. Sisters prepare delicious sweets and delicacies for their brothers, and the entire family comes together to share a festive meal.

Raksha Bandhan holds historical and mythological significance as well. In ancient times, queens and princesses tied rakhi to the kings and warriors to seek their protection during battles. The festival is also associated with several legends, such as the story of Lord Krishna and Draupadi from the epic Mahabharata, where Krishna protected Draupadi from humiliation.

Beyond its religious and historical aspects, Raksha Bandhan celebrates the beautiful bond of love, trust, and protection between siblings. It is a day filled with joy, laughter, and cherished moments. The festival reinforces the idea of family values, unity, and the importance of maintaining strong relationships.

In conclusion, Raksha Bandhan is a special occasion that celebrates the eternal bond between brothers and sisters. It signifies the love, care, and protection siblings have for each other. The festival not only strengthens the bond between siblings but also promotes a sense of unity and harmony in society. Raksha Bandhan is a cherished and much-anticipated celebration that spreads happiness, love, and blessings among families and friends.

Title: Raksha Bandhan – Strengthening the Sacred Bond of Love and Protection

Introduction:

Raksha Bandhan, also known as Rakhi, is a significant Hindu festival that celebrates the sacred bond between brothers and sisters. It holds great cultural and emotional importance in India and among the Hindu diaspora worldwide. The festival is marked by the ritual of tying a sacred thread called a “rakhi” around the brother’s wrist, symbolizing the sister’s love, prayers, and the brother’s promise of protection. This essay explores the historical, mythological, and cultural significance of Raksha Bandhan and its enduring relevance in contemporary society.

Historical Significance

Raksha Bandhan has historical roots dating back centuries. It has been observed in various forms across different regions of India. In ancient times, women tied threads around the wrists of men before they left for battles, symbolizing their prayers for their safety and well-being. It represented a bond of protection and support during challenging times. Over time, this practice evolved into the modern-day celebration of Raksha Bandhan.

Mythological Significance

Raksha Bandhan is also associated with several mythological stories. One of the most popular legends is that of Lord Krishna and Draupadi from the epic Mahabharata. According to the legend, Draupadi tore a piece of her saree and tied it around Krishna’s wrist to stop the bleeding from a wound. Touched by her gesture, Krishna vowed to protect her whenever she needed help. This story symbolizes the unconditional love and divine bond between siblings.

Cultural Celebrations

Raksha Bandhan is celebrated with great enthusiasm across India and among the Hindu community worldwide. The festivities begin with sisters selecting or making the perfect rakhi for their brothers. The rakhi, often adorned with colorful threads, beads, and decorative elements, is a visual representation of the sister’s affection and love. Sisters also prepare delicious sweets and delicacies as part of the celebration.

On the day of Raksha Bandhan, families come together for a traditional puja (worship) ceremony. The sister applies a tilak (a mark) on her brother’s forehead, performs an aarti (ritualistic offering of light), and ties the rakhi around his wrist while reciting prayers for his well-being. In return, the brother gives gifts and promises to protect his sister from any harm throughout her life. This exchange of love and promises strengthens the bond between siblings.

Beyond Biological Siblings

Raksha Bandhan goes beyond biological siblings. It is also celebrated between cousins, friends, and even neighbors. This inclusivity reflects the essence of unity and harmony in society. It emphasizes the importance of caring, protecting, and supporting one another, irrespective of blood relations.

Significance in Contemporary Society

In today’s fast-paced and dynamic world, Raksha Bandhan holds deep significance in maintaining strong family bonds and nurturing relationships. It serves as a reminder of the love, care, and support that siblings provide to each other. In an era of globalization and increasing distances, Raksha Bandhan brings families together, creating an atmosphere of warmth, joy, and togetherness.

Raksha Bandhan also plays a role in promoting gender equality and women’s empowerment. While traditionally sisters tie the rakhi to their brothers, the festival is evolving to include diverse relationships. Sisters tie rakhi to their sisters, and women tie rakhi to men who have been supportive and protective figures in their lives. This inclusive approach reinforces the idea that love, care, and protection are not limited by gender roles or biological ties.

Conclusion :

Raksha Bandhan is a cherished Hindu festival that celebrates the eternal bond between brothers and sisters. It holds historical, mythological, and cultural significance. The festival represents the love, trust, and protection that siblings offer to one another. Raksha Bandhan has evolved over time, adapting to the changing dynamics of society, while retaining its essence and core values.

In contemporary society, Raksha Bandhan serves as a reminder to nurture and cherish the relationships we have with our siblings, whether biological or chosen. It is an occasion to express gratitude for the support, love, and protection we receive from our siblings throughout our lives. The festival also promotes unity, inclusivity, and gender equality, as it extends beyond traditional boundaries and embraces diverse relationships.

Raksha Bandhan is not just a single day of celebration but represents a lifelong commitment to be there for each other. It strengthens family bonds, fosters love and respect, and creates lasting memories. The festival reinforces the values of compassion, empathy, and unconditional love, which are essential in building harmonious relationships and a cohesive society.

In conclusion, Raksha Bandhan is a joyous celebration that symbolizes the sacred bond of love and protection between brothers and sisters. It holds historical, mythological, and cultural significance, and its importance has transcended time. This festival serves as a reminder to cherish and appreciate the valuable relationships in our lives. As we celebrate Raksha Bandhan, let us embrace the spirit of love, unity, and togetherness, and strive to strengthen the bonds that connect us with our siblings and loved ones.

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भाई बहन का त्यौहार ! रक्षा बंधन पर निबंध

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                                                                                                       (Paragraph, 10 Lines, anuched , Lekh)

Language : Marathi , Gujarati  

Essay on Rakhi in Hindi : दोस्तों आज हमने रक्षा बंधन पर निबंध  कक्षा (Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखा है. Get Some Essay on Raksha Bandhan in Hindi For Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11 & 12 Students.

प्रस्तावना : रक्षा बंधन (राखी ) हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक है जो पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। इस त्योहार को राखी का त्योहार भी कहा जाता है। आज हम  इस आर्टिकल में इस अनमोल त्यौहार के बारे में जानेंगे।

यह रक्षा बंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।पूरे भारत में इस दिन का माहौल देखने लायक होता हैं  और  होगी भी क्यों नहीं, यही तो एक ऐसा विशेष दिन है जो भाई बहन केलिए बना है।

रक्षा बंधन भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक हैं। यूं कहे तो भारत में भाई बहनों  के बीच प्रेम और कर्तव्य कि भूमिका जताना किसी एक दिन कि मोहताज नहीं हैं। परन्तु रक्षा बंधन की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की वजह से ही यह दिन इतना महत्वपूर्ण बना गया।

रक्षा बंधन के दिन क्या करते है

इस दिन सभी बहने अपने भाइयों को कलाई पर राखी बांधती हैं। बहने पूजा  कि थाली को कुम कुम,दिया, चावल, मिठाई और राखी से सजाती हैं। वह अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती है।

उनकी कलाई पर राखी बांधती है। वह भाइयों को मिठाई खिलाते है और उन केलिए शुभ कामनाएं करते है। भाई भी बहन को उपहार भेंट करते है और उनकी हर समय रक्षा करने कि प्रण लेते हैं।

  • राखी पर 10 लाइन l 

रक्षा बंधन के पीछे का इतिहास

भाई बहन का रिश्ता अनमोल होता है। सावन का महीना आते ही दुनिया भर के भारतीय जन राखी की तारीक़ जानने के लिए उत्सुक हो जाते है। कोई भी रिश्तेदारी ना होने के बावजूद भी राखी से भाई बहन का रिश्ता निभाने का मौका मिलता है।

राखी का इतिहास तो हमे महाभारत की युग से ही देखने को मिलता है। अब हम महाभारत कि कहानी जानेंगे।

भगवान श्री कृष्ण को श्रुत देवी नाम कि चाची थी। उन्होने शिशुपाल नामक एक विकृत रूप के बच्चे को जन्म दिया। बड़ो से उन्हें पता चलता है कि जिसके स्पर्श से शिशुपाल अच्छा और स्वास्थ्य होगा,  उसीके हाथो मारा जाएगा।

एक दिन श्री कृष्ण अपनी चाची के घर गए थे। जैसे ही श्रुतदवी ने श्री कृष्ण के हाथों में  अपने बेटे को रखी वह बच्चा सुंदर हो गया।

माना कि श्रुत देवी इस बदलाव को देख कर खुश होगई थी लेकिन उसकी मौत श्री कृष्ण के हाथों होने कि संभावना से वह विचलित होगई थी। वह श्री कृष्ण से प्रार्थना करने लगी कि भले ही शिशुपाल कोई गलती कर बैठे लेकिन  श्री कृष्ण के हाथों शिशु पाल को सजा नहीं मिलनी चाहिए।

तो श्री कृष्ण ने अपनी चाची से वादा किया कि”मै  उसकी गलतियों को माफ कर दूंगा लेकिन वो अगर सौ से अधिक गलतियां कर बैठेगा तो उसको अवश्य सजा दूंगा”।शिशु पाल बड़ा होकर चेदी नामक एक राज्य का राजा बन गया था। वो एक राजा भी था और साथ ही श्री कृष्ण के रिश्तेदार भी था। लेकिन वो बहुत क्रूर राजा बन गया।

अपने राज्य के लोगों को सताने लगा। भगवान श्री कृष्ण को बार बार चुनौती देने लगा। एक समय तो उसने भरी राज्य सभा में ही भगवान  श्री कृष्ण कि निंदा की। उस दिन शिशुपाल ने अपने सौ गलतियों कि सीमा पार कर दी थी।

तुरंत ही भगवान श्री कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र कि सिशुपल के ऊपर प्रयोग कर दिया।  बहुत चेतावनी मिलने के बाद भी शिशुपाल ने अपने  गुण नहीं बदले  इसलिए अंत में  उसको सजा भुगतनी पड़ी।

भगवान श्री कृष्ण जब क्रोध से अपने सुदर्शन चक्र को छोड़ रहे थे उनके उंगली में भी चोट लगी थी। कृष्ण के आस पास के लोग  घाव पर कुछ बांधने के लिए इधर उधर ढूंढते भागने लगे लेकिन वहा पर  खड़ी रही द्रौपदी कुछ सोचे समझे बिना अपनी साड़ी के कोने को फ़ाड़ कर कृष्ण के घाव पर लपेट दी। तब श्री कृष्ण ने कहा “शुक्रिया प्यारी बहना तुम ने मेरे कष्ठ समय में मेरा साथ दिया।

तो मैं  भी तुम्हारे कष्ट में साथ देने कि वादा  करता हूं”। ये बात कहके श्री कृष्ण ने द्रौपदी को उनकी रक्षा  करने का आश्वासन दिया था और इस घटना से रक्षा बंधन का प्रारंभ शुरू हुआ।

बाद में जब कौरवों  ने पूरी राज्य सभा में सबके सामने द्रौपदी कि साड़ी खींचा , द्रौपदी को  अपमान से बचाकर अपना वादा कृष्ण ने निभाया।  उस समय से लेकर  बहने अपने भाइयों को राखी बांध रहे हैं और बदले में भाई जीवन भर बहन कि रक्षा  करने का शपथ करते  आरहे है। सावन मास की पूर्णिमा पर राखी के अलावा कुछ और त्यौहार भी मनाए जाते है।

कुछ लोग इसी दिन अपने यज्ञोपवीत बदलते हैं। इसलिए इस दिन को  जन्द्याल पूर्णिमा भी कहते है। इस दिन ओडिसा और पश्चिम बंगाल में कुछ लोग राधा और कृष्ण के मूर्तियों को पालने में रख कर  झूला झुलाते  है।

इसलिए इस  दिन को  झूलन पूर्णिमा भी कहते है।उत्तर भारत के कुछ राज्यों में इस दिन पर गेहूं के बीज बोते है इस लिए इस  दिन को  गजरी पूर्णिमा के नाम से पहचाना जाता है।

केरल और महा राष्ट्र के लोग इस दिन  को नारली पूर्णिमा  भी बुलाते है। इस दिन वे लोग समुद्र देवता की पूजा करते है। माना कि इस दिन  कई तरह के उत्सव  मनाते है लेकिन उनमें से लोक प्रिय और प्रमुख है रक्षा बंधन।

रक्षा बंधन की विशेषता

रक्षा बंधन का पर्व विशेष रूप से भावनाओं और संवेदनाओं का पर्व है।एक ऐसा बंधन जो दो जनो को स्नेह की धागे से बांध लेती है।रक्षा बंधन रक्षा करने के वचन का प्रतीक है।

त्योहार के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है। इस राखी के धागे को पवित्र माना जाता है क्योंकि यह अपनी बहन को किए गए भाई के वचन की याद दिलाता है कि वह उसकी मृत्यु तक  रक्षा करेगा।

निष्कर्ष : आज के इस  भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपने  काम में व्यस्त रहते है। परन्तु रक्षा बंधन जैसे त्यौहार हमे  इस  व्यवस्था से कुछ पल कि  मुक्ति दिलाकर  अपने प्रिय जनों से मिलने का अवसर प्रदान करते है। इसीलिए  ये  है सबका प्यारा त्यौहार रक्षा बंधन।

Short Essay / Nibandh on Raksha Bandhan in Hindi in [250 Words] l Raksha Bandhan Par Anuched l Rakhi Par Anuched

परिचय :  यह रक्षा बंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।पूरे भारत में इस दिन का माहौल देखने लायक होता हैं  और  होगी भी क्यों नहीं, यही तो एक ऐसा विशेष दिन है जो भाई बहन केलिए बना है।

राखी का इतिहास

एक बार की बात है, देवताओं और असुरों में युद्ध आरंभ हुआ। युद्ध में हार के परिणाम स्वरूप, देवताओं ने अपना राज-पाठ सब युद्ध में गवा दिया। अपना राज-पाठ पुनः प्राप्त करने की इच्छा से देवराज इंद्र देवगुरु बृहस्पति से मदद की गुहार करने लगे। तत्पश्चात देव गुरु बृहस्पति ने श्रावण मास के पूर्णिमा के प्रातः काल में निम्न मंत्र से रक्षा विधान संपन्न किया।

“येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामभिवध्नामि रक्षे मा चल मा चलः।”

इस पुजा से प्राप्त सूत्र को इंद्राणी ने इंद्र के हाथ पर बांध दिया। जिससे युद्ध में इंद्र को विजय प्राप्त हुआ और उन्हें अपना हारा हुआ राज पाठ दुबारा मिल गया। तब से रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाने लगा।

राखी की विशेषता

त्योहार के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है।इस राखी के धागे को पवित्र माना जाता है क्योंकि यह अपनी बहन को किए गए भाई के वचन की याद दिलाता है कि वह उसकी मृत्यु तक  रक्षा करेगा।

निष्कर्ष : उपयुक्त पौराणिक कथा से यह स्पष्ट है की रेशम के धागे को केवल बहन ही नहीं अपितु गुरु भी अपने यजमान की सलामति की कामना करते हुए उसे बांध सकते हैं।

10 Lines on Raksha Bandhan in Hindi l Raksha Bandhan Par 10 Line in Hindi l Rakhi par 10 line

Top 10 Lines on Raksha Bandhan – 10 Lines on Raksha Bandhan for students and Kids of Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12.

  • रक्षा बंधन भारत के विभिन्न हिस्सों में मनाया जाने वाला एक हिंदू त्योहार है।
  • यह त्योहार केवल भाइयों और बहनों द्वारा मनाया जाता है।
  • यह उन लोगों के लिए एक अद्भुत है जो अपने भाई से बहुत प्यार करते हैं।
  • रक्षा बंधन के दिन बहनें कुमकुम, दीया, चावल, मिठाई और राखी के साथ पूजा थाली तैयार करती हैं।
  • इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर एक विशेष धागा बांधती है।
  • बदले में एक भाई अपनी बहन की रक्षा के लिए एक लंबी उम्र की कसम खाता है।
  • बहन भी अपने भाई की सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए भगवान से प्रार्थना करती है।
  • मिठाई और उपहारों का आदान-प्रदान भी रक्षा बंधन त्योहार का महत्वपूर्ण रिवाज है।
  • इस दिन पूरे परिवार में खुशी का माहौल होता है और इस दिन घर में विशेष व्यंजन भी बनाए जाते हैं।
  • यह त्यौहार भाई और बहन के रिश्ते के प्यार, प्यार के बंधन को दर्शाता है।

ये भी पढ़े :

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जीवन परिचय

रक्षाबंधन पर निबंध – Essay on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध हिंदी में

रक्षाबंधन के अवसर पर आज मै आप सभी के साथ रक्षाबंधन पर निबंध का लेख प्रस्तुत करने जा रहा हूँ| लेख शुरू करने से पहले आपको HindiParichay.com की और से रक्षाबंधन की ढेर सारी बधाईयाँ|

रक्षा बंधन भारत के प्रमुख त्यौहार में से एक है| ये त्यौहार एक वचन को पूरा करने के लिए भी जाना जाता है.

कई लोगों को केवल यही पता होता है की रक्षा बंधन का त्यौहार भाई बहन के बिच प्रेम को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए मनाया जाता है| लेकिन मै आपको ये बता दूँ की ये बात बिलकुल सच है.

भाई बहन का रिश्ता दुनिया के सभी रिश्तों से अलग है| भाई अपनी बहन की ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता है अपने हिस्से की ख़ुशी भी ये दोनों एक दुसरे के साथ साझा कर लेते हैं.

रक्षा बंधन का निबंध भाई बहन के प्रेम को दर्शाता है| इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रेशम के धागों से बनी एक छोटी से लड़ी को बांधती है| बहन की इस ख़ुशी में भाई अपनी बहन को कुछ भी तोहफे के रूप में देता है| एक भाई अपनी बहन की खुशियों के लिए कुछ भी कर सकता है.

रक्षाबंधन पर निबंध हिंदी में 100 शब्द – Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षा बंधन का त्यौहार प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में मनाया जाता है| रक्षाबंधन हिन्दू धर्म में मनाया जाता है इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रेशम की छोटी सी लड़ी बांधती है और जिसके बदले में भाई अपनी इच्छानुसार अपनी बहन को तोहफे, नेक देते हैं.

रक्षा बंधन का त्यौहार अगस्त माह में आता है|

15 अगस्त के आस पास इस त्यौहार का आना होता है| इस दिन भाई अपनी बहन की रक्षा करने के लिए वादा करता है और बहन अपने भाई की लम्बी उम्र के लिए भगवान से मन्नत मांगती है| रक्षा बंधन एक अलग ही महत्व रहता है|रक्षा बंधन का त्यौहार ढेर सारी खुशियों का त्यौहार है.

रक्षा बंधन पर निबंध हिंदी में – Essay on Raksha Bandhan in Hindi in 200 Words

ऐसे तो भारत में कई प्रकार के त्यौहार मनाये जाते है| भारत के सभी त्योहारों में एक अनोखा त्यौहार है रक्षाबंधन का त्यौहार|

रक्षाबंधन का त्योहार श्रावणमास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है|

Grammarly Writing Support

प्रचीन काल में श्रावण मास में ऋषिगण साधूसंत आदि आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे|

श्रावण-पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी । यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षासूत्र बाँधने की प्रथा थी । जीस वजह से इसका नाम रक्षा-बंधन प्रचलित हुआ.

इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए ब्राह्मण आज भी अपने यजमानों को रक्षासूत्र बाँधते हैं। बाद में इसी रक्षासूत्र को राखी कहा जाने लगा । कलाई पर रक्षा-सूत्र बाँधते हुए ब्राह्मण निम्न मंत्र का उच्चारण करते हैं.

येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबल: । तेन त्वां प्रति बच्चामि, रक्षे! मा चल, मा चल ।।

इस मन्त्र का अर्थ है “रक्षा के जिस साधन (राखी) से अतिबली राक्षसराज बली को बाँधा गया था, उसी से मैं तुम्हें बाँधता हूँ । हे रक्षासूत्र! तू भी अपने कर्त्तव्यपथ से न डिगना अर्थात् इसकी सब प्रकार से रक्षा करना।

आज के समय में रंग बिरंगी राखियाँ आने लगी हैं लोगों को अपने तरीके से राखी का यह त्यौहार मनाना अच्छा लगता है बहने बहुत पहले से ही इस त्यौहार का इन्तजार करती है| भाई के तिलक लगा कर कलाई में राखी बांध कर उनको मिठाई खिलाती है.

रक्षाबंधन पर निबंध 300 शब्द – Beautiful Lines on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षा बंधन का त्यौहार बहनों और भाइयों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है| भाई और बहन का त्यौहार राखी का त्यौहार भी कहलाता है|

रक्षाबंधन का त्योहार श्रावणमास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

रक्षा बंधन को लेकर प्राचीन काल की दो कहानियाँ बहुत प्रचलित है| प्रचीन काल में श्रावण मास में ऋषिगण साधूसंत आदि आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे।

श्रावण-पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी। यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षासूत्र बाँधने की प्रथा थी । जीस वजह से इसका नाम रक्षा-बंधन प्रचलित हुआ।

इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए ब्राह्मण आज भी अपने यजमानों को रक्षा-सूत्र बाँधते हैं| बाद में इसी रक्षा-सूत्र को राखी कहा जाने लगा.

एक और कहानी है जब मेवाड़ की रानी कर्मावती को बहादुरशाह द्वारा मेवाड़ पर हमला करने की पूर्व सूचना मिली। रानी लड़ऩे में असमर्थ थी अत: रानी मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेज कर रक्षा की याचना की।

हुमायूँ ने मुसलमान होते हुए भी राखी की लाज रखी और मेवाड़ पहुँच कर बहादुरशाह के विरूद्ध मेवाड़ की ओर से लड़ते हुए कर्मावती व उसके राज्य की रक्षा की|

एक अन्य प्रसंगानुसार सिकन्दर की पत्नी ने अपने पति के हिन्दू शत्रु पुरूवास को राखी बाँधकर अपना मुँहबोला भाई बनाया और युद्ध के समय सिकन्दर को न मारने का वचन लिया।

पुरूवास ने युद्ध के दौरान हाथ में बँधी राखी और अपनी बहन को दिये हुए वचन का सम्मान करते हुए सिकन्दर को जीवन-दान दिया.

रक्षा बंधन का त्यौहार भाई बहन का एक दुसरे के प्रति प्यार और स्नेह का प्रतीक है| रक्षा बंधन के दिन सवेरे सवेरे बहन स्नान कर नए वस्त्र पहन कर भाई का इन्तजार करती है भाई यदि किसी अन्य देश विदेश में है तो उनके लिए राखी भेजती है.

राखी को बांध कर तिलक लगा कर आरती उतारती है और मिठाई भी खिलाती है|

भाई अपनी बहन की रक्षा करनी की कसम खाता है| भाई बहन के रिश्ते में जरुरी नहीं की बहन भाई का खून एक हो धर्म एक ही होना चाहिए| जो जिसे चाहे उसे अपनी बहन या भाई बना सकते है.

मेरा प्रिय त्योहार रक्षाबंधन पर निबंध – Speech on Raksha Bandhan in Hindi 550 Words

पूरी दुनिया में अलग अलग देशों में अलग अलग प्रकार के त्यौहार मनाये जाते हैं| ऐसे ही भारत वर्ष में अनेकों प्रकार के त्यौहार मनाये जाते है| सोने की चिड़िया वाले देश की तो बात ही कुछ और है आज मुझे सच में बहुत गर्व होता है की मेरा जन्म ऐसे देश में हुआ है.

भारत के सभी त्योहारों में एक त्यौहार रक्षा बंधन भी है| रक्षा बंधन का त्यौहार बहनों और भाइयों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है| भाई और बहन का त्यौहार राखी का त्यौहार भी कहलाता है| रक्षाबंधन का त्योहार श्रावणमास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षा बंधन को लेकर प्राचीन काल की दो कहानियाँ बहुत प्रचलित है.

प्रचीन काल में श्रावण मास में ऋषिगण साधूसंत आदि आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे । श्रावण-पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी ।

यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षा-सूत्र बाँधने की प्रथा थी । जिस वजह से इसका नाम रक्षा-बंधन प्रचलित हुआ।

इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए ब्राह्मण आज भी अपने यजमानों को रक्षा-सूत्र बाँधते हैं। बाद में इसी रक्षा-सूत्र को राखी कहा जाने लगा।

एक और कहानी है|

Raksha Bandhan Story in Hindi – रक्षाबंधन की कथा

जब मेवाड़ की रानी कर्मावती को बहादुरशाह द्वारा मेवाड़ पर हमला करने की पूर्व सूचना मिली। रानी लड़ऩे में असमर्थ थी अत: रानी ने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेज कर रक्षा की याचना की।

पुरूवास ने युद्ध के दौरान हाथ में बँधी राखी और अपनी बहन को दिये हुए वचन का सम्मान करते हुए सिकन्दर को जीवन-दान दिया।

रक्षा बंधन के त्यौहार पर भारत सरकार के डाक-तार विभाग द्वारा इस अवसर पर दस रुपए वाले आकर्षक लिफाफों की बिक्री की जाती हैं।

लिफाफे की कीमत 5 रुपए और 5 रुपए डाक का शुल्क। इसमें राखी के त्योहार पर बहनें, भाई को मात्र पाँच रुपये में एक साथ तीन-चार राखियाँ तक भेज सकती हैं।

डाक विभाग की ओर से बहनों को दिये इस तोहफे के तहत 50 ग्राम वजन तक राखी का लिफाफा मात्र पाँच रुपये में भेजा जा सकता है जबकि सामान्य 20 ग्राम के लिफाफे में एक ही राखी भेजी जा सकती है।

यह सुविधा रक्षाबन्धन तक ही उपलब्ध रहती है| रक्षा बंधन पर अनेकों प्रकार के अवसर उपलब्ध रहते है जैसे की बसों का किराया स्त्रियों के लिए मुफ्त, विभिन्न प्रकार की वस्तुओं को स्त्रियों द्वारा ख़रीदे जाने पर विशेष छुट आदि इस दिन स्त्रिओं के चलते बाजार में काफी रौनक हो जाती है.

रक्षा बंधन का त्यौहार भाई बहन का एक दुसरे के प्रति प्यार और स्नेह का प्रतीक है| रक्षा बंधन के दिन सवेरे सवेरे बहन स्नान कर नए वस्त्र पहन कर भाई का इन्तजार करती है भाई यदि किसी अन्य देश विदेश में है तो उनके लिए राखी भेजती है|

बहन राखी को बांध कर तिलक लगा कर,आरती उतारती है और मिठाई भी खिलाती है|

भाई अपनी बहन की रक्षा करनी की कसम खाता है| भाई बहन का रिश्ते में जरुरी नहीं की बहन भाई का खून एक हो धर्म एक ही होना चाहिए| जो जिसे चाहे उसे अपनी बहन या भाई बना सकते है|

दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आपको रक्षाबंधन पर निबंध पढ़ कर अच्छा लगा होगा| राखी का ये त्यौहार आज पुरे देश में मनाया जाता है राखी के त्यौहार का निबंध पढ़कर अच्छा लगा हो तो रक्षाबंधन के निबंध को शेयर करना न भूलें|

रक्षाबंधन पर निबंध को आप फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्विटर इत्यादि पर शेयर कर सकते है आपके शेयर से लोगों को ये जरुर पता चलेगा की आज पुरे देश में रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है| धन्यवाद|

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10 Lines on Raksha Bandhan in Hindi For Class 3 4

Top 10 Lines on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है

राखी का त्योहार...

About the author.

essay on raksha bandhan in hindi 150 words

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Raksha Bandhan Essay in 150 words, 500 Words & 10 Lines

  • Entrance Exams
  • November 8, 2023

Raksha Bandhan Essay – Raksha Bandhan, also known as Rakhi Purnima , is a cultural festival that holds great significance in celebrating the bond between brothers and sisters. It is a beautiful tradition that symbolizes the promise of protection, love, and unity between brothers and sisters, reinforcing the strong and cherished relationship they share.

The essay delves into the roots of Raksha Bandhan in Hindu mythology, with stories of Draupadi and Lord Krishna illustrating the deep connection between siblings.

In this article students we get sample essays on Raksha Bandhan & Celebrations in English in 150 words, 500 Words, 100 Words & 10 Lines. The essay also touches on the joyous celebrations and family gatherings that accompany the festival, showcasing the values of love, unity.

Raksha Bandhan Essay in 150 words

The Raksha Bandhan essay is a brief yet insightful piece that captures the essence of the beloved Indian festival. It highlights the festival’s significance in celebrating the bond between brothers and sisters through the tradition of tying Rakhis (sacred threads) and exchanging gifts. The essay delves into the festival’s origins in Hindu mythology.

Raksha Bandhan is a cherished Indian festival that celebrates the unbreakable bond between brothers and sisters. It falls in the lunar month of Sawan , typically coinciding with the full moon day, known as Rakhi Purnima. On this special day, sisters tie colorful Rakhis (sacred threads) around their brothers’ wrists, symbolizing their love and protection. Brothers, in turn, pledge to safeguard their sisters and offer them gifts as tokens of their affection.

The festival’s origin is rooted in Hindu mythology, with tales of Draupadi and Lord Krishna exemplifying the deep sibling connection. Raksha Bandhan transcends religious and cultural boundaries, signifying the universal values of love, unity, and the unwavering bond between siblings. It is a time for families to come together, celebrate, share meals, and enjoy each other’s company. The festival serves as a reminder of the precious relationship between brothers and sisters and the promise of lifelong protection and care.

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500 Words Essay on Raksha Bandhan

A Raksha Bandhan essay is an exploration of the significance, customs, and traditions of the festival celebrated in India, emphasizing the strong bond between brothers and sisters. It delves into the historical and cultural importance of Raksha Bandhan, the central ritual of tying the sacred thread (Rakhi), and the joyous celebrations that mark the occasion. The essay also highlights the modern adaptation of Raksha Bandhan, where it extends to relationships beyond blood ties.

Raksha Bandhan: A Celebration of Sibling Love

Introduction: Honoring the Bond of Protection

Raksha Bandhan, a cherished festival in India, is a celebration of the unique bond between brothers and sisters. The festival’s name, “Raksha Bandhan,” translates to “ the bond of protection, ” signifying the promise of a brother to protect his sister. This essay explores the significance, customs, traditions, and celebration of Raksha Bandhan.

The Historical and Cultural Significance

Raksha Bandhan Through the Ages

Raksha Bandhan has its roots in ancient times when Rakhi was tied between husbands and wives. It is said to have begun with Sachi, the wife of Lord Indra, who tied a Rakhi to her husband for his protection from the evil king Bali. Over time, this practice extended to brothers and sisters, signifying love and unity. In the era of British colonial rule, Rabindranath Tagore utilized Rakhi to advocate for the unity of Bengal and discourage its partition.

The festival’s significance lies in the promise of protection, symbolizing the brother’s duty to safeguard his sister’s honor and well-being.

Customs and Traditions

Tying the Sacred Thread

A central ritual of Raksha Bandhan is the sister tying a sacred thread, known as “Rakhi,” on her brother’s wrist. This act represents the sister’s love and the brother’s commitment to protecting her. In return, the brother typically offers gifts and promises to be there for his sister.

The Joyous Celebration

Family Gatherings and Festive Feasts

Raksha Bandhan is celebrated with enthusiasm in Indian households. Sisters and brothers come together, often with extended family, to mark the occasion. The day is filled with festivities, including sweets, traditional dishes, and exchange of gifts.

The Modern Twist

Rakhi Beyond Blood Relations

In contemporary times, Raksha Bandhan has evolved to symbolize protection and love between individuals who may not be biologically related. Friends, cousins, and even colleagues exchange Rakhis as a token of affection and goodwill.

Raksha Bandhan Around the Country

Diverse Celebrations

Raksha Bandhan is celebrated with unique customs and traditions across India. In some regions, sisters offer coconuts and sweets to their brothers, while in others, the tying of the Rakhi is accompanied by the recitation of prayers.

Sibling Love and Camaraderie

Strengthening Bonds

Raksha Bandhan is not merely a festival but an occasion to express love, care, and gratitude. It strengthens the bonds between siblings and provides an opportunity for them to reminisce about shared memories and look ahead to the future.

Raksha Bandhan in Modern Times

Adapting to Changing Lifestyles

In today’s fast-paced world, Raksha Bandhan retains its importance. Even when siblings are separated by distance, they find creative ways to celebrate the festival, such as sending Rakhis and gifts through courier services.

The Universal Message of Protection

Beyond Borders

Raksha Bandhan’s message of protection and love extends beyond borders. It exemplifies the universal values of caring for one another and looking out for the well-being of loved ones.

Conclusion: A Timeless Celebration of Love

Raksha Bandhan remains a cherished festival that transcends generations and continues to be a symbol of sibling love and camaraderie. Its customs and traditions may evolve with time, but the core essence of Raksha Bandhan, which is the promise of protection and the celebration of sibling bonds, remains timeless. As we exchange Rakhis and gifts, we also exchange the love and affection that bind brothers and sisters, making Raksha Bandhan a truly heartwarming celebration.

About Raksha Bandhan Festival

The essay on the origin and history of Raksha Bandhan explores the festival’s ancient roots, historical accounts, and evolving traditions. It delves into the significance and symbolism of Raksha Bandhan as a celebration of sibling love and protection. The essay also highlights the joyous celebrations.

Raksha Bandhan: Unveiling the Origin, History, and Celebrations

Introduction: The Timeless Bond of Raksha Bandhan

Raksha Bandhan, one of India’s most beloved festivals, is a celebration of the deep bond between brothers and sisters. The term “Raksha Bandhan” translates to “the bond of protection,” symbolizing a brother’s commitment to safeguard his sister. This essay provides a comprehensive exploration of the origins, stories, significance, and vibrant celebrations of Raksha Bandhan.

Story of Raksha Bandhan

The Legend of Lord Krishna and Draupadi

The story of Lord Krishna and Draupadi exemplifies the essence of Raksha Bandhan. When Draupadi tore a piece of her saree to bind Lord Krishna’s finger after he cut it, the Lord was moved by her act of care and concern. In response, Lord Krishna vowed to protect Draupadi in her time of need. This promise found fulfillment during the famous episode in the royal court when Draupadi’s honor was threatened, and Lord Krishna’s divine intervention saved her dignity.

In the era of British colonial rule, Rabindranath Tagore utilized Rakhi to advocate for the unity of Bengal and discourage its partition.

Why Raksha Bandhan is Celebrated

Honoring Sibling Love and Protection

Raksha Bandhan is celebrated to honor the unique and cherished bond between brothers and sisters. It symbolizes the brother’s duty to protect his sister’s honor and well-being. Beyond mere customs, the festival represents a heartfelt expression of the deep connection that binds families.

The Joyous Celebrations of Raksha Bandhan

Rakhi Tying Ceremony

The central ritual of Raksha Bandhan involves sisters tying a decorative thread, or “rakhi,” around their brothers’ wrists. This act represents the sister’s love, prayers for her brother’s well-being, and her desire for his safety.

Blessings and Prayers

Sisters often perform an “aarti,” a lamp-lighting ritual, for their brothers, offering prayers for their longevity, success, and happiness. In return, brothers bless their sisters and promise to be there for them in times of need.

Gift Exchange

As a token of appreciation and love, brothers traditionally offer gifts to their sisters. These gifts can include sweets, chocolates, jewelry, and other thoughtful presents.

Family Gatherings

Raksha Bandhan is a time for family reunions. Siblings, parents, and extended family members come together to celebrate the festival, share a meal, and spend quality time with one another.

Sharing Sweets

Sweets play a significant role in Indian celebrations, including Raksha Bandhan. Families often exchange and indulge in delectable sweets and snacks as part of the festivities.

Raksha Bandhan in Different Regions

Raksha Bandhan is celebrated with a variety of customs and traditions across different regions of India. In some parts of the country, sisters also offer coconuts and sweets to their brothers, while in other regions, the festival involves the recitation of prayers and rituals.

Conclusion: Raksha Bandhan’s Timeless Relevance

Raksha Bandhan stands as a timeless celebration of sibling love and protection. Its historical roots, heartwarming stories, and rich customs continue to be an integral part of Indian culture. As we exchange Rakhis and gifts, we also exchange the love and care that bind brothers and sisters, making Raksha Bandhan a truly heartwarming celebration that transcends time and generations. The festival’s significance lies in its ability to strengthen the bonds of love and camaraderie, reminding us of the enduring importance of family and cherished relationships. Raksha Bandhan remains a testament to the timeless values of love and protection.

Short Essay on Importance of Raksha Bandhan in English

The importance of Raksha Bandhan lies in its celebration of the special bond between brothers and sisters. This festival is a heartfelt expression of love, protection, and unity.

Raksha Bandhan holds immense importance as it celebrates the unique bond between brothers and sisters. The festival signifies love, protection, and unity. Sisters tie Rakhis (sacred threads) on their brothers’ wrists, symbolizing their love and the brothers’ promise to safeguard their sisters. This tradition transcends cultural and religious boundaries, embodying universal values of love and togetherness. It reinforces the deep connection between siblings and the lifelong commitment to each other’s well-being. Raksha Bandhan is a day when families come together, share meals, and express their affection, fostering a sense of unity and reinforcing the cherished relationship between brothers and sisters.

10 Lines on Raksha Bandhan Festival

Raksha Bandhan, often referred to as Rakhi Purnima, is a festival that celebrates love and unity. It falls during the Sawan month, as per the lunar calendar, coinciding with the full moon. While it traditionally involves brothers and sisters, even cousins and brothers who wholeheartedly commit to protecting their sisters participate in the celebration. This festival serves as a beautiful expression of the enduring bond between siblings and reinforces the values of love and unity.

  • Raksha Bandhan is a Hindu festival celebrated in India.
  • It symbolizes the bond between brothers and sisters.
  • Sisters tie Rakhis (sacred threads) on their brothers’ wrists.
  • Brothers promise to protect and care for their sisters.
  • The festival is celebrated on the full moon day in the month of Sawan.
  • It transcends religious and cultural boundaries and is celebrated by many.
  • The tradition has its roots in Hindu mythology, with tales of Lord Krishna and Draupadi.
  • Families come together for rituals, meals, and to exchange gifts.
  • It signifies love, unity, and lifelong protection between siblings.
  • Raksha Bandhan is a day to cherish the bond between brothers and sisters.

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Raksha Bandhan Essay for School Students and Children

500+ words raksha bandhan essay.

Raksha Bandhan is a festival which celebrates the bond of a brother and sister. This festival is celebrated in the Hindu religion. It is one of their most important festivals. In addition, sisters and brothers wait eagerly for it all round the year. People celebrate it with abundant zeal and enthusiasm in India.

Raksha Bandhan Essay

Similarly, it does not matter if you are a kid or an adult. Brothers and sisters of all ages celebrate Raksha Bandhan. Furthermore, it strengthens the bond between them as well. ‘Raksha’ translates to the protection and ‘Bandhan’ translates to bond. Thus, this explains the meaning of this festival .

Raksha Bandhan is celebrated following the Hindu calendar . It falls in the month of Saawan and people celebrate it on the last day of the month. This auspicious festival usually falls around August only.

Importance of Raksha Bandhan

As we all know, siblings carry a special place in our hearts. However, the particular bond of a brother and sister is very unique. The care they have for each other knows no bounds. The love they share is beyond compare.

No matter how much they fight with one another, they always stand behind them in support. Brothers and sisters fight with each other over trivial matters. In other words, they share a bond which is full of teasing and love.

Brothers and sisters help us grow. At every stage of our lives, the bond between them grows stronger. They stand with each other through thick and thin. The elder brothers are very protective of their sisters. Similarly, elder sisters care a lot for their younger brothers. The younger ones look up to their elder siblings.

Raksha Bandhan is all about celebrating this bond. It is a symbolism of the unique and special relationship shared by the two. This day has been rightly recognized to have a good time and focus on this beautiful bond. It serves as a symbol of their love, togetherness, and confidence in each other.

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Occasion of Raksha Bandhan

Raksha Bandhan is a time for pampering for the sisters. On this auspicious occasion, the sisters tie a sacred thread i.e. rakhi, on their brother’s wrist. It is done so with the intent to wish good health and long life.

On the other hand, the brothers, in turn, bless their sisters and pledge to protect them and care for them all their lives. The sisters receive a lot of love and pampering on this day. It is in the form of chocolates, gifts, money, dresses and more.

essay on raksha bandhan in hindi 150 words

The family members dress up for this occasion, usually in ethnic wear. We see the markets flooded with colorful rakhis and gifts. Every year, fashionable and trendiest rakhis do the rounds of the market. Women shop for the perfect rakhis for their brothers and the men go out to buy gifts for their sisters.

In conclusion, Raksha Bandhan is one of the most enjoyable festivals. It gives the brother and sister to strengthen their bond. Nowadays, even sisters who do not have brothers celebrate Raksha Bandhan with their sisters. The essence of the festival remains the same nonetheless.

FAQs on Raksha Bandhan

Q.1 Why is Raksha Bandhan celebrated?

A.1 Raksha Bandhan is celebrated to celebrate the bond of brother-sister love. Furthermore, it marks the uniqueness of this bond and gives them a day to celebrate their love and confidence for each other.

Q.2 How do people celebrate Raksha Bandhan?

A.2 Raksha Bandhan is celebrated by tying a sacred thread called a rakhi on the brother’s wrist. Brother’s, in return, shower their sisters with gifts and pledge to protect them for all their life.

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Short Essay

Raksha Bandhan Essay – 150, 500, 1000 Words & 10 Lines

Raksha Bandhan Essay: Immerse yourself in the heartwarming traditions of Raksha Bandhan with this insightful essay . Explore the significance of this Hindu festival, delving into the sacred thread of love and protection symbolized by the Rakhi. Uncover the cultural and emotional importance of the bond between brothers and sisters as they come together to celebrate and strengthen their relationship.

From the ritual of tying the Rakhi to the exchange of heartfelt promises, this essay captures the essence of Raksha Bandhan, a joyous occasion that transcends familial ties and fosters enduring connections. Join us in exploring the richness of traditions and the profound meaning behind Raksha Bandhan in this beautifully crafted essay.

Raksha Bandhan Essay in 100 Words

Table of Contents

Raksha Bandhan Essay in 10 Lines

Explore the significance and traditions of Raksha Bandhan , a Hindu festival celebrating the bond between brothers and sisters, in this concise 10-line essay.

  • Raksha Bandhan is a Hindu festival celebrating the bond between brothers and sisters.
  • It falls on the full moon day in the month of Shravana.
  • The highlight of the festival is the sister tying a sacred thread, Rakhi, on her brother’s wrist.
  • The Rakhi symbolizes love, protection, and a lifelong bond between siblings.
  • Brothers, in turn, promise to protect and support their sisters.
  • The celebration includes traditional rituals, prayers, and exchanging of gifts.
  • Raksha Bandhan transcends biological ties, emphasizing the importance of emotional connections.
  • It is a joyous occasion fostering family unity and love.
  • The festival showcases the unique and cherished bond shared between brothers and sisters.
  • Raksha Bandhan is a beautiful reflection of love, trust, and commitment in sibling relationships.

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Raksha Bandhan Essay in English 150 Words

Dive into the cultural richness and emotional significance of Raksha Bandhan, a Hindu festival celebrating the profound bond between siblings through the sacred thread of Rakhi, symbolizing love, protection, and enduring familial connections.

Raksha Bandhan, a joyous Hindu festival, celebrates the sacred bond between brothers and sisters. Observed on the full moon day in the month of Shravana, the festival is marked by the sister tying a ceremonial thread, known as Rakhi, on her brother’s wrist. This symbolic gesture represents the sister’s love and the brother’s promise to protect her. The celebration includes traditional rituals, prayers, and the exchange of heartfelt promises.

Raksha Bandhan transcends biological ties, emphasizing emotional connections and fostering family unity. The festival showcases the unique and cherished bond shared between siblings. It is a beautiful reflection of love, trust, and commitment, reminding us of the enduring strength of familial relationships. Raksha Bandhan is not merely a cultural tradition but a heartfelt celebration of the sibling bond that resonates across generations.

Raksha Bandhan Essay 500 Words in English

Delve into the cultural richness, rituals, and emotional significance of Raksha Bandhan in this comprehensive 500-word essay, exploring the profound celebration of the bond between brothers and sisters in Hindu tradition.

Raksha Bandhan: A Tapestry of Sibling Love and Traditions

Raksha Bandhan, a Hindu festival observed with joy and reverence, encapsulates the beautiful bond shared between brothers and sisters. Celebrated on the full moon day in the month of Shravana, it is a day of profound significance and emotional resonance.

The heart of Raksha Bandhan lies in the ritual of the sister tying a sacred thread, known as Rakhi, around her brother’s wrist. This thread symbolizes love, protection, and the enduring connection between siblings. The ceremony is not merely a tradition; it is a poignant expression of the sister’s affection and the brother’s commitment to safeguard her throughout life.

The anticipation for Raksha Bandhan begins days in advance, as sisters select the perfect Rakhi, often intricately adorned with symbols and colors. The day arrives with a sense of festivity and familial warmth. The ritual commences with prayers, invoking blessings for the well-being and prosperity of the brother.

As the sister ties the Rakhi, a sacred mantra is chanted, sealing the bond with a promise of protection. In return, the brother offers a heartfelt pledge to stand by his sister, both in times of joy and adversity. This exchange is not merely a symbolic gesture; it is a reaffirmation of the emotional support that forms the foundation of their relationship.

The celebration extends beyond the ceremonial tying of the Rakhi. Families come together, sharing traditional sweets and engaging in festive meals. The exchange of gifts adds to the joy, symbolizing the mutual love and appreciation between siblings.

Raksha Bandhan is not confined to biological brothers and sisters; it transcends blood relations. Friends and cousins often partake in the festivities, emphasizing the universal theme of love and protection. The festival promotes inclusivity and underscores the importance of emotional connections that go beyond familial bonds.

The historical and mythological roots of Raksha Bandhan add depth to its significance. Legends recount instances where Rakhis have symbolized protection and loyalty, emphasizing the timeless nature of this tradition. Whether it is the tale of Draupadi and Lord Krishna or the narrative of Queen Karnavati and Emperor Humayun, Raksha Bandhan’s stories resonate across cultures and time.

In contemporary times, Raksha Bandhan has evolved. It is not merely a religious or cultural event; it is a celebration of modern values. Siblings separated by geographical distances often bridge the gap through virtual celebrations, where the sentiment behind the Rakhi remains as potent as ever.

Raksha Bandhan also holds social significance as it reinforces the importance of family bonds in a rapidly changing world. In the hustle and bustle of life, the festival provides an opportunity for individuals to pause, reflect, and express gratitude for the unwavering support and love that siblings provide.

In conclusion, Raksha Bandhan is a tapestry woven with threads of love, tradition, and emotion. It is a celebration that transcends time, connecting generations through the enduring bond between brothers and sisters. As the sacred thread is tied, and promises exchanged, Raksha Bandhan stands as a testament to the enduring strength of familial relationships and the timeless significance of sibling love.

1000 Words Raksha Bandhan Essay

Explore the rich tapestry of traditions, emotional significance, and contemporary relevance of Raksha Bandhan in this comprehensive 1000-word essay, delving into the profound celebration of the sibling bond in Hindu culture.

Raksha Bandhan: A Celebration of Sibling Bonds

Introduction

Raksha Bandhan, a Hindu festival celebrated with fervor and joy, stands as a testament to the sacred bond between brothers and sisters. This essay explores the multifaceted dimensions of Raksha Bandhan, delving into its origins, rituals, cultural significance, and the enduring emotional connections it fosters.

Historical and Mythological Roots

Understanding Raksha Bandhan requires tracing its historical and mythological roots. This section explores legends such as Draupadi and Lord Krishna, and Queen Karnavati and Emperor Humayun, highlighting how the festival’s essence has transcended time.

The Timing and Significance

Raksha Bandhan is observed on the full moon day in the month of Shravana. This section discusses the astrological and cultural significance of this timing, creating a backdrop for the festive celebrations.

The Sacred Thread of Love

At the heart of Raksha Bandhan is the Rakhi, a sacred thread symbolizing the sister’s love and the brother’s promise of protection. This section delves into the various types of Rakhis, their significance, and the meticulous process of selecting the perfect Rakhi.

Rituals and Traditions

The day of Raksha Bandhan is marked by a series of rituals. This section details the customary practices, from the sister tying the Rakhi and offering prayers to the brother, to the exchange of gifts and the sharing of festive meals.

Universal Bonds

While traditionally observed between brothers and sisters, Raksha Bandhan has transcended blood relations. This section explores the inclusive nature of the festival, where friends and cousins also participate, emphasizing the universal theme of love and protection.

Modern Celebrations

In the contemporary era, Raksha Bandhan has adapted to changing lifestyles. This section discusses how technological advancements have facilitated virtual celebrations, allowing siblings separated by distances to participate in the festivities.

Social Significance

Beyond the familial context, Raksha Bandhan holds social importance. This section explores how the festival reinforces the values of family bonds in a rapidly evolving society, providing a moment to express gratitude for the unwavering support siblings provide.

Impact on Relationships

Raksha Bandhan is not merely a one-day celebration; its impact extends to relationships throughout the year. This section discusses how the promises made during the festival contribute to building stronger bonds and fostering mutual respect between siblings.

Raksha Bandhan in Different Cultures

While rooted in Hindu traditions, Raksha Bandhan has found resonance in various cultures. This section explores how the festival’s themes of love and protection have transcended religious boundaries and become a shared celebration.

In conclusion, Raksha Bandhan is a celebration that weaves together history, tradition, and emotion. It is a testament to the enduring strength of familial relationships and the timeless significance of sibling love. As the sacred thread is tied and promises exchanged, Raksha Bandhan stands as a reminder of the profound connections that bind siblings and the universal theme of love and protection.

Raksha Bandhan emerges as a celebration that transcends cultural and temporal boundaries. Beyond the ritualistic tying of the Rakhi, it is a festival that weaves together history, traditions, and emotional bonds. Raksha Bandhan stands as a testament to the enduring strength of familial relationships and the timeless significance of sibling love. The adaptability of the festival to contemporary times, coupled with its inclusive nature, underscores its universal appeal.

As the sacred thread is exchanged, promises are made, and prayers are offered, Raksha Bandhan becomes a poignant reminder of the profound connections that define sibling relationships. It is a celebration that resonates with the values of love, commitment, and gratitude, leaving an indelible mark on the hearts of those who partake in its joyous festivities. Celebrating Raksha Bandhan is not just a tradition; it is a heartfelt acknowledgment of the enduring spirit that binds siblings together.

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Let’s start writing an essay on Raksha Bandhan in Hindi. रक्षाबंधन पर निबंध। Now students should know the history about Raksha Bandhan in Hindi or get Raksha Bandhan information in Hindi and Raksha Bandhan ke barre mein . Give speech paragraph on Raksha Bandhan in Hindi. Some people want to know the importance of Raksha Bandhan in Hindi. Write a short line paragraph on Raksha Bandhan in Hindi. Essay on Raksha Bandhan in Hindi for class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12.

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hindiinhindi Essay on Raksha Bandhan in Hindi

Essay on Raksha Bandhan in Hindi 200 Words

रक्षाबंधन हिन्दुओं का मनाये जाने वाले एक प्रसिद्व त्यौहार है। ‘रक्षा’ का मतलब है ‘सुरक्षा’ और ‘बंधन’ का मतलब ‘बाध्य’ होता है। यह त्यौहार भाई और बहन का है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर एक राखी बांधती है और अपने भाई के लिए प्रार्थना करती है। भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं और हर स्थिति में अपनी बहन की रक्षा का वादा करते है। यह उनके प्यार, एकता और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बाजारों में कई प्रकार के उपहार बिकते है और कई दुकानों में मिठाईयॉ भी बिकती है।

रक्षा बंधन के बारे में इतिहास में कई कहनियॉ मौजूद है। उनमें से एक प्रसिद्व कहानी कृष्णा और द्रौपती की है जिसमें कृष्णा जी की उंगली युद्ध के दौरान घायल हो गई थी और द्रोपती ने अपनी साड़ी में से दुकडा बांध दिया था और कृष्णा जी ने हमेशा उसे किसी भी कठिनाई से बचाने का वादा किया था। आज की दुनिया में जहाँ हर कोई व्यस्त है यह त्यौहार सभी परिवार के सदस्यों को एक साथ लाता है और खुशियां ही खुशियों फैलाता है।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi 300 Words

भारत त्योहारों का देश है। यहाँ विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं। उसी में से एक प्रमुख त्यौहार है रक्षाबंधन। रक्षाबंधन प्रमुख रूप से भाई-बहन का पर्व माना जाता है। रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है तथा दाहिने हाँथ पर राखी बाँधकर उनका मुँह मीठा कराती है। भाई भी इसके बदले में प्रसन्न होकर बहन को कुछ उपहार देता है। राखी बांधते समय बहन अपने भाई की सकुशल होने की कामना करती है और भाई अपने बहन की हमेशा देखभाल और रक्षा करने की वचन देता है। इस दिन पुरे परिवार में खुशी का माहौल होता है और इस दिन घर में विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं।

रक्षाबंधन के कुछ दिन पहले से ही बाजार में विशेष चहल-पहल शुरू हो जाती है। रंग-बिरंगी राखियों से दुकानों की रौनक बढ़ जाती है। बहनें दुकानों में जाकर अपने भाइयों के लिए तरह-तरह की राखी खरीदती हैं। हलवाई की दुकान पर भी बहुत भीड़ होती है। सभी लोग एक दुसरे को उपहार देने के लिए मिठाइयों के पैकेट खरीदकर ले जाते हैं। रक्षाबंधन के दिन परिवार के सभी सदस्य इकट्ठे होते हैं। विवाहित बहनें मायके आती है अपने भाई को राखी बाँधने के लिए या अगर बहन मायके नहीं आ पाती तो भाई अपने बहन के घर जाता है रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए।

इस त्यौहार को मनाने के पीछे कई प्रसंग हैं जिसमे से एक उल्लेख महाभारत में देखने को मिलता है: जब श्री कृष्ण ने शिशुपाल का वध किया था तो कृष्ण के हाथ में हल्की चोट लग गयी और खून बहने लगा था। द्रौपदी श्री कृष्ण की मुंहबोली बहन थीं और जब द्रौपदी ने देखा कि श्री कृष्ण के हाथ से रक्त बह रहा है तो उन्होंने तुरंत अपनी साड़ी को चीर फाड़कर थोड़ा सा कपडा निकलकर कृष्ण के हाथ पर पट्टी की तरह बांध दिया था। उस समय श्री कृष्ण ने द्रौपदी को हमेशा रक्षा करने का वचन दिया था और तभी से ही श्रावणमास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन बनाने की प्रथा चल पड़ी थी।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi 400 Words

रक्षा-बन्धन भारतीय लोक-जीवन की सुन्दर परम्परा का पवित्र एवं प्रमुख त्योहार है । यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र सनेह का प्रतीक है । प्राचीन आश्रमों में स्वाध्याय के लिए द्विज (ब्राह्मण) नया जनेऊ धारण करते थे । जनेऊ के तीन तारों में जनेऊ बांधी जाने वली ब्रह्म गांठ उन्हें अज्ञान रूपी गांठ को सुलझाने का प्रण याद दिलाती रहती थी । यह पावन पुनीत कार्य किसी नदी, जलाशय या वन में सम्पन होता था । इसे उपाकर्म संस्कार कहते थे । यज्ञ के बाद रक्षा-सूत्र बाँधने की प्रथा के करण इसका नाम ” रक्षा-बन्धन ” लोक-प्रचलित हो गया । संस्कृत के रक्षा शब्द को हिन्दी में ‘राखी’ कहा जाता है । यह श्राबणी पूर्णिमा को मनाया जाता है । इसलिए इसे है श्रावणी’ या ‘राखी’ भी कहते है । पुरोहित अपने यजमानों के हाथ में मौलि बाँधकर आशीष देते है ।

राखी है जुडी एक ऐतिहासिक घटना के अनुसार जब बहादुर शाह ने मेवाड़ पर आक्रमण कर दिया तो वहाँ की क्षत्राणी-राज़मूतानी रानी कर्मबती ने हुमायूँ (मुगल सम्राट) को राखी भेजकर रक्षा केलिए सहायता माँगी थी । तब हुमायुँ ने हिन्दू-मुसलमान के भेदभाव को भुलाकर राखी के धागे का मूल्य समझा और उसकी रक्षा की थी ।

रक्षा बन्धन के दिन भाइयों के दूर होने पर बहनें डाक से राखी भेजती हैं । यदि भाई-बहन आस पास हों तो वे स्वय आकर राखी बाँधती हैं । जिस व्यक्ति की अपनी बहन नहीं होती, वह अपने रिश्ते की किसी बहन से राखी बँधवाता है । रक्षा बन्धन के दिन देशवासी राष्ट्रपति-प्रधानमन्ती आदि को राखी बाँधते है । जिनके कंधे पर देश का दायित्व है ।

बहने ईश्वर से अपने भाई की रक्षा के लिए मंगलकामना करती हैं । उसके बाद भाई को मीठा खिलाती हैं । वे अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसके हाथ पर राखी बाँधती है । भाई बहन से राखी बँधवाकर उसकी रक्षा का भार अपने उपर ले लेते हैं । भाई अपनी बहनों को इस दिन धन और उपहार देते हैं ।

यह त्योहार सादगी और पवित्रता का प्रतीक है । इस त्योहार का उददेश्य नारी समाज की सुरक्षा होना चाहिए। आज के इस प्रगतिशील समय में इस बात की आवश्यकता है कि प्रत्येक भाई-बहन इस त्योहार का परम्परागत पालन करें । बहनों को केवल उपहार प्राप्ति की इच्छा से ही राखी बाँधने की लालसा नहीं होनी चाहिए। भाई की जेब तथा बहन की इच्छा में सन्तुलन जरूर होना चाहिए। भाई को भी नाक बचाने के लिए सामर्ध्व से ज्यादा ख़र्च करके बहनों के उपहार नहीं देना चाहिए । उसे न सिर्फ अपनी बहन, बल्कि समाज में हर कमजोर, व्यक्ति और मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए । यह विचार देश की एकता और विश्व-बन्धुत्व की भावना के प्रसार-प्रचार में लाभकारी होगा ।

Essay on Raksha Bandhan in Hindi 500 Words

हमारा देश त्योहारों का देश है। समय-समय पर विभिन्न त्योहारों के माध्यम से हम खुशियों का स्वागत करते है। कभी होली तो कभी दीवाली के माध्यम से हमें अपनों के साथ अमूल्य समय अमूल्य समय बिताने को मिलता है। रक्षाबंधन भी इन्ही त्योहारों में से एक है। यह भाई-बहन का त्योहार माना जाता है। इस त्योहार का संबंध वीरता और त्याग से हैं। यह भारत का एक सांस्कृतिक पर्व है।

यह त्योहार वैदिक काल में आरंभ हुआ, जबकि देवराज ने राक्षसों के साथ युद्ध आरम्भ किया। युद्ध में इन्द्र के जीतने के लिए उनकी पत्नी शची ने उनके हाथ में रक्षा सूत्र बांधा था और इस युद्ध में इन्द्र विजयी हुए थे। तभी से रक्षा सूत्र बांधने की परम्परा प्रचलित हो गई। यत्र और विभिन्न पूजा-पाठ में ब्रह्म रक्षासूत्र बांधते थे इसलिए आज भी पुरोहित और यजमान के संबंध का निर्वाह इस रक्षासूत्र से चलता आ रहा है।

राजपूत वीर जब युद्ध में जाते थे यूँ तब उनकी बहनें उनकी कलाइयों में रक्षासूत्र बांधती थीं। रानी कर्मवती ने हुमायूँ के हाथ में बाँधने के लिए रक्षाबंधन भेजा था और इस रक्षासूत्र अर्थात राखी का सम्मान करते हुए हुमायूँ ने रानी कर्मवती को बचाने का प्रयत्न किया था। यह एक ऐतिहासिक घटना थी लेकिन इसका महत्व आज भी उतना है जितना पहले था। यह त्योहार जातिगत भेद-भाव को नहीं मानता। सभी जाति के लोग इस त्योहार को प्रेम से मनाते हैं।

धीरे-धीरे समय बीतता गया और यह त्योहार भाई-बहन के रक्षा बंधन के त्योहार के रूप में श्रावण मास की पूर्णमासी को मनाया जाने लगा। रक्षाबंधन के अवसर पर भाई बहनों की रक्षा की प्रतिज्ञा करते हैं। बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं, मिठाई खिलाती हैं और भाई बदले में रूपये या कोई उपहार भेंट करते हैं। यह परम्परा बनी हुई हैं और इस त्योहार ने अपनी पवित्रता बरकरार रखी है।

इस त्योहार के शुभ अवसर पर हाट-बाजार रंग-बिरंगी राखियों से भर जाते हैं। दुकानें दुल्हनों की तरह सज जाती हैं। इस अवसर पर ब्राह्मण लोग अपने यजमानों के यहाँ जाकर दक्षिणा प्राप्त करते हैं। इस त्योहार का मूल भाव अपने देश और राष्ट्र को शत्रुओं से बचाना है। वीरों में वीरता का भाव कभी कम न हो इसलिए युद्ध के समय बहनें अपने भाईयों को राखी भेजती हैं और वीर योद्धा इससे भावनात्मक बल प्राप्त करता है। सन् 1965 में पाकिस्तान के साथ यद्ध के समय भारतीय वीरों के लिए देश भर से नारियों ने राखियां भेजी थीं और इसका परिणाम भारत की जीत के रूप में हमारे सामने आया। बहनों, माताओं के रूप में भारतमाता की रक्षा करता रक्षाबंधन का मूल उद्देश्य है। मिठाई खाने और बदले में रूपये देने की परम्परा के पीछे रक्षा की भावना का महत्व है। धन से या किसी भी वस्तु से राखी का मूल्य नहीं चुकाया जा सकता। किसी कवि ने कहा है-

बहन तुम्हारी इस राख का, मूल्य भला क्या दे पाऊंगा। बस इतना तेरे इंगित पर, बहन सदा बलि बलि जाऊंगा।

हमारी भारतीय संस्कृति में यह त्योहार सबसे प्राचीनतम त्यौहार है। रक्षाबंधन का त्योहार आज धीरे-धीरे अंतरास्ट्रीय रूप भी लेता जा रहा है। विदेशी लोग जब भी भारत आते है वे भी इस त्योहार से आकर्षित होकर भारतीय नारियों से राखी बंधवा लेते है। रक्षाबंधन के त्योहार को हम प्रतिवर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

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essay on raksha bandhan in hindi 150 words

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Raksha Bandhan Essay in English

Raksha Bandhan Essay in English, 100, 150, 200, 300, 500, 1000 Words

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Raksha Bandhan Essay in English 100 Words

Raksha Bandhan is a popular festival in India. Raksha Bandhan is celebrated by brothers and sisters. Raksha Bandhan is also called the bond of protection. Raksha means to protect and bandhan means the bond of love and care. On this festival, sisters tie Rakhi on their brother’s wrist. Raksha Bandhan is celebrated on Shravan Purnima. This festival is a symbol of love and affection between brothers and sisters. The Brothers promise their sisters that they will protect them at all costs. On this occasion, the sister prays for the safety and happiness of their brother.

Raksha Bandhan Essay in English 150 Words

Raksha Bandhan is one of the specific occasion in India. It is an important festival in Hindu Religion. Raksha Bandhan is a famous festival that marks the importance of the brothers and sisters’ bond. This festival falls on the full moon day in August every year. On this day, Sisters pray for the well-being of their brothers, and on the other hand brothers promise their sisters to protect them forever. Indian families prepare delicious food and sweets to celebrate this occasion. Everyone wears traditional clothes and enjoys this event. Brothers also give gifts or money to their sisters. This festival conveys a message of love and care between brothers and sisters.

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Raksha Bandhan Essay in English 200 Words

Raksha Bandhan is a famous traditional festival celebrated by Hindus in India. It is also called as Rakhi festival. On this occasion, the sister ties Rakhi to their brothers. Return brother gives give to sister and takes promises to protect her from every problem. The sister wakes up early and makes delicious sweet for her brother and make a thali for Pooja. In thali, there is a sweet, thread-like bracelet called ‘Rakhi’ Tilak and Kumkum. This Raksha Bandhan is a special day for brother and sister. On this day family make delicious sweet for brother and sister. The meaning of Raksha Bandhan Raksha means protection and Bandhan means bond means it is called a bond of protection. The Raksha Bandhan comes in the month of August. Raksha Bandhan is the sign of love, care, emotion, and protection to each other. The practice of this festival is followed by the community of Muslim and Christian people too.

Raksha Bandhan Essay in English 300 Words

Raksha Bandhan is a day for pampering the sister. Another name for Raksha Bandhan is Rakhi festival. rakhi is made up of a thread-like bracelet. Rakhi is present in multicolor. On this occasion sister wakes up early and wears new clothes. Sisters make sweets with their hands sweets from the market and ready Pooja thali with Diya, Kumkum, rice, and special rakhi. The Rakhi is called a holy thread. Sister tie Rakhi to brother feed some sweet and apply tika on their forehead.

In return, the brother gives a gift or pocket money to the sister and takes a pledge promise to protect her from any problem and give her happiness. The Rakhi is very Holy and ties on brothers hand by sister. During these days the family makes some good sweets and invites their colleagues to celebrate this special day at home. Raksha Bandhan is celebrated the bond of love between brother and sister.

On this day, we see families wearing ethnic clothes. We see the market is full of people and full of colorful rakhis. On this day the sister was pampered by her father and mother mostly by her brother. The brother to care of his sister and gives her pocket money for a new dress on this occasion. The festival day is a fun day for brother and sister and along with family. In this way, the rakhi festival is celebrated in every house in our country, and it is a traditional festival for us. It ran from ancient times and the god also celebrated this day in the past.

Raksha Bandhan Essay in English 400 Words

Raksha Bandhan is a famous traditional festival celebrated by Hindus in India. It is also celebrated by Sikhs, Jains, and other communities. It mostly celebrates the area where the people belong to the Western and northern parts of the country. It is also called the Rakhi festival. The important meaning of Raksha Bandhan is the protection of the sister or we can say protection bond. Raksha means ‘protection’ and Bandhan means ‘bond’ overall the Raksha Bandhan means ‘bond of protection’.

On these days sister ties a special band on their brother’s wrist with Pooja thali, Diya, and kumkum, sweet, and in return brother gives a gift to the sister give promises to the sister to protect and love her. The bond between brother and sister is unique and real. Both brother and sister wore new clothes on the festival of Raksha Bandhan. On this occasion, the families cook delicious food, sweet and special dishes for sister and brother. It celebrates the bond of love and caring between brother and sister.

Raksha Bandhan festival is celebrated on the day of the full moon day of the Shravan month in the Hindu calendar. It mostly occurs in August month. It doesn’t matter if you are a kid or an adult brothers and sisters of all ages celebrate Raksha Bandhan. A thread of love ( a bracelet) is tied on to the brother’s wrist by the sister. The Rakhi shows the symbol of security protection and love between brother and sister. Everyone shares sweets and celebrates with the families on this special holiday.

The thread is a simple bracelet but it has a deep meaning about brother and sister love protection and the bond of protection between them. This festival celebrating Raksha Bandhan is from ancient times and has some mythological stories. The word Raksha Bandhan is derived from Sanskrit word which has deep meaning. The origin and the mythology of Raksha Bandhan start from 

RAJA BALI and GODDESS LAKSHMI (Vishnu Purana). This Story is Very Famous. The Raksha Bandhan festival started in ancient times. Raksha Bandhan day is called Shravani or Kajari Purnima in Madhya Pradesh, Jharkhand, Bihar, Chhattisgarh. The Rakhi festival day is celebrated as Pavitropana in Gujarat. Raksha Bandhan is the day where people perform grand Pooja or worship of their God lord Shiva.

Raksha Bandhan Essay in English 500 Words

Rakhi festival is an indication of a sister’s love that stays with brothers continuously. On this day Tasty dishes, sweets, etc are cooked at everyone’s home. Family members and relatives exchange gifts with well wishes. At this festival, the brother goes to the sister’s home to take her for the rakhi festival and the sister ties rakhi to him on Raksha Bandhan and it’s come to the brother’s home for the festival celebration.

What is RAKHI?

Rakhi is a bracelet made up of thread and mixed necklet together. During Raksha Bandhan sisters traditionally tie a special thread called rakhi to their brother’s wrist to celebrate a brother-sister day with full of joy. The Brother promises always to take care of and protect his sister. The Rakhi bracelet is considered a holy bracelet. Rakhi is made up of cotton thread or silk thread. In Indian tradition, the breakup thread Rakhi is considered stronger than an iron chain as it strongly binds brother and sister on the border of mutual love and trust.

Raksha Bandhan Day

On this special day sister wake up early and wear traditional clothes and make some sweet with her hands for her brother. Sister prepares the pooja thali with Kumkum, Diya rice, sweet, and Rakhi. After that sister tied Rakhi to her brother’s wrist and applied a tikka on his forehead and fed sweet to the brother. Brother gives the gift in return to his sister and promises to take care and protect her from every problem. On this day there is a variety of gifts and sweets present in the market. There are different types of Rakhi present in the market like beads, silk, gold, thread, ribbon, silver thread, crystal, and pearls.

Raksha Bandhan’s Famous Story

One of the most famous story of Raksha Bandhan is Krishna and Draupadi from history. Once Krishna’s finger was cut during a fight with Shishupal (an evil king). At that time the Draupadi tore off her saree and wrapped it on Krishna’s finger. Due to this Draupadi’s Sisterly loving acts, Krishna promised to take care and protect her from any difficulty.

What Does Rakha Bandhan Sign To Us?

The rakhi is a holy thread symbol of love between sister and brother. Traditional belief states that it strengthens and protects brother and sister by securing them from danger. That’s why sister and brother pray for each other’s well-being. The interesting fact is that Raksha Bandhan concurs with Yajurveda Upakarma (thread change ceremony), Gayatri Jayanti (Birth Anniversary of God Gayatri), Hayagriva Jayanti( Birth Anniversary of Lord Hayagriva And Lord Vishnu), and Narali Purnima festival.

Meaning of Raksha Bandhan

Raksha Bandhan is made from two words ‘Raksha’ and ‘Bandhan’ and the Raksha word is derived from the Sanskrit word ‘raksika’ which means ‘to protect’ and Bandhan means to ‘tie’. So basically the two-word Raksha Bandhan is defined as tying a rakhi for the protection of a sister.

Importance of Raksha Bandhan Festival 

The main goal of this festival is to build up and strengthen the love bond between brother and sister which have a holy relationship bond. Raksha Bandhan has been celebrated long period we can say from ancient times in Hindu Mythology. Raksha Bandhan is believed celebrated among Gods too.

Raksha Bandhan Essay in English 1000 Words

The celebration of the grand festival tradition of Raksha Bandhan is a celebration of unity. Raksha Bandhan rakhi is the biggest festival celebrated by the Hindu religion all over the world. Raksha Bandhan is the festival of love and full of Joy for brothers and sisters. Rakhi festival mostly happen in area of Northern and western areas of India, but nowadays people are celebrating all over the country the love of brother and sisters. The way festivals are celebrated in India is different, but the motive of the festival is the same to enjoy life happily.

Introduction

In our country, all the states celebrate Raksha Bandhan with various names mostly the northern and western parts of our country which celebrate the biggest festival of brother and sister. Raksha Bandhan has different importance in the coastal and Southern areas. The festival Rakhi is a celebration of the holy bond of love between brother and sister. In western States Maharashtra, Goa, Gujarat, and Karnataka States people celebrate as Narial Purnima. Here Rakhi festival is the beginning of the new season for people who depend on sea business. The festival is also called Shravani or kajari Purnima in Madhya Pradesh, Bihar and Jharkhand.

On this day sister wakes up early and where new clothes and makes a worship plate with Diya, rice, rakhi, and sweets which are made by the sister or the buyer from the market. Various types of Rakhi and sweets are available in the market. The sisters tie rakhi on the brother’s wrist apply Tika on her forehead and feed some sweets with her hand. Also, the brother gives some money to the sister as a gift. in this way the festival happens. And mostly the family where make delicious food at home all are happy in the house.

Meaning Of Rakhi 

In This Era, Rakhi is a simple five-letter word but it has deep meaning. As we grow the bond between siblings or family members is very strong and the Strong bond comes from this rakhi festival. This rakhi is a simple thread-like bracelet but it’s very important in our life it has deep love, care, and deep meaning across siblings and families.

Why do we Celebrate Raksha Bandhan?

It has another level of happiness around people. During this day get holidays from school and college. This Festival Brings happiness to families and in our surroundings. The deep meaning of Raksha Bandhan is ‘Raksha’ means ‘Protection’ and Bandha means ‘Bond’ It’s overall called a Bond of Protection or Bond of love between siblings and family members. This special day is only celebrated for happiness and to grow love, caring, and the paratha from ancient times.

Why do we call Raksha Bandhan a Love Bond Between Brother and Sister?

As we know this festival has been run since ancient times and God also Celebrate this festival. The reason behind what we call the ‘Bond Of Protection’ is we grow from childhood to adult The bond between siblings is unique and as we grow up the love bond, and caring bond is increased, and helping each other in every situation is the first priority of both siblings. This Bond is never broken bond and have increasing level of love between brother and sister. This festival brings smiles on siblings or family members and to our country’s people too. Raksha Bandhan is a precious bond between brother and sister.

Origins of Raksha Bandhan Festival

The most important story of Lord Krishna and Draupadi. The story starts when Lord Krishna cuts sugarcane for God, then accidentally gets hurt by a knife on his finger and blood is out from his finger. Seeing this, Rani Rukmani ordered some cloth for the wound on Krishna’s finger, and in the same place Draupadi also preset. When Drupadi saw that Lord Krishna was bleeding with a finger, immediately tore a piece of saree and tied it on Krishna’s blooding finger. seeing this Krishna took a pledge to protect her from every problem.

After many years Draupadi is in trouble or we can say in a problem when Kauravas try to insult and strip her clothes Our Lord Krishna helps her to save her respect and life. This is a mythological story on Raksha Bandhan. This festival has been run since ancient times and its motive is to spread unity and oneness among the people belonging to various religious communities.

What is Rakhi Called Or Meaning of Rakhi on Raksha Bandhan?

Rakhi is a thread-like bracelet that is made by a sister or she buys this holy bracelet from the market. During this special day on the Raksha Bandhan festival, a sister ties a holy or sacred rakhi to his brother on her right wrist feeds sweet from her hand, and does pooja of her brother with Pooja thali with a tilak on the forehead of the brother. In return brother gives a gift of chocolate to his sister and promises to take care of her and and please for protecting her from every 

Food served on Raksha Bandhan

As we know Indian Festival, Celebration and Food Go Hand-in-Hand From Ancient time. Here are some popular dishes we can see at the Rakhi festival.

1)Kheer: It is the dish that we can see all people make this dish on every occasion. the people of the country make this dish to serve with this celebration. it is rich in milk and special ‘sevya’ and some sweet to better taste.

2)Moong Daal Halwa: It is the 2nd special dish to be served with this celebration. It is rich in ‘ghee’ or ‘Dalda’. It is made from moong daal moong daal is grind with special equipment from in fine powder and made from ‘Ghee.

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    Essay on Raksha Bandhan in Hindi - रक्षा बंधन पर निबंध - इस निबंध में हम रक्षा-बंधन के बारे में विस्तार-पूर्वक जानेंगे। रक्षा-बंधन भारत के प्रसिद्ध ...

  12. रक्षाबंधन पर निबंध 2023

    रक्षाबंधन पर निबंध हिंदी में (Short and Long Essay on Raksha Bandhan in Hindi, Raksha Bandhan par Nibandh Hindi mein, Long Essay on Raksha Bandhan)

  13. Raksha Bandhan Essay

    Below is given one extended essay on the topic, consisting of 400-500 words. Two short essays on Raksha Bandhan are also provided, comprising 100-150 words. Students can get a Paragraph on Raksha Bandhan of 100, 150, 200, 250 Words from here. Long Essay on Raksha Bandhan in English 500 words

  14. Essay on Raksha Bandhan: 150-250, 300-1000 words for Students

    Essay on Raksha Bandhan in 500-1000 words; Essay on Raksha Bandhan in 150-200 words. Raksha Bandhan is a popular Hindu festival celebrated in India and other parts of the world. The term "Raksha Bandhan" translates to "bond of protection." It is a joyous occasion that strengthens the bond between brothers and sisters. The festival is ...

  15. रक्षा बंधन (राखी ) पर निबंध

    Short Essay / Nibandh on Raksha Bandhan in Hindi in [250 Words] l Raksha Bandhan Par Anuched l Rakhi Par Anuched. परिचय : यह रक्षा बंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।पूरे भारत में इस ...

  16. रक्षाबंधन पर निबंध

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  17. Raksha Bandhan Essay in 150 words, 500 Words & 10 Lines

    Raksha Bandhan Essay in 150 words. The Raksha Bandhan essay is a brief yet insightful piece that captures the essence of the beloved Indian festival. It highlights the festival's significance in celebrating the bond between brothers and sisters through the tradition of tying Rakhis (sacred threads) and exchanging gifts.

  18. Paragraph on Raksha Bandhan 100, 150, 200, 250 to 300 Words for Kids

    Paragraph on Raksha Bandhan - 150 Words for Classes 4, 5 Children. Raksha Bandhan is an Indian festival celebrated famously in the religion of Hinduism. This festival earmarks harmony and peace among the different religions in India. During British Raj, Rabindranath Tagore sought the medium of rakhi to cease the partition of Bengal.

  19. Raksha Bandhan Essay for School Students

    500+ Words Raksha Bandhan Essay. Raksha Bandhan is a festival which celebrates the bond of a brother and sister. This festival is celebrated in the Hindu religion. It is one of their most important festivals. In addition, sisters and brothers wait eagerly for it all round the year. People celebrate it with abundant zeal and enthusiasm in India.

  20. Raksha Bandhan Essay

    Raksha Bandhan Essay: Immerse yourself in the heartwarming traditions of Raksha Bandhan with this insightful essay. Explore the significance of this Hindu. ... Raksha Bandhan Essay - 150, 500, 1000 Words & 10 Lines. November 29, 2023 by Sample Essay. Raksha Bandhan Essay: ...

  21. Essay on Raksha Bandhan in Hindi रक्षाबंधन पर निबंध

    Essay on Raksha Bandhan in Hindi 200 Words. रक्षाबंधन हिन्दुओं का मनाये जाने वाले एक प्रसिद्व त्यौहार है। 'रक्षा' का मतलब है 'सुरक्षा' और 'बंधन' का मतलब 'बाध्य' होता है। यह ...

  22. Essay on raksha bandhan in hindi in 150 words

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  23. Raksha Bandhan Essay in English, 100, 150, 200, 300, 500, 1000 Words

    Raksha Bandhan Essay in English 150 Words. Raksha Bandhan is one of the specific occasion in India. It is an important festival in Hindu Religion. Raksha Bandhan is a famous festival that marks the importance of the brothers and sisters' bond. This festival falls on the full moon day in August every year. On this day, Sisters pray for the ...